होली पर रांची लौटना हुआ मुश्किल, बड़े शहरों से टिकट के लिए मारामारी, स्पेशल ट्रेन की उठी मांग | Jharkhand News | Bhaiyajii News

Holi Special | Jharkhand News | Bhaiyajii News

Holi special: रंगों के त्योहार होली के नजदीक आते ही झारखंड की राजधानी रांची आने-जाने वाली ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ देखने को मिल रही है। देश के अलग-अलग हिस्सों में काम करने वाले प्रवासी मजदूर, नौकरीपेशा लोग, छात्र और व्यवसायी बड़ी संख्या में होली मनाने अपने घर लौटना चाहते हैं, लेकिन रेलवे टिकट न मिलने से उनकी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। कई प्रमुख ट्रेनों में सीटें फुल हो चुकी हैं और वेटिंग लिस्ट तेजी से लंबी होती जा रही है।

लंबी दूरी की ट्रेनों में बढ़ी भीड़

रांची से दिल्ली, मुंबई, पुणे, अहमदाबाद, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई जैसे महानगरों के बीच चलने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में टिकट की भारी मांग देखी जा रही है। स्थिति यह है कि सामान्य कोटा तो पहले ही फुल हो चुका है, अब तत्काल और प्रीमियम तत्काल कोटा में भी टिकट मिलना बेहद मुश्किल हो गया है। कई यात्रियों का कहना है कि उन्होंने 10–15 दिन पहले टिकट बुक करने की कोशिश की थी, लेकिन तब भी वेटिंग लिस्ट मिली।

रेलवे के ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम में अधिकांश प्रमुख ट्रेनों की वेटिंग लिस्ट 100 से 300 तक पहुंच चुकी है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि त्योहार के दौरान यात्रियों की संख्या अनुमान से कहीं अधिक है।

प्रवासी श्रमिकों और छात्रों की बढ़ी परेशानी

रांची और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में लोग रोजगार और पढ़ाई के लिए देश के अन्य राज्यों में रहते हैं। होली, छठ, दीपावली जैसे त्योहारों पर घर लौटना उनके लिए भावनात्मक रूप से बेहद अहम होता है।
लेकिन इस बार टिकट न मिलने से प्रवासी श्रमिकों और छात्रों में गहरी निराशा देखने को मिल रही है।

दिल्ली में काम करने वाले एक प्रवासी ने बताया कि वह पिछले दो हफ्तों से रोजाना टिकट की स्थिति चेक कर रहा है, लेकिन हर बार वेटिंग लिस्ट बढ़ती ही जा रही है। वहीं, पुणे में पढ़ाई कर रहे एक छात्र ने कहा कि परीक्षा खत्म होने के बावजूद टिकट न मिलने से उसे होली पर घर आने की उम्मीद कम होती दिख रही है।

सीमित ट्रेनों से बढ़ी समस्या

यात्रियों का कहना है कि रांची रूट पर पहले से ही ट्रेनों की संख्या सीमित है। त्योहार के समय जब अचानक यात्रियों की संख्या बढ़ती है, तब यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
कई रूटों पर साप्ताहिक या वैकल्पिक दिनों में चलने वाली ट्रेनें ही उपलब्ध हैं, जिससे दबाव कुछ गिनी-चुनी ट्रेनों पर आ जाता है।

यही वजह है कि कई यात्रियों को मजबूरी में कनेक्टिंग ट्रेनों के सहारे सफर करने की योजना बनानी पड़ रही है। कुछ लोग पटना, कोलकाता या टाटानगर तक पहुंचकर वहां से दूसरी ट्रेन पकड़ने का विकल्प तलाश रहे हैं, लेकिन इसमें समय और खर्च दोनों ज्यादा लग रहे हैं।

