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क्यों हर साल सिदो-कान्हू को याद करते हैं CM हेमंत सोरेन? जानिए इसके पीछे की बड़ी वजह | Jharkhand News | Bhaiyajii News

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Jharkhand News : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अमर शहीद वीर सिदो और कान्हू को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें राज्य की अस्मिता और संघर्ष की पहचान बताया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सिदो-कान्हू का बलिदान केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम संताल परगना क्षेत्र के ऐतिहासिक स्थल भोगनाडीह में आयोजित किया गया, जहां 1855 के संथाल हूल विद्रोह की शुरुआत हुई थी। यह वही भूमि है जहां से अंग्रेजी शासन के खिलाफ आदिवासी आंदोलन ने देशभर में एक नई चेतना जगाई थी।

सिदो-कान्हू: आजादी की पहली लड़ाई के अग्रदूत

सिदो और कान्हू मुर्मू को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के शुरुआती महानायकों में गिना जाता है। उन्होंने 1855 में संथाल हूल विद्रोह का नेतृत्व किया, जो अंग्रेजों और जमींदारी शोषण के खिलाफ एक बड़ा जनआंदोलन था।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह विद्रोह केवल एक संघर्ष नहीं था, बल्कि आदिवासी समाज के अधिकार, सम्मान और अस्तित्व की लड़ाई थी।

उन्होंने कहा कि “जल, जंगल और जमीन” के अधिकार के लिए सिदो-कान्हू ने जो संघर्ष किया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब

भोगनाडीह में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उनके बलिदान को याद करते हुए कहा कि राज्य सरकार उनकी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस दौरान उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने इतिहास और संस्कृति को संजोकर रखें, क्योंकि यही उनकी असली पहचान है।

आदिवासी सशक्तिकरण पर जोर

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने भाषण में आदिवासी समाज के सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में विशेष योजनाएं चला रही है, ताकि समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि झारखंड के हर नागरिक को समान अवसर मिले और कोई भी व्यक्ति विकास की दौड़ में पीछे न रह जाए।

“शहीदों का सपना पूरा करना हमारी जिम्मेदारी”

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिदो-कान्हू और अन्य शहीदों ने जिस समाज का सपना देखा था, उसे साकार करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि सरकार लगातार ऐसी नीतियां बना रही है, जो गरीब, आदिवासी और पिछड़े वर्गों के जीवन स्तर को सुधार सकें।

उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड की पहचान उसकी सांस्कृतिक विरासत और संघर्षशील इतिहास से जुड़ी हुई है, जिसे हर हाल में संरक्षित रखना जरूरी है।

राजनीतिक और सामाजिक संदेश

इस कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री ने एक स्पष्ट राजनीतिक और सामाजिक संदेश भी देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रम न केवल सांस्कृतिक महत्व रखते हैं, बल्कि इससे सरकार की जनसंपर्क रणनीति भी मजबूत होती है।

इतिहास से वर्तमान तक: संघर्ष की निरंतरता

सिदो-कान्हू का आंदोलन आज भी झारखंड की राजनीति और समाज में जीवित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह उस समय लोगों ने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई थी, उसी तरह आज भी समाज को अन्याय और भेदभाव के खिलाफ खड़ा होना चाहिए।उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से अपील की कि वे अपने इतिहास को जानें और उससे प्रेरणा लेकर समाज के विकास में योगदान दें।

निष्कर्ष

झारखंड में सिदो-कान्हू को दी गई श्रद्धांजलि केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक चेतना का प्रतीक है।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का यह संदेश साफ है कि विकास के साथ-साथ विरासत को भी सहेजना जरूरी है।सिदो-कान्हू का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा बना रहेगा और झारखंड की पहचान को मजबूत करता रहेगा।

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Manish Singh Chandel
Manish Singh Chandelhttps://bhaiyajiinews.in
Manish Singh Chandel रांची और झारखंड से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग करने वाले एक अनुभवी पत्रकार हैं। वे Bhaiyajii News में मुख्य संवाददाता (Chief Reporter) के रूप में कार्यरत हैं और राज्य से जुड़े प्रशासनिक, सामाजिक, शैक्षणिक, रोजगार, कानून व्यवस्था और जनहित के मुद्दों पर नियमित रूप से तथ्यात्मक और ज़मीनी रिपोर्टिंग करते हैं। स्थानीय खबरों की गहरी समझ और तेज़ रिपोर्टिंग के लिए जाने जाने वाले मनीष सिंह चंदेल रांची एवं झारखंड के विभिन्न इलाकों से सामने आने वाली घटनाओं, सरकारी फैसलों और नागरिक समस्याओं को प्राथमिकता के साथ कवर करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य आम जनता तक सटीक, निष्पक्ष और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है। बतौर मुख्य संवाददाता, वे ब्रेकिंग न्यूज़, फॉलो-अप रिपोर्ट, व्याख्यात्मक लेख (Explainables) और जनहित से जुड़ी विशेष रिपोर्ट्स पर काम करते हैं। प्रशासनिक सूत्रों, स्थानीय अधिकारियों और ज़मीनी स्तर की जानकारी के आधार पर तैयार की गई उनकी खबरें पाठकों के बीच विश्वसनीयता के लिए जानी जाती हैं। Manish Singh Chandel मानते हैं कि स्थानीय पत्रकारिता लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी होती है। इसी सोच के साथ वे रांची और झारखंड के नागरिक मुद्दों, विकास कार्यों, शिक्षा एवं रोजगार से जुड़ी सूचनाओं को सरल भाषा में प्रस्तुत करते हैं, ताकि हर वर्ग तक खबर की सही जानकारी पहुँच सके। Bhaiyajii News के साथ उनकी भूमिका सिर्फ खबरें प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे संपादकीय मानकों, तथ्य-जांच और समयबद्ध रिपोर्टिंग को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी निभाते हैं।
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