जीरा उरांव की दर्दनाक मौत : झारखंड की राजधानी रांची से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। रांची जिले के रातू प्रखंड अंतर्गत मुरगु क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-75 (NH-75) पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में मुरगु पंचायत के मुखिया जीरा उरांव की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है, वहीं स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश भी देखने को मिला।
तेज रफ्तार कार ने मारी जोरदार टक्कर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुरगु पंचायत के मुखिया जीरा उरांव अपने मोटरसाइकिल से कहीं जा रहे थे। इसी दौरान NH-75 पर एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि जीरा उरांव सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें संभालने की कोशिश की, लेकिन सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार की रफ्तार काफी अधिक थी और चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण यह हादसा हुआ। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार होने की कोशिश करता बताया जा रहा है, हालांकि इस संबंध में पुलिस की ओर से जांच जारी है।
मौके पर मची अफरा-तफरी
हादसे की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल पर जमा हो गए। देखते ही देखते NH-75 पर लोगों की भीड़ लग गई और सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने सड़क पर आगजनी कर विरोध जताया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
ग्रामीणों का कहना था कि NH-75 पर लगातार हो रहे सड़क हादसों के बावजूद प्रशासन और संबंधित विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। तेज रफ्तार वाहन, भारी ट्रैफिक और पर्याप्त सुरक्षा उपायों की कमी के कारण आए दिन लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं।
आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सड़क जाम
मुखिया जीरा उरांव की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने NH-75 को पूरी तरह जाम कर दिया। सड़क जाम के कारण रांची और आसपास के इलाकों को जोड़ने वाला यह मुख्य मार्ग कुछ समय तक पूरी तरह ठप रहा। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों की मांग थी कि मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए, दोषी वाहन चालक की तत्काल गिरफ्तारी हो और NH-75 पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। ग्रामीण यह भी मांग कर रहे थे कि इस मार्ग पर स्पीड ब्रेकर, ट्रैफिक साइन और पुलिस की नियमित गश्त सुनिश्चित की जाए।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात को काबू में करने का प्रयास शुरू किया। पुलिस ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर सड़क जाम हटाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत और बातचीत के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई और यातायात बहाल किया गया।
पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, कार चालक की तलाश के लिए आसपास के इलाकों में छापेमारी शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जनप्रतिनिधि की मौत से क्षेत्र में शोक
मुरगु पंचायत के मुखिया जीरा उरांव की मौत से पूरे पंचायत क्षेत्र में शोक की लहर है। जीरा उरांव एक लोकप्रिय जनप्रतिनिधि थे और क्षेत्र के विकास कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका रही थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे हमेशा आम जनता की समस्याओं को लेकर आवाज उठाते थे और गरीबों के लिए संघर्ष करते थे।
उनकी असामयिक मृत्यु से न केवल पंचायत बल्कि पूरे क्षेत्र को अपूरणीय क्षति पहुंची है। ग्रामीणों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है।
NH-75 पर बढ़ते हादसे चिंता का विषय
यह हादसा एक बार फिर NH-75 पर बढ़ते सड़क हादसों की ओर ध्यान आकर्षित करता है। यह मार्ग रांची को कई महत्वपूर्ण जिलों और राज्यों से जोड़ता है, जिस पर दिन-रात भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। तेज रफ्तार, ओवरटेकिंग, सड़क किनारे पर्याप्त लाइटिंग की कमी और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी के कारण यहां हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन से इस मार्ग पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। नतीजा यह है कि निर्दोष लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।
प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग
ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि NH-75 को दुर्घटना मुक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। इसमें स्पीड लिमिट का सख्ती से पालन, नियमित ट्रैफिक चेकिंग, सीसीटीवी कैमरे, स्पीड ब्रेकर और जागरूकता अभियान शामिल हैं।
इसके साथ ही मृतक मुखिया जीरा उरांव के परिजनों को सरकारी मुआवजा और एक सदस्य को रोजगार देने की भी मांग की जा रही है।
निष्कर्ष
रांची के रातू प्रखंड में NH-75 पर हुआ यह दर्दनाक सड़क हादसा न केवल एक परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए गहरा आघात है। मुरगु पंचायत के मुखिया जीरा उरांव की मौत ने प्रशासनिक व्यवस्था और सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस घटना से सबक लेकर भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए कितनी गंभीरता दिखाता है।




