Sunday, 15 March 2026
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NHM झारखंड में 298 संविदा नियुक्तियों में अनियमितता, पूरी प्रक्रिया रद्द, जांच के आदेश | Jharkhand News | Bhaiyajii News

NHM झारखंड संविदा नियुक्ति घोटाला: | Jharkhand News | Bhaiyajii News

NHM झारखंड संविदा नियुक्ति घोटाला : झारखंड में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत की गई 298 संविदा नियुक्तियों में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। मामला उजागर होने के बाद राज्य सरकार ने पूरी नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द कर दिया है और साथ ही उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। इस फैसले से राज्य की सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।यह मामला सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग, मुख्यमंत्री सचिवालय और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

क्या है पूरा मामला?

NHM झारखंड द्वारा वर्ष 2025 में विभिन्न पदों पर 298 संविदा नियुक्तियों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। यह नियुक्तियां राज्य के विभिन्न जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से की जानी थीं। लेकिन चयन प्रक्रिया के दौरान कई स्तरों पर नियमों के उल्लंघन और मनमानी के आरोप लगे।शिकायतों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि चयन प्रक्रिया न तो पारदर्शी थी और न ही निष्पक्ष, जिसके चलते सरकार को पूरी प्रक्रिया रद्द करने का निर्णय लेना पड़ा।

किन पदों पर होनी थी नियुक्ति?

इस भर्ती प्रक्रिया के तहत निम्न पदों पर संविदा नियुक्ति प्रस्तावित थी:

  • वरिष्ठ अस्पताल प्रबंधक – 39 पद
  • अस्पताल प्रबंधक – 201 पद
  • वित्तीय प्रबंधक – 29 पद
  • आईटी एग्जीक्यूटिव – 29 पद

इन पदों के लिए ₹41,000 से ₹60,000 तक मासिक मानदेय निर्धारित किया गया था, जिससे बड़ी संख्या में योग्य उम्मीदवारों ने आवेदन किया था।

कब और कहां शुरू हुई गड़बड़ी?

NHM ने 20 जून 2025 को भर्ती से संबंधित विज्ञापन जारी किया था। चयन प्रक्रिया मुख्य रूप से रांची सहित राज्य के विभिन्न जिलों के लिए की जा रही थी।जैसे-जैसे चयन सूची सामने आती गई, उम्मीदवारों ने अनियमितताओं की शिकायतें दर्ज करानी शुरू कीं। खासकर अस्पताल प्रबंधक पद को लेकर सबसे अधिक सवाल उठे।

क्या-क्या अनियमितताएं सामने आईं?

शिकायतों और प्रारंभिक जांच में कई गंभीर खामियां सामने आईं, जिनमें प्रमुख हैं:

  • योग्य उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट नहीं किया गया
  • आवश्यक शैक्षणिक योग्यता और अनुभव न रखने वाले उम्मीदवारों का चयन
  • अस्पताल प्रबंधक पद की सूची में 29 अयोग्य अभ्यर्थियों का शामिल होना
  • दस्तावेज़ पुनः जमा करने के लिए बेहद कम समय देना
  • वॉक-इन इंटरव्यू से ठीक पहले नियमों में बदलाव

इन तथ्यों ने यह संकेत दिया कि चयन प्रक्रिया में पूर्वनियोजित गड़बड़ी या प्रशासनिक लापरवाही हो सकती है।

सरकार ने क्या कार्रवाई की?

शिकायतें सामने आने के बाद मामला अपर मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री सचिवालय तक पहुंचा। इसके बाद:

  • पूरी भर्ती प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया
  • स्वास्थ्य विभाग से स्पष्टीकरण तलब किया गया
  • जिम्मेदार अधिकारियों और चयन समिति की भूमिका की जांच के आदेश दिए गए

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में दोष सिद्ध होता है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उम्मीदवारों पर क्या असर पड़ेगा?