तत्काल टिकट भी नहीं दे पा रहा राहत

रेलवे द्वारा त्योहारों के समय यात्रियों को राहत देने के लिए तत्काल टिकट की सुविधा दी जाती है, लेकिन इस बार तत्काल कोटा भी उम्मीद के मुताबिक कारगर साबित नहीं हो रहा है।
यात्रियों का कहना है कि टिकट खुलते ही कुछ ही मिनटों में सभी सीटें भर जा रही हैं। कई लोग तो सुबह 10 बजे तत्काल टिकट बुक करने के लिए ऑनलाइन रहते हैं, फिर भी उन्हें टिकट नहीं मिल पाती।

इससे यात्रियों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या रेलवे की मौजूदा व्यवस्था त्योहारों के दौरान बढ़ती मांग को संभालने में सक्षम है।

स्पेशल ट्रेन और अतिरिक्त कोच की मांग तेज

इस बीच झारखंड रेल यूजर्स एसोसिएशन और अन्य सामाजिक संगठनों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि होली के मद्देनजर रांची रूट पर स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएं
संगठनों का कहना है कि—

  • दिल्ली-रांची
  • मुंबई-रांची
  • बेंगलुरु-रांची
  • हैदराबाद-रांची

जैसे व्यस्त रूटों पर अस्थायी रूप से विशेष ट्रेनें शुरू की जानी चाहिए।

इसके अलावा, जिन ट्रेनों में यात्रियों की संख्या अधिक है, उनमें अतिरिक्त कोच जोड़े जाने की भी मांग की गई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को सीट मिल सके।

रेलवे पर टिकी यात्रियों की नजर

सूत्रों के मुताबिक, भारतीय रेलवे को होली के मद्देनजर रांची रूट की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि वे यात्रियों की संख्या और टिकट की मांग का लगातार आकलन कर रहे हैं। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त व्यवस्था पर भी विचार किया जा सकता है।

हालांकि, अभी तक स्पेशल ट्रेन या अतिरिक्त कोच को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, जिससे यात्रियों की चिंता और बढ़ गई है।

यदि समय पर व्यवस्था नहीं हुई तो बढ़ेंगी परेशानियां

यात्री संगठनों का कहना है कि यदि रेलवे ने समय रहते कदम नहीं उठाया, तो होली के दौरान हजारों यात्रियों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
भीड़ बढ़ने की स्थिति में—

  • स्टेशनों पर अव्यवस्था
  • ट्रेनों में खचाखच भीड़
  • जनरल कोचों में जरूरत से ज्यादा यात्री

जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं, जिससे सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।

हर साल दोहराई जाती है यही स्थिति

यह पहली बार नहीं है जब होली जैसे बड़े त्योहार पर रांची आने-जाने वाली ट्रेनों में टिकट संकट पैदा हुआ हो। हर साल यही स्थिति देखने को मिलती है, लेकिन यात्रियों का आरोप है कि इसके बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है

लोगों का कहना है कि झारखंड से बाहर काम करने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे में रेलवे को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों की संख्या बढ़ानी चाहिए।

निष्कर्ष

होली जैसे बड़े त्योहार पर अपने घर लौटने की चाह हर किसी के दिल में होती है, लेकिन इस बार रांची आने वाले यात्रियों के लिए यह सफर आसान नहीं दिख रहा। टिकट की मारामारी, लंबी वेटिंग लिस्ट और सीमित ट्रेनों ने यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है।

अब सबकी नजर रेलवे प्रशासन पर टिकी है कि क्या वह समय रहते स्पेशल ट्रेनें और अतिरिक्त कोच की व्यवस्था कर यात्रियों को राहत दे पाएगा या नहीं। अगर जल्द कदम नहीं उठाए गए, तो होली की खुशियों पर यात्रा की परेशानियां भारी पड़ सकती हैं।

डिस्क्लेमर

यह समाचार उपलब्ध जानकारी, यात्रियों के अनुभव और रेलवे सूत्रों पर आधारित है। वास्तविक स्थिति समय और रेलवे की आधिकारिक घोषणा के अनुसार बदल सकती है।

Share it :

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News