धनबाद में बमबारी। झारखंड के धनबाद जिले में रविवार रात उस समय सनसनी फैल गई, जब झरिया विधानसभा क्षेत्र की भाजपा विधायक रागिनी सिंह के आवास ‘सिंह मेंशन’ पर अज्ञात अपराधियों ने बम से हमला कर दिया। यह घटना सरायढेला थाना क्षेत्र के स्टील गेट इलाके की है, जहां रात करीब 11:20 बजे बाइक पर सवार दो बदमाशों ने एक के बाद एक दो सुतली बम फेंककर इलाके में दहशत फैला दी। धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग सहम गए और पूरे क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया।
रात के सन्नाटे में धमाकों से कांपा इलाका
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पहला सुतली बम सिंह मेंशन के मुख्य गेट के अंदर फेंका गया, जबकि दूसरा बम गेट के बाहर सड़क पर पटका गया। दोनों धमाकों के बाद क्षेत्र में जोरदार आवाज गूंजी, जिससे आसपास के घरों में रहने वाले लोग घबराकर बाहर निकल आए। घटना के समय पूरा इलाका लगभग शांत था, ऐसे में धमाकों ने लोगों में भय और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी।
सुरक्षा गार्ड और परिवार तुरंत हुए सतर्क
घटना के तुरंत बाद विधायक आवास पर तैनात सुरक्षा गार्ड हरकत में आ गए। गार्डों ने पूरे परिसर को सुरक्षित करते हुए किसी भी अनहोनी की आशंका को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी। विधायक के परिवार के सदस्य भी घर से बाहर आए और पूरे परिसर की बारीकी से जांच की गई। राहत की बात यह रही कि इस हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन हमले के बाद से परिवार और स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।
पुलिस प्रशासन में मचा हड़कंप
घटना की सूचना मिलते ही सरायढेला थाना पुलिस सक्रिय हो गई। कुछ ही देर में सिटी एसपी ऋतिक श्रीवास्तव और ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। एहतियातन पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी मौके पर बुलाया। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने सिंह मेंशन के मुख्य गेट के अंदर और बाहर से बम विस्फोट के अवशेष एकत्र किए। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि हमले में सुतली बम का इस्तेमाल किया गया था। जब्त किए गए साक्ष्यों को विस्तृत जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बम किस तरह का था और इसे किसने तैयार किया।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। प्रारंभिक फुटेज में बाइक पर सवार दो संदिग्ध व्यक्ति नजर आ रहे हैं, जो घटना को अंजाम देने के बाद तेज गति से फरार होते दिखाई देते हैं। हालांकि अंधेरा होने और दूरी अधिक होने के कारण फिलहाल उनकी पहचान स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस तकनीकी टीम की मदद से फुटेज को और साफ करने की कोशिश कर रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।
राजनीतिक साजिश की आशंका से इनकार नहीं
इस हमले के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। चूंकि मामला एक जनप्रतिनिधि के आवास से जुड़ा है, ऐसे में राजनीतिक साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं यह हमला किसी व्यक्तिगत रंजिश, राजनीतिक विरोध या आपराधिक धमकी का परिणाम तो नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा।
इलाके में दहशत, लोग सहमे
घटना के बाद स्टील गेट और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात में इस तरह की घटना से उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। कई लोगों ने मांग की है कि इलाके में नियमित गश्त बढ़ाई जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाए।
पुलिस का दावा: जल्द होगी गिरफ्तारी
पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास जारी है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
इस बमबारी की घटना ने एक बार फिर धनबाद जिले की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जनप्रतिनिधियों के आवास तक अपराधियों का पहुंचना और बम से हमला करना पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने की आवश्यकता है।
जांच जारी, इलाके में सतर्कता बरकरार
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात हैं और हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने तक सतर्कता बनाए रखी जाएगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।




