Ranchi Drug Case : झारखंड की राजधानी रांची में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नशीली दवाओं के अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर कॉलेज के विद्यार्थियों के बीच प्रतिबंधित नशीली दवाओं की बिक्री कर रहा था।
यह कार्रवाई लालपुर थाना क्षेत्र में की गई, जहां पुलिस को गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करनी पड़ी। मामले ने शहर में हड़कंप मचा दिया है, खासकर इसलिए क्योंकि इसमें युवाओं और छात्रों को निशाना बनाया जा रहा था।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस को 9 अप्रैल 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि लालपुर थाना क्षेत्र स्थित रेडियम रोड, कुमार मार्केट गली में रहने वाला एक व्यक्ति नशीली दवाओं का अवैध कारोबार कर रहा है। सूचना के अनुसार आरोपी कॉलेज के विद्यार्थियों को प्रतिबंधित दवाएं बेच रहा था।
इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरीय अधिकारियों को अवगत कराया गया। इसके बाद वरीय पुलिस अधीक्षक के आदेश पर एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया।
छापेमारी दल का गठन और कार्रवाई
वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (नगर) और वरीय पुलिस उपाधीक्षक (नगर) के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। इस टीम में थाना प्रभारी समेत कई पुलिस अधिकारी और जवान शामिल थे।छापेमारी दल ने योजनाबद्ध तरीके से आरोपी के घर पर औचक छापा मारा। तलाशी के दौरान पुलिस को कई संदिग्ध और प्रतिबंधित सामग्री बरामद हुई, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि आरोपी नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल था।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान
पुलिस ने आरोपी की पहचान अनिल रजक (उम्र लगभग 42 वर्ष) के रूप में की है। वह लालपुर थाना क्षेत्र के रेडियम रोड, कुमार मार्केट गली का निवासी है।तलाशी के दौरान आरोपी के पास से मादक पदार्थ बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपी ने यह स्वीकार किया कि वह इन नशीली दवाओं को कॉलेज के विद्यार्थियों के बीच बेचता था।
बरामद किए गए सामान
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से कई आपत्तिजनक और नशीली वस्तुएं बरामद कीं, जिनमें शामिल हैं:
- ONREX कफ सिरप (100ml) की कुल 19 बोतलें (18 पूरी भरी और 1 आंशिक रूप से खाली)
- Nitrosum-10 टैबलेट की कुल 75 गोलियां
- एक काले रंग का Redmi 10C स्मार्टफोन
- एक पीले रंग का झोला
- एक चांदी का सिक्का
इन बरामद सामानों से यह स्पष्ट होता है कि आरोपी संगठित तरीके से नशीली दवाओं का व्यापार कर रहा था।
कानूनी कार्रवाई और धाराएं
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ लालपुर थाना कांड संख्या 64/2026 दिनांक 09.04.2026 के तहत मामला दर्ज किया है।इस मामले में आरोपी पर NDPS Act की धारा 21(b) और 22(b) के साथ-साथ Drugs and Cosmetics Act की धारा 27(b)(ii) के तहत केस दर्ज किया गया है।इन धाराओं के तहत दोषी पाए जाने पर आरोपी को कड़ी सजा का प्रावधान है, जिसमें लंबी जेल की सजा और भारी जुर्माना शामिल हो सकता है।
अपराधिक इतिहास नहीं, फिर भी बड़ा नेटवर्क?
पुलिस के अनुसार आरोपी का पहले कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला है। यह बात जांच एजेंसियों के लिए और भी चिंताजनक है, क्योंकि बिना किसी पूर्व रिकॉर्ड के इस तरह का अवैध कारोबार करना एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है।
छात्रों को निशाना बनाना बड़ी चिंता
इस मामले का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि आरोपी कॉलेज के छात्रों को निशाना बना रहा था।विशेषज्ञों का मानना है कि युवा वर्ग को नशे की लत में फंसाना समाज के लिए बेहद खतरनाक है। इससे न केवल छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है, बल्कि समाज में अपराध की दर भी बढ़ सकती है।
पुलिस की अपील और आगे की जांच
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें इस तरह की किसी गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।फिलहाल पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।
निष्कर्ष
रांची में सामने आया यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि नशीली दवाओं का अवैध कारोबार किस तरह युवाओं को अपना शिकार बना रहा है। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।हालांकि, यह केवल शुरुआत हो सकती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में और कौन-कौन से नाम सामने आते हैं और पुलिस इस पूरे नेटवर्क को खत्म करने में कितनी सफल होती है।





