गोड्डा पुलिस कार्रवाई :गोड्डा जिले में लगातार बढ़ रही मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं के बीच पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। ठाकुरगंगटी थाना क्षेत्र में सक्रिय एक संगठित मोटरसाइकिल चोरी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने चार चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं और गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई न सिर्फ चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने की दिशा में अहम मानी जा रही है, बल्कि आम लोगों में पुलिस के प्रति भरोसा भी मजबूत करती है।
परासी चौक से चोरी हुई अपाचे बाइक से खुला मामला
इस पूरे मामले की शुरुआत 11 फरवरी 2026 को हुई, जब स्थानीय निवासी राहुल कुमार झा की टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल (रजिस्ट्रेशन नंबर JH18M4650) परासी चौक से चोरी हो गई। पीड़ित द्वारा तत्काल इसकी सूचना ठाकुरगंगटी थाना को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए थाना कांड संख्या 08/2026 अंकित किया।
चोरी की घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल था, क्योंकि परासी चौक एक व्यस्त इलाका है और यहां से वाहन चोरी होना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित हुआ विशेष छापामारी दल
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। इस टीम को निर्देश दिया गया कि चोरी की घटना का हर पहलू से गहन अनुसंधान किया जाए और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
छापामारी दल ने सबसे पहले घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। फुटेज के सूक्ष्म विश्लेषण के दौरान कुछ संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं, जिससे पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सुराग मिले।
पूछताछ में हुआ बड़े गिरोह का खुलासा
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मो. सफीक मंसुर उर्फ कैला को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि वह अपने साथी सोहित कुमार यादव और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के साथ मिलकर मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था।
आरोपियों ने बताया कि वे खासतौर पर ठाकुरगंगटी, मेहरामा और बोआरीजोर क्षेत्रों के हटिया बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाते थे। चोरी के बाद मोटरसाइकिलों को कम दामों में बेच दिया जाता था, जिससे गिरोह को जल्दी नकद पैसा मिल सके।
चार चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभिन्न मामलों में चोरी गई कुल चार मोटरसाइकिलें बरामद कीं। बरामद वाहनों में शामिल हैं—
- टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल (रजिस्ट्रेशन नंबर JH18M4650)
- होंडा एसपी मोटरसाइकिल (बिना नंबर प्लेट)
- हीरो सुपर स्प्लेंडर (काले रंग की, बिना नंबर प्लेट)
- हीरो स्प्लेंडर प्लस (काले रंग की, बिना नंबर प्लेट)
पुलिस के अनुसार, ये सभी वाहन अलग-अलग स्थानों से चोरी किए गए थे और इनके मालिकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
दो आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
इस मामले में पुलिस ने जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम और पते इस प्रकार हैं—
- मो. सफीक मंसुर उर्फ कैला, उम्र 30 वर्ष, पिता – गुलाम रसुल मंसुर, निवासी रूंजी, थाना ठाकुरगंगटी, जिला गोड्डा
- सोहित कुमार यादव, पिता – उमेश यादव, निवासी बस्ता, थाना ठाकुरगंगटी, जिला गोड्डा
पुलिस ने दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापामारी की जा रही है।
छापामारी दल की सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में ठाकुरगंगटी थाना पुलिस की टीम ने सराहनीय भूमिका निभाई। छापामारी दल में शामिल पुलिस पदाधिकारी और कर्मी इस प्रकार हैं—
- पु.अ.नि. राजन कुमार राम, थाना प्रभारी, ठाकुरगंगटी
- पु.अ.नि. अमन कुमार, ठाकुरगंगटी थाना
- पु.अ.नि. अशोक शर्मा, ठाकुरगंगटी थाना
- सशस्त्र बल, ठाकुरगंगटी थाना
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि टीमवर्क और तकनीकी साक्ष्यों के सही उपयोग के कारण इस गिरोह तक पहुंचना संभव हो सका।
आम जनता से सतर्क रहने की अपील
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें, सार्वजनिक स्थानों पर वाहन पार्क करते समय लॉकिंग सिस्टम का विशेष ध्यान रखें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
निष्कर्ष
ठाकुरगंगटी थाना पुलिस की यह कार्रवाई गोड्डा जिले में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मोटरसाइकिल चोरी जैसे संगठित अपराध पर सख्ती से कार्रवाई कर पुलिस ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस गिरोह के पूरे नेटवर्क के उजागर होने की उम्मीद है।
डिस्क्लेमर:
यह समाचार पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित है। सभी आरोपी कानून की नजर में तब तक निर्दोष माने जाते हैं, जब तक न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध न हो।


