रांची, झारखंड | 6 फरवरी 2026
Ranchi Civil Court Bomb Threat : राजधानी रांची में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब रांची सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली। यह धमकी कोर्ट के आधिकारिक ई-मेल आईडी पर भेजी गई, जिसके बाद पूरे कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया और कोर्ट परिसर को पूरी तरह से सील कर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया।
कोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा, हर गतिविधि पर नजर
बम की धमकी मिलते ही झारखंड पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। कोर्ट परिसर के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड और क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को मौके पर बुलाया गया। कोर्ट में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सघन जांच की गई और बिना जांच किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
ई-मेल से मिली धमकी, साइबर सेल जांच में जुटी
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि धमकी भरा संदेश ई-मेल के माध्यम से भेजा गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की साइबर सेल को जांच में लगाया गया है। ई-मेल की तकनीकी जांच, IP एड्रेस ट्रैकिंग और सर्वर डिटेल्स खंगाली जा रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमकी किसने और कहां से भेजी।
बिहार से जुड़े तार, पहले भी भेजी गई थीं धमकियां
जांच के दौरान एक अहम खुलासा हुआ है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिस ई-मेल आईडी से रांची सिविल कोर्ट को धमकी दी गई है, उसी ई-मेल आईडी से पहले बिहार के कुछ जिलों में भी इसी तरह की धमकी भेजी जा चुकी है। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि यह किसी शरारती तत्व या संगठित गिरोह द्वारा फैलाया गया डर का माहौल हो सकता है।
अब तक कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं
लंबे समय तक चली तलाशी के बावजूद फिलहाल कोर्ट परिसर से कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि जब तक पूरी तरह से संतुष्टि नहीं हो जाती, तब तक सतर्कता में कोई कमी नहीं बरती जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां हर संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही हैं।
वकीलों और कर्मचारियों में चिंता
इस घटना के बाद कोर्ट में काम करने वाले वकीलों, कर्मचारियों और आम लोगों में दहशत का माहौल है। कई अधिवक्ताओं ने न्यायिक परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। वहीं, प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
अंतरराज्यीय समन्वय से जांच तेज
झारखंड पुलिस ने इस मामले में बिहार पुलिस से भी संपर्क साधा है। दोनों राज्यों की पुलिस मिलकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं यह मामला फर्जी धमकी (Hoax Threat) तो नहीं, या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और कोर्ट परिसर सुरक्षित है। आम लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
डिस्क्लेमर:
यह खबर प्रारंभिक जानकारी और आधिकारिक सूत्रों पर आधारित है। जांच पूरी होने के बाद तथ्य बदल सकते हैं। हम अपने पाठकों को सटीक और प्रमाणित जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।




