रांची से बड़ी राहत की खबर सामने आई है। 2 जनवरी से लापता सगे भाई-बहन अंश और अंशिका को Ranchi Police ने 12 दिन बाद सकुशल बरामद कर लिया है। दोनों बच्चों को रामगढ़ जिला के चितरपुर इलाके से सुरक्षित पाया गया है। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। बच्चों की सुरक्षित वापसी से परिजनों के साथ-साथ पूरे इलाके ने राहत की सांस ली है।
धुर्वा से अचानक लापता हो गए थे भाई-बहन
6 साल का अंश और 5 साल की अंशिका रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र स्थित मौसीबाड़ी खटाल में अपने परिजनों के साथ रहते थे। 2 जनवरी की दोपहर करीब ढाई बजे दोनों बच्चे पास की एक दुकान से चूड़ा और बिस्किट खरीदने निकले थे। काफी देर तक जब बच्चे घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने आसपास तलाश शुरू की। बच्चों का कहीं पता नहीं चलने पर धुर्वा थाना में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई।
SSP के निर्देश पर गठित हुई 40 सदस्यीय टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने तुरंत 40 सदस्यीय विशेष पुलिस टीम का गठन किया। Ranchi Police ने इस केस को प्राथमिकता पर लेते हुए लगातार सर्च ऑपरेशन शुरू किया। बच्चों की तस्वीरें आसपास के इलाकों में लगाई गईं और हर संभावित जगह की जांच की गई।
इसके साथ ही Jharkhand CID ने ह्यू एंड क्राई लेटर जारी कर देशभर की पुलिस से सहयोग मांगा। इसका उद्देश्य था कि यदि बच्चे किसी अन्य राज्य में पाए जाते हैं तो तुरंत जानकारी मिल सके।
ड्रोन, डॉग स्क्वायड और जलाशयों की तलाशी
बच्चों की तलाश में पुलिस ने हर संभव तकनीकी और मानवीय संसाधन का इस्तेमाल किया। धुर्वा इलाके के तालाबों, जलाशयों और सुनसान जगहों की गहन तलाशी ली गई। ड्रोन कैमरे से इलाके की निगरानी की गई। इसके अलावा डॉग स्क्वायड को भी लगाया गया।
स्वान दस्ता बच्चों के घर से निकलकर पास की दुकान के आसपास जाकर रुक गया था। इसके बाद पुलिस ने संबंधित दुकानदार से भी पूछताछ की। हालांकि दुकानदार के परिजनों ने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया और आरोपों को बेबुनियाद बताया।
कई राज्यों तक फैली तलाश
रांची पुलिस की टीमें सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं रहीं। बच्चों की तलाश में बिहार, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में भी पुलिस टीमों को भेजा गया। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थानों पर भी नजर रखी गई।
लगातार 12 दिनों तक चले इस व्यापक अभियान के बाद आखिरकार पुलिस को सफलता मिली और बच्चों को चितरपुर, रामगढ़ जिला से सकुशल बरामद किया गया।
विरोध, मशाल जुलूस और धुर्वा बंद
बच्चों के लापता होने के बाद धुर्वा इलाके में आक्रोश और चिंता का माहौल था। परिजनों और स्थानीय लोगों ने बच्चों की सुरक्षित वापसी की मांग को लेकर मशाल जुलूस निकाला। एक दिन धुर्वा बंद भी रखा गया। जनप्रतिनिधियों ने भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। मीडिया का दबाव लगातार बना हुआ था।
आम लोगों पर क्या असर पड़ा
इस घटना का सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों के अभिभावकों पर पड़ा। इलाके में डर का माहौल बन गया था और लोग अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे। अंश और अंशिका की सुरक्षित वापसी से अब लोगों को राहत मिली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मामले में पुलिस ने लगातार मेहनत की, जिसका नतीजा सामने आया।
मेडिकल जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने दोनों बच्चों का मेडिकल परीक्षण कराया है और उन्हें परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद यह स्पष्ट किया जाएगा कि बच्चों को किस उद्देश्य से ले जाया गया था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
पुलिस की अपील
रांची पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे या बच्चों से जुड़ी कोई जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बेहद जरूरी है।




