रांची। राजधानी रांची स्थित सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड (सीयूजे) में मंगलवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने अचानक छापेमारी कर दी। आधा दर्जन से अधिक वाहनों में पहुंचे सीबीआई अधिकारियों ने चेरी मनातू स्थित विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश करते ही जांच की प्रक्रिया शुरू की, जिससे पूरे कैंपस में हड़कंप मच गया।
पुराने मामलों से जुड़ी जांच
सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई विश्वविद्यालय में पूर्व में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है। खासतौर पर भवन निर्माण फंड के आवंटन, टेंडर प्रक्रिया और नियुक्तियों में कथित गड़बड़ियों को लेकर सीबीआई को ठोस शिकायतें मिली थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर एजेंसी ने प्रारंभिक जांच के बाद यह सख्त कदम उठाया है।
मोबाइल जब्त, कर्मचारियों को बाहर जाने से रोका
सीबीआई टीम के कैंपस पहुंचते ही प्रशासनिक भवन में मौजूद कर्मचारियों के मोबाइल फोन अस्थायी रूप से जब्त कर लिए गए। अधिकारियों ने सभी कर्मियों को कार्यालय परिसर में ही रुकने का निर्देश दिया, ताकि जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो। इस दौरान बाहरी लोगों के प्रवेश पर भी पाबंदी लगाई गई।
वित्त एवं प्रशासनिक शाखा की गहन तलाशी
सीबीआई अधिकारियों ने विश्वविद्यालय के दूसरे तल पर स्थित वित्त एवं प्रशासनिक शाखा में घंटों तक फाइलों की गहन जांच की। बताया जा रहा है कि इस दौरान दर्जनों महत्वपूर्ण फाइलें और दस्तावेज खंगाले गए और कई रिकॉर्ड को जब्त किया गया। इनमें निर्माण कार्यों के बिल, भुगतान विवरण, नियुक्ति से जुड़े कागजात और अनुबंध फाइलें शामिल हैं।
पहले भी हो चुकी है सीबीआई कार्रवाई
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब सीबीआई ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड में दबिश दी हो। इससे पहले भी एजेंसी ने विश्वविद्यालय में वित्तीय लेन-देन और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर जांच की थी। हालांकि, उस समय मामलों का अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया था।
छात्रों में अफरा-तफरी, पढ़ाई प्रभावित
सीबीआई की अचानक कार्रवाई के समय विश्वविद्यालय में कक्षाएं चल रही थीं और छात्र अपने-अपने क्लासरूम में मौजूद थे। जैसे ही छापेमारी की खबर फैली, पूरे कैंपस में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई छात्र समूहों में चर्चा करते नजर आए, जबकि कुछ कक्षाओं को अस्थायी रूप से स्थगित भी करना पड़ा।
विश्वविद्यालय प्रशासन की चुप्पी
घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच एजेंसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, सीबीआई सूत्रों के अनुसार जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आगे और भी पूछताछ व दस्तावेजी सत्यापन किया जा सकता है।
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दस्तावेजों में गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि होती है, तो मामले में एफआईआर, गिरफ्तारी या चार्जशीट जैसी कार्रवाई भी संभव है। फिलहाल, सीबीआई की टीम जांच को आगे बढ़ा रही है और विश्वविद्यालय से जुड़े कई पूर्व व वर्तमान अधिकारियों से पूछताछ की तैयारी है।
निष्कर्ष:
सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड में सीबीआई की यह कार्रवाई न केवल विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए बल्कि राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए भी गंभीर संकेत मानी जा रही है। आने वाले दिनों में जांच के नतीजे कई बड़े खुलासे कर सकते हैं।




