बरही ज्वेलर्स लूट कांड : हजारीबाग जिले के बरही थाना क्षेत्र में नवंबर 2025 में हुई सनसनीखेज ज्वेलर्स लूट की घटना का पुलिस ने सफल उद्भेदन कर लिया है। हजारीबाग पुलिस ने इस कांड में फरार चल रहे एक कुख्यात अभियुक्त को गिरफ्तार करते हुए लूटे गए आभूषण, हथियार और वारदात में प्रयुक्त वाहन पहले ही बरामद कर लिए थे। ताज़ा गिरफ्तारी के साथ ही यह मामला निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है।
क्या है पूरा मामला
दिनांक 16 नवंबर 2025 की रात करीब 09:00 बजे, बरही चौक के समीप स्थित जय माता दी ज्वेलर्स में लूट की गंभीर घटना घटी। दुकान संचालक सुरेंद्र कुमार जब नए और पुराने सोने-चांदी के आभूषण चार बैगों में भरकर अपनी कार में रख रहे थे, तभी दो मोटरसाइकिलों पर सवार सशस्त्र अपराधियों ने अचानक हमला कर दिया। अपराधियों ने कार का शीशा तोड़कर चारों बैग लूट लिए और मौके से फरार होते समय दो राउंड फायरिंग भी की।
घटना के बाद वादी के आवेदन पर बरही थाना कांड संख्या-439/25 (दिनांक 17.11.2025) दर्ज किया गया। प्राथमिकी में धारा 309(4) भा०-या०-सं० तथा 27 आर्म्स एक्ट के तहत चार अज्ञात अपराधियों को नामजद किया गया।
SIT का गठन और 24 घंटे में खुलासा
कांड की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बरही के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। SIT ने गुप्त सूचना, तकनीकी साक्ष्य और CCTV फुटेज के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर मामले का सफल उद्भेदन कर लिया। इस दौरान लूटे गए आभूषण, घटना में प्रयुक्त हथियार और वाहन बरामद किए गए तथा कई अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
पहले गिरफ्तार अभियुक्त
पूर्व की छापामारी में जिन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, उनके नाम इस प्रकार हैं—
- इन्द्रराज चौधरी (मायापुर, इटखोरी, चतरा)
- रौशन यादव (गंगटी, शेरघाटी, गया—बिहार)
- धनंजय चौधरी उर्फ छोटू (लेम्बोईया, रौशनगंज, गया—बिहार)
- टोलू उर्फ अभिषेक सिंह (पड़रिया, धनगाई, गया—बिहार)
इनकी गिरफ्तारी से लूट नेटवर्क की परतें खुलीं और गिरोह की कार्यप्रणाली सामने आई।
फरार अभियुक्त की ताज़ा गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, घटना में शामिल दो अभियुक्त फरार चल रहे थे। इसी क्रम में 04 फरवरी 2026 को छापामारी के दौरान रामाशीष चौधरी (पिता—स्व. रघु चौधरी, निवासी—बनाही, थाना—आमस, जिला—गया, बिहार) को दुर्घटना में घायल अवस्था में उसके घर पर इलाज कराते समय विधिवत गिरफ्तार किया गया।
आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार अभियुक्त रामाशीष चौधरी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है—
- आमस थाना कांड संख्या 94/05: धारा 392 भा०द०वि०
- आमस थाना कांड संख्या 75/08: धारा 341/323/307/379/50/34 भा०द०वि० एवं 27 आर्म्स एक्ट
- आमस थाना कांड संख्या 43/12: धारा 147/148/149/341/324/326/327/307/504/506 भा०द०वि०
यह रिकॉर्ड दर्शाता है कि अभियुक्त लंबे समय से संगठित अपराध में संलिप्त रहा है।
छापामारी दल की भूमिका
इस कार्रवाई में पु०अ०नि० मृत्युंजय कुमार, पु०अ०नि० सौरभ कुमार, आ०/160 नीरज कुमार सिंह सहित थाना सशस्त्र बल के जवानों की अहम भूमिका रही। टीमवर्क, तकनीकी निगरानी और तेज़ फील्ड-एक्शन की वजह से पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली।
पुलिस का बयान
हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक ने कहा कि घटना में शामिल अन्य अपराधियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापामारी जारी है। शेष अभियुक्तों को भी शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
कानून-व्यवस्था पर असर
इस उद्भेदन से बरही और आसपास के इलाकों में व्यापारियों का भरोसा मजबूत हुआ है। ज्वेलर्स जैसी संवेदनशील दुकानों के लिए पुलिस ने सुरक्षा सलाह भी जारी की है—जैसे CCTV की गुणवत्ता बढ़ाना, कैश/आभूषण के परिवहन में सुरक्षा गार्ड रखना और देर रात गतिविधियों में सावधानी बरतना।




