Abua Awas Yojana Jharkhand : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी अबुआ आवास योजना को लेकर सदन में महत्वपूर्ण चर्चा हुई। इस दौरान विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों के विधायकों ने योजना की प्रगति, लाभुकों की पहचान और भविष्य की रणनीति को लेकर सवाल उठाए। विधायक हेमलाल मुर्मू ने सदन में यह मुद्दा उठाते हुए सरकार से पूछा कि योजना के तहत पात्र लाभुकों को घर देने की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ रही है और सरकार इसके लिए क्या तैयारी कर रही है।
इस पर जवाब देते हुए राज्य की मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने स्पष्ट किया कि झारखंड सरकार की प्राथमिकताओं में गरीबों और बेघर लोगों को आवास उपलब्ध कराना प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का कोई भी जरूरतमंद परिवार बिना घर के न रहे।
योजना के लिए बजट में बड़ा प्रावधान
मंत्री दीपिका पांडे ने सदन को जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार ने बजट में आवास निर्माण के लिए करीब 4400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस राशि से बड़ी संख्या में घरों का निर्माण किया जाएगा और पहले से स्वीकृत आवासों को भी पूरा किया जाएगा।उन्होंने बताया कि इस बजट के माध्यम से लगभग 6 लाख आवासों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा जरूरतमंद परिवारों के लिए नए आवासों को भी स्वीकृति दी जाएगी, ताकि राज्य के अधिक से अधिक गरीब परिवारों को पक्के घर का लाभ मिल सके। सरकार का कहना है कि अबुआ आवास योजना झारखंड की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे लोगों को घर उपलब्ध कराना है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जिनके पास रहने के लिए सुरक्षित घर नहीं है।
केंद्र सरकार से सहयोग की मांग
सदन में चर्चा के दौरान मंत्री दीपिका पांडे ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली राशि बढ़ाने के लिए कई बार बातचीत और पत्राचार किया है। लेकिन केंद्र की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।इसके बावजूद झारखंड सरकार ने अपने स्तर पर प्रयास जारी रखते हुए अबुआ आवास योजना के माध्यम से बेघर लोगों को घर उपलब्ध कराने की दिशा में काम जारी रखा है।मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि आवास की सुविधा से कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रहे।
पांच साल में सभी जरूरतमंदों को आवास देने का लक्ष्य
मंत्री दीपिका पांडे ने सदन में यह भी कहा कि सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल में सभी जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है। सरकार इस दिशा में चरणबद्ध तरीके से काम कर रही है।उन्होंने बताया कि राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं जिनके पास रहने के लिए पक्का घर नहीं है। इन परिवारों को चिन्हित कर उन्हें योजना का लाभ देने की प्रक्रिया जारी है।सरकार का मानना है कि आवास केवल रहने की जगह नहीं बल्कि एक परिवार के सम्मान और सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है। इसलिए इस योजना को राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं में शामिल किया गया है।
लाभुकों की पहचान के लिए सर्वे
योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंचे, इसके लिए सरकार ने राज्यभर में सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू की है। मंत्री ने बताया कि अब तक करीब डेढ़ लाख लोगों की जांच की जा चुकी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वास्तविक जरूरतमंदों को ही योजना का लाभ मिले। सर्वे के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम गांव-गांव जाकर यह पता लगा रही है कि किन परिवारों के पास रहने के लिए पक्का घर नहीं है या जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है।इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह भी है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या फर्जी लाभुकों को योजना से दूर रखा जा सके और वास्तविक पात्र लोगों को ही घर दिया जा सके।
ग्रामीण और गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत
अबुआ आवास योजना को राज्य के ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। झारखंड के कई ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी बड़ी संख्या में लोग कच्चे घरों में रहते हैं या उनके पास अपना घर नहीं है।ऐसे में यह योजना उन परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बन सकती है। यदि योजना सही तरीके से लागू होती है तो इससे हजारों गरीब परिवारों को सुरक्षित और पक्का घर मिल सकेगा।
विपक्ष ने भी उठाए सवाल
हालांकि सदन में योजना को लेकर कुछ सवाल भी उठाए गए। विपक्षी विधायकों ने सरकार से पूछा कि योजना के तहत आवास वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी कैसे बनाया जाएगा और यह सुनिश्चित कैसे किया जाएगा कि किसी भी पात्र व्यक्ति को योजना से वंचित न रहना पड़े।कुछ विधायकों ने यह भी कहा कि कई क्षेत्रों में अब भी लोगों को योजना की जानकारी नहीं है, इसलिए सरकार को जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।
सरकार का भरोसा
इन सवालों का जवाब देते हुए मंत्री दीपिका पांडे ने कहा कि सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ योजना को लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि लाभुकों की पहचान के लिए सर्वेक्षण कराया जा रहा है और सभी प्रक्रियाओं की निगरानी भी की जा रही है।सरकार का प्रयास है कि योजना का लाभ उन लोगों तक पहुंचे जिन्हें वास्तव में इसकी जरूरत है।
निष्कर्ष
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में अबुआ आवास योजना पर हुई चर्चा से यह साफ है कि राज्य सरकार इस योजना को लेकर गंभीर है। सरकार ने बजट में बड़ी राशि का प्रावधान किया है और लाखों घर बनाने का लक्ष्य रखा है।यदि योजना प्रभावी तरीके से लागू होती है तो यह झारखंड के गरीब और बेघर परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार अपने लक्ष्य को कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ पूरा कर पाती है।




