‘अबुआ दिशोम बजट’ समावेशी और जनकल्याणकारी विकास की मजबूत नींव: आभा सिन्हा | Jharkhand News | Bhaiyajii News

अबुआ दिशोम बजट 2026 | Jharkhand News | Bhaiyajii News

अबुआ दिशोम बजट 2026 : झारखंड सरकार द्वारा विधानसभा में पेश किए गए 1,58,560 करोड़ रुपये के ‘अबुआ दिशोम बजट’ को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। इसी क्रम में झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमिटी की प्रवक्ता आभा सिन्हा ने इस बजट का स्वागत करते हुए इसे राज्य के समावेशी, सतत और जनकल्याणकारी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है।

आभा सिन्हा ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह झारखंड के गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग के सपनों और जरूरतों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने इसे “जनभावनाओं से जुड़ा बजट” बताते हुए कहा कि ‘अबुआ दिशोम बजट’ राज्य के हर नागरिक को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की स्पष्ट मंशा को दर्शाता है।

महिलाओं के सशक्तीकरण पर विशेष फोकस

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि इस बजट की सबसे बड़ी विशेषता महिला सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा राज्य में पांच नए बालिका आवासीय विद्यालय खोलने का निर्णय लिया गया है, जो खासकर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की बालिकाओं के लिए शिक्षा के नए द्वार खोलेगा। इससे न केवल बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बाल विवाह और स्कूल छोड़ने जैसी सामाजिक समस्याओं पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि महिला किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘महिला किसान खुशहाली योजना’ की घोषणा एक दूरदर्शी पहल है। इस योजना के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान यह दर्शाता है कि सरकार महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास की भागीदार मान रही है।

शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता

आभा सिन्हा ने कहा कि बजट में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों को प्राथमिकता देना स्वागत योग्य कदम है। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास की नींव होती है और इस बजट में स्कूलों, उच्च शिक्षा संस्थानों और आवासीय विद्यालयों के विस्तार के लिए किए गए प्रावधान भविष्य की पीढ़ी को सशक्त बनाएंगे।

स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार ने बजट में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए आवश्यक संसाधनों का प्रावधान किया है। इससे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी और आम नागरिकों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।

गरीब और वंचित वर्ग के लिए राहत

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि यह बजट गरीबों के आंसू पोंछने वाला बजट है। इसमें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, कल्याणकारी कार्यक्रमों और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा साफ है कि विकास का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे।

उन्होंने यह भी कहा कि ‘अबुआ दिशोम बजट’ झारखंड की मूल भावना और आदिवासी संस्कृति से जुड़ा हुआ है। “अबुआ दिशोम” यानी “हमारा राज्य”—यह नाम ही इस बात का प्रतीक है कि सरकार झारखंड को उसके लोगों के सपनों के अनुरूप आगे बढ़ाना चाहती है।

शहीदों के परिजनों के लिए सराहनीय पहल

आभा सिन्हा ने बजट में शहीदों के आश्रितों के लिए एक आदर्श स्कूल की स्थापना के प्रस्ताव को ऐतिहासिक और भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि देश और राज्य के लिए बलिदान देने वाले शहीदों के परिवारों की जिम्मेदारी समाज और सरकार दोनों की होती है। यह पहल न केवल शिक्षा का माध्यम बनेगी, बल्कि शहीदों के बलिदान के प्रति सम्मान की भावना को भी मजबूत करेगी।

पर्यटन और बुनियादी ढांचे को मिलेगा बढ़ावा

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि बजट में पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास पर किए गए प्रावधान झारखंड की आर्थिक संभावनाओं को नई दिशा देंगे। झारखंड प्राकृतिक संसाधनों, धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध राज्य है। पर्यटन के विकास से न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से राज्य में निवेश का माहौल बेहतर होगा और युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।

युवाओं और किसानों के हित में बजट

आभा सिन्हा ने कहा कि बजट में युवाओं और किसानों के हितों को भी प्रमुखता से शामिल किया गया है। कौशल विकास, रोजगार सृजन और कृषि आधारित योजनाओं के माध्यम से सरकार आत्मनिर्भर झारखंड की नींव रख रही है। उन्होंने कहा कि किसान और युवा किसी भी राज्य की रीढ़ होते हैं और यह बजट दोनों वर्गों को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस प्रयास करता दिखता है।

राजनीतिक सहमति और सकारात्मक संकेत

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि यह बजट राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राज्यहित में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब बजट जनकल्याणकारी हो, तो उसका समर्थन किया जाना चाहिए। यह बजट इस बात का संकेत है कि झारखंड सरकार विकास, सामाजिक न्याय और समावेशी नीति के रास्ते पर आगे बढ़ रही है।

निष्कर्ष

आभा सिन्हा ने अपने बयान में कहा कि ‘अबुआ दिशोम बजट’ आम आदमी के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया बजट है, जो आने वाले वर्षों में झारखंड के सामाजिक और आर्थिक विकास की दिशा तय करेगा। महिलाओं, किसानों, युवाओं, गरीबों और शहीदों के परिजनों के लिए किए गए प्रावधान इस बजट को खास बनाते हैं। यह बजट केवल वर्तमान की जरूरतों को नहीं, बल्कि भविष्य की संभावनाओं को भी ध्यान में रखता है।

उन्होंने विश्वास जताया कि यदि इस बजट को ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ लागू किया गया, तो झारखंड विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकता है और हर नागरिक के चेहरे पर मुस्कान लाने का सपना साकार होगा।

आभा सिन्हा
प्रवक्ता
झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमिटी

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