झारखंड विधानसभा बजट सत्र 2026 : झारखंड की राजधानी रांची में षष्ठम झारखंड विधानसभा के पंचम (बजट) सत्र को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं। सत्र की शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित कार्यवाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची और अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था), रांची के संयुक्त आदेश के तहत झारखंड विधानसभा (नया विधानसभा) परिसर के 750 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। यह निषेधाज्ञा 18 फरवरी 2026 की सुबह 08:00 बजे से 19 मार्च 2026 की रात 10:00 बजे तक प्रभावी रहेगी।
बजट सत्र की अवधि और प्रशासनिक तैयारी
झारखंड विधानसभा का पंचम (बजट) सत्र 18 फरवरी 2026 से 19 मार्च 2026 तक आहूत किया गया है। बजट सत्र के दौरान राज्य की वित्तीय स्थिति, विकास योजनाओं, विभागीय बजट और नीतिगत फैसलों पर चर्चा होती है। इस अवधि में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, मीडिया और अन्य संबंधित पक्षों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अप्रिय स्थिति से बचने के लिए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए निषेधाज्ञा लागू की है।
निषेधाज्ञा का कानूनी आधार
अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, रांची द्वारा बीएनएसएस (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह निषेधाज्ञा जारी की गई है। इसका उद्देश्य विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना, कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित करना और किसी भी प्रकार की अशांति को रोकना है।
हालांकि, इस आदेश के तहत माननीय उच्च न्यायालय, झारखंड, रांची को निषेधाज्ञा के दायरे से बाहर रखा गया है।
निषेधाज्ञा के तहत प्रमुख प्रतिबंध
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में निम्नलिखित गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा:
- पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों का एकत्र होना
सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारी/कर्मचारी, सरकारी कार्यक्रम और शवयात्रा को छोड़कर किसी भी स्थिति में पाँच या उससे अधिक व्यक्तियों का एक स्थान पर जमा होना प्रतिबंधित रहेगा। - अस्त्र-शस्त्र लेकर चलने पर रोक
किसी भी प्रकार के आग्नेयास्त्र जैसे बंदूक, राइफल, रिवॉल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना निषिद्ध रहेगा। यह प्रतिबंध सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। - हरवे हथियारों पर प्रतिबंध
लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा, भाला जैसे हरवे हथियार लेकर चलने पर भी रोक रहेगी, सिवाय उन सरकारी कर्मियों के जो ड्यूटी पर तैनात हों। - धरना-प्रदर्शन और जुलूस पर पूर्ण रोक
किसी भी प्रकार का धरना, प्रदर्शन, घेराव, जुलूस, रैली या आम सभा आयोजित नहीं की जा सकेगी। - ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग प्रतिबंधित
लाउडस्पीकर या किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग निषिद्ध रहेगा, केवल सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों को इससे छूट दी गई है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन का पक्ष
जिला प्रशासन का कहना है कि बजट सत्र के दौरान बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी रांची में मौजूद रहते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। निषेधाज्ञा का उद्देश्य आम जनता को असुविधा में डालना नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना है ताकि विधानसभा की कार्यवाही बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।
आम जनता से अपील
प्रशासन ने रांचीवासियों से अपील की है कि वे निषेधाज्ञा के प्रावधानों का पालन करें और सहयोग बनाए रखें। किसी भी प्रकार के उल्लंघन की स्थिति में विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
जनता की सुविधा और शिकायतों के समाधान के लिए रांची जिला प्रशासन का आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर “अबुआ साथी – 9430328080” भी सक्रिय रखा गया है, जहाँ लोग अपनी शिकायतें या सुझाव दर्ज करा सकते हैं।
निषेधाज्ञा का प्रभाव
इस अवधि के दौरान विधानसभा क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोगों, संगठनों और राजनीतिक दलों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी। किसी भी प्रकार का आयोजन, सभा या प्रदर्शन निषिद्ध रहेगा। यातायात और सामान्य आवागमन पर हालांकि कोई पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, लेकिन सुरक्षा जांच और पुलिस निगरानी बढ़ाई जाएगी।
निष्कर्ष
झारखंड विधानसभा के पंचम (बजट) सत्र को लेकर लागू की गई यह निषेधाज्ञा कानून-व्यवस्था और सुरक्षा की दृष्टि से एक आवश्यक कदम है। 18 फरवरी से 19 मार्च 2026 तक प्रभावी रहने वाली यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि विधानसभा सत्र शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन सभी के हित में है और किसी भी तरह की अफवाह या भ्रम से बचते हुए आधिकारिक निर्देशों का अनुसरण किया जाए।
रांची जिला प्रशासन की यह पहल यह संदेश देती है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की गरिमा बनाए रखने और जनहित में शांति व सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।