इस फैसले से हजारों अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं।

योग्य उम्मीदवारों के लिए

  • जिन उम्मीदवारों को गलत तरीके से बाहर किया गया था, उन्हें अब न्याय की उम्मीद जगी है
  • भविष्य में नई, पारदर्शी प्रक्रिया की संभावना बनी है

चयनित उम्मीदवारों के लिए

  • जिनका नाम अस्थायी सूची में था, उनकी नियुक्ति अब अमान्य हो गई है
  • सभी को नई प्रक्रिया का इंतजार करना होगा

स्वास्थ्य व्यवस्था पर प्रभाव

NHM के तहत नियुक्त ये पद जिला और प्रखंड स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाते हैं। भर्ती प्रक्रिया रद्द होने से:

  • कई जिलों में स्वास्थ्य प्रबंधन प्रभावित हो सकता है
  • पहले से स्टाफ की कमी से जूझ रहे अस्पतालों पर दबाव बढ़ेगा
  • सरकार को जल्द नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करनी होगी

विशेषज्ञों की राय

स्वास्थ्य प्रशासन से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि:

“NHM जैसी योजनाओं में संविदा नियुक्तियां बेहद संवेदनशील होती हैं। यदि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं होगी, तो इसका सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर पड़ेगा।”

विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि भविष्य में भर्ती के लिए डिजिटल ट्रैकिंग, स्वतंत्र चयन समिति और समयबद्ध प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।

आगे क्या?

अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। जांच के बाद:

  • दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई संभव
  • भर्ती नियमों में संशोधन किया जा सकता है
  • जल्द ही नई नियुक्ति प्रक्रिया का विज्ञापन जारी होने की संभावना

सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि अगली प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप होगी।

निष्कर्ष

NHM झारखंड में 298 संविदा नियुक्तियों का मामला केवल एक भर्ती रद्द होने का नहीं, बल्कि यह सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता, जवाबदेही और विश्वास से जुड़ा बड़ा मुद्दा है। यदि इस मामले में निष्पक्ष जांच और ठोस कार्रवाई होती है, तो यह भविष्य की भर्तियों के लिए एक मिसाल बन सकता है।

अस्वीकरण

यह समाचार/लेख विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारियों पर आधारित है। इसमें व्यक्त किए गए तथ्य संबंधित समाचार स्रोतों से प्राप्त विवरणों पर आधारित हैं। इस लेख का उद्देश्य केवल पाठकों तक सूचना पहुँचाना है, न कि किसी व्यक्ति, संस्था या विभाग की छवि को ठेस पहुँचाना।यदि किसी तथ्य में त्रुटि हो या कोई पक्ष अपना स्पष्टीकरण देना चाहता हो, तो वह संबंधित दस्तावेज़ों के साथ हमसे संपर्क कर सकता है। समाचार में उल्लिखित आरोप जांच के अधीन हैं और अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।

Manish Singh Chandel

About Author

Manish Singh Chandel रांची और झारखंड से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग करने वाले एक अनुभवी पत्रकार हैं। वे Bhaiyajii News में मुख्य संवाददाता (Chief Reporter) के रूप में कार्यरत हैं और राज्य से जुड़े प्रशासनिक, सामाजिक, शैक्षणिक, रोजगार, कानून व्यवस्था और जनहित के मुद्दों पर नियमित रूप से तथ्यात्मक और ज़मीनी रिपोर्टिंग करते हैं। स्थानीय खबरों की गहरी समझ और तेज़ रिपोर्टिंग के लिए जाने जाने वाले मनीष सिंह चंदेल रांची एवं झारखंड के विभिन्न इलाकों से सामने आने वाली घटनाओं, सरकारी फैसलों और नागरिक समस्याओं को प्राथमिकता के साथ कवर करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य आम जनता तक सटीक, निष्पक्ष और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है। बतौर मुख्य संवाददाता, वे ब्रेकिंग न्यूज़, फॉलो-अप रिपोर्ट, व्याख्यात्मक लेख (Explainables) और जनहित से जुड़ी विशेष रिपोर्ट्स पर काम करते हैं। प्रशासनिक सूत्रों, स्थानीय अधिकारियों और ज़मीनी स्तर की जानकारी के आधार पर तैयार की गई उनकी खबरें पाठकों के बीच विश्वसनीयता के लिए जानी जाती हैं। Manish Singh Chandel मानते हैं कि स्थानीय पत्रकारिता लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी होती है। इसी सोच के साथ वे रांची और झारखंड के नागरिक मुद्दों, विकास कार्यों, शिक्षा एवं रोजगार से जुड़ी सूचनाओं को सरल भाषा में प्रस्तुत करते हैं, ताकि हर वर्ग तक खबर की सही जानकारी पहुँच सके। Bhaiyajii News के साथ उनकी भूमिका सिर्फ खबरें प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे संपादकीय मानकों, तथ्य-जांच और समयबद्ध रिपोर्टिंग को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी निभाते हैं।

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