Ranchi News: जिला जनसम्पर्क कार्यालय, रांची द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति संख्या-234/2026 के अनुसार, राजधानी रांची में हाल ही में सम्पन्न हुए विभिन्न पर्व-त्योहार अभूतपूर्व शांति, सौहार्द और सामाजिक समरसता के साथ संपन्न हुए। प्रशासन ने इसे न केवल जिले बल्कि पूरे राज्य के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया है।रामनवमी, चैती छठ, ईद, सरहुल और रमजान जैसे विविध धार्मिक और सांस्कृतिक पर्वों के दौरान जिस प्रकार से रांचीवासियों ने अनुशासन, परस्पर सम्मान और भाईचारे का परिचय दिया, उसने “गंगा-जमुनी तहजीब” की परंपरा को एक बार फिर जीवंत कर दिया।
एकता और भाईचारे की अनूठी मिसाल
रांची में इस बार पर्व-त्योहार केवल धार्मिक आयोजन नहीं रहे, बल्कि वे सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक समन्वय के प्रतीक बनकर उभरे। हर वर्ग, हर समुदाय और हर आयु वर्ग के लोगों ने मिलकर इन पर्वों को शांतिपूर्ण तरीके से मनाया।चाहे वह रामनवमी के जुलूस हों, ईद की नमाज़ हो, या सरहुल का पारंपरिक उत्सव—हर जगह एकता और भाईचारे का संदेश स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। लोगों ने एक-दूसरे के पर्वों में भाग लेकर सामाजिक समरसता को और मजबूत किया।
प्रशासन ने जताया आभार
रांची के उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने इस ऐतिहासिक और सौहार्दपूर्ण आयोजन के लिए सभी रांचीवासियों का हृदय से आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि यह केवल त्योहारों का सफल आयोजन नहीं, बल्कि हमारी साझा संस्कृति, परस्पर विश्वास और सामाजिक एकता का सशक्त उदाहरण है। रांची ने एक बार फिर यह साबित किया है कि विविधता में एकता ही उसकी सबसे बड़ी पहचान है।
समितियों और संगठनों की अहम भूमिका
इन आयोजनों की सफलता में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक समितियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही।
जिन प्रमुख समितियों और संगठनों की सराहना की गई, उनमें शामिल हैं:
- केन्द्रीय शांति समिति
- महावीर मंडल
- तपोवन मंदिर पूजा समिति
- रामनवमी श्रृंगार समिति
- चैती दुर्गा पूजा समिति
- केन्द्रीय सरना समिति
- सेंट्रल मोहर्रम कमिटी
- अंजुमन इस्लामिया
- गुरुनानक समिति
- विभिन्न अखाड़ा समितियां
इन सभी संगठनों ने अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्ट समन्वय का परिचय देते हुए अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन किया और शांति बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रशासन और पुलिस की सतर्कता
त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस की भूमिका भी सराहनीय रही।
उपायुक्त ने विशेष रूप से:
- पुलिस प्रशासन
- विभिन्न विभागों (लाइन डिपार्टमेंट)
- नगर निगम
- बिजली विभाग
- जनप्रतिनिधियों
- मीडिया प्रतिनिधियों
की सक्रिय भागीदारी और सतत निगरानी को इस सफलता का आधार बताया।इन सभी के समन्वय, सतर्कता और कर्तव्यनिष्ठा के कारण पूरे जिले में कानून-व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ बनी रही और लोगों ने सुरक्षित वातावरण में अपने-अपने पर्व मनाए।
गंगा-जमुनी तहजीब का जीवंत उदाहरण
रांची में इन पर्वों के दौरान जो दृश्य देखने को मिला, वह भारत की सांस्कृतिक विविधता और सहिष्णुता का सजीव उदाहरण था।लोगों ने न केवल अपने धर्म के त्योहार मनाए, बल्कि अन्य समुदायों के पर्वों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि रांची की पहचान केवल एक शहर के रूप में नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक संगम के रूप में भी है।
भविष्य के लिए उम्मीद
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने विश्वास व्यक्त किया कि रांचीवासी भविष्य में भी इसी प्रकार आपसी विश्वास, भाईचारे और समरसता की भावना को बनाए रखेंगे।उन्होंने कहा कि यदि इसी तरह का समन्वय और सामाजिक जिम्मेदारी आगे भी बनी रही, तो रांची न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के लिए सामाजिक सौहार्द का आदर्श बन सकता है।
नागरिकों और मीडिया का योगदान
इस पूरे आयोजन में आम नागरिकों और मीडिया की भूमिका भी कम महत्वपूर्ण नहीं रही।जहाँ नागरिकों ने नियमों का पालन करते हुए शांति बनाए रखी, वहीं मीडिया ने सकारात्मक रिपोर्टिंग के माध्यम से जागरूकता फैलाने और अफवाहों को रोकने में अहम भूमिका निभाई।
निष्कर्ष
रांची में हाल ही में सम्पन्न हुए पर्व-त्योहारों ने यह साबित कर दिया कि जब समाज, प्रशासन और विभिन्न संगठन एक साथ मिलकर काम करते हैं, तो हर चुनौती को पार किया जा सकता है।यह आयोजन केवल धार्मिक उत्सव नहीं था, बल्कि यह सामाजिक समरसता, एकता और आपसी विश्वास का एक जीवंत उदाहरण बन गया।
रांची ने एक बार फिर दिखा दिया कि सच्ची ताकत विविधता में एकता और भाईचारे में ही निहित है।
📞 जन शिकायत हेतु व्हाट्सएप नंबर: 9430328080
(अबुआ साथी – रांची जिला प्रशासन)





