Ranchi Crime News : रांची में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस और जिला प्रशासन ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। राजधानी के अरगोड़ा थाना क्षेत्र स्थित कडरू इलाके में ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने दोनों के पास से 5.34 ग्राम ब्राउन शुगर और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस का कहना है कि शहर में युवाओं को नशे के जाल में फंसाने वाले नेटवर्क के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि कडरू इलाके में कुछ लोग बाहर से ब्राउन शुगर लाकर युवाओं के बीच बेच रहे हैं। सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में अरगोड़ा थाना और कोतवाली थाना की पुलिस को शामिल किया गया। संयुक्त टीम ने इलाके में छापेमारी कर दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान संजय कुमार साहू और सुजीत कुमार सिंह उर्फ रवि के रूप में हुई है। संजय कुमार साहू की उम्र 45 वर्ष जबकि सुजीत कुमार सिंह उर्फ रवि की उम्र 36 वर्ष बताई जा रही है। दोनों लंबे समय से नशे के कारोबार से जुड़े हुए थे और पुलिस को इनके खिलाफ पहले से शिकायतें मिल रही थीं।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी पहले भी आपराधिक मामलों में संलिप्त रह चुके हैं। इनके खिलाफ पहले से कई केस दर्ज हैं और दोनों पर नशे के कारोबार से जुड़े होने का संदेह था। पुलिस अब इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।
युवाओं को बनाया जा रहा था निशाना
रांची पुलिस का कहना है कि ब्राउन शुगर का यह कारोबार तेजी से युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों के आसपास नशे के सौदागर सक्रिय हैं। पुलिस को जानकारी मिली थी कि आरोपी युवाओं को ऊंचे दामों पर ब्राउन शुगर बेच रहे थे। यही वजह है कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की।
विशेषज्ञों का कहना है कि ब्राउन शुगर एक बेहद खतरनाक मादक पदार्थ है, जिसकी लत युवाओं का भविष्य बर्बाद कर सकती है। नशे की गिरफ्त में आने के बाद कई युवा अपराध की दुनिया में भी प्रवेश कर जाते हैं। इसी कारण प्रशासन अब ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई कर रहा है।
NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज
गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ अरगोड़ा थाना कांड संख्या 105/26 के तहत NDPS Act यानी नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे ब्राउन शुगर कहां से लाते थे और किन-किन इलाकों में इसकी सप्लाई करते थे।
पुलिस का मानना है कि इस मामले में और भी कई लोग शामिल हो सकते हैं। इसलिए गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच भी की जा रही है। कॉल रिकॉर्ड और चैट के जरिए पुलिस पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
रांची में बढ़ता नशे का कारोबार
राजधानी रांची में पिछले कुछ महीनों के दौरान ब्राउन शुगर और अन्य मादक पदार्थों के कारोबार में तेजी आई है। पुलिस लगातार अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर रही है। हाल ही में पुंडाग, नामकुम और अरगोड़ा इलाके से भी कई तस्करों को गिरफ्तार किया गया था।
कुछ महीने पहले रांची पुलिस ने पुंडाग इलाके में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था, जिसके घर से 253 पैकेट ब्राउन शुगर बरामद हुई थी। उस मामले में पुलिस ने लगभग 55 लाख रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए थे।
इसी तरह फरवरी 2026 में पुलिस ने बिहार के सासाराम से ब्राउन शुगर लेकर रांची आ रहे दो लोगों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से लगभग 61 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई थी, जिसकी कीमत करीब 12 लाख रुपये बताई गई थी।
पुलिस की रणनीति में बदलाव
रांची पुलिस अब नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए नई रणनीति अपना रही है। पुलिस न केवल तस्करों को गिरफ्तार कर रही है बल्कि सप्लाई चेन को भी तोड़ने की कोशिश कर रही है। इसके लिए लगातार गुप्त सूचना एकत्र की जा रही है और संदिग्ध इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि स्कूल-कॉलेजों के आसपास विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि युवाओं को नशे से बचाया जा सके। पुलिस सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी नजर रख रही है, क्योंकि कई तस्कर अब ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने जताई चिंता
कडरू इलाके में हुई इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि पिछले कुछ समय से इलाके में संदिग्ध गतिविधियां बढ़ गई थीं। कई बार देर रात तक अज्ञात लोगों की आवाजाही देखी जाती थी। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस से इलाके में नियमित गश्त बढ़ाने की मांग की है।
अभिभावकों का कहना है कि नशे का कारोबार युवाओं के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बनता जा रहा है। यदि समय रहते इस पर सख्ती नहीं की गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
नशा मुक्ति अभियान से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि ब्राउन शुगर जैसे मादक पदार्थों की लत बहुत तेजी से लगती है। शुरुआत में युवा इसे शौक के तौर पर लेते हैं लेकिन धीरे-धीरे यह उनकी जिंदगी को बर्बाद कर देता है। इससे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, नशे की गिरफ्त में आने के बाद कई युवा चोरी, लूट और अन्य अपराधों में शामिल हो जाते हैं। इसलिए केवल पुलिस कार्रवाई ही नहीं बल्कि समाज और परिवार की जागरूकता भी जरूरी है।
सरकार और प्रशासन की सख्ती
झारखंड सरकार ने हाल के दिनों में नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। राज्य के विभिन्न जिलों में विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि स्कूल-कॉलेजों के आसपास नशे के कारोबार पर विशेष नजर रखी जाए।
रांची पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े अभियान चलाए जाएंगे। पुलिस अब उन बड़े तस्करों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है जो पर्दे के पीछे रहकर पूरे नेटवर्क को संचालित करते हैं।
युवाओं के लिए बड़ा संदेश
कडरू में हुई यह कार्रवाई युवाओं और समाज के लिए एक बड़ा संदेश है कि नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस लगातार ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है जो युवाओं को नशे की लत में धकेल रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं को खेल, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना बेहद जरूरी है। परिवार और समाज को भी इस दिशा में जागरूक रहने की आवश्यकता है।
रांची पुलिस की यह कार्रवाई यह दिखाती है कि प्रशासन अब मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। आने वाले दिनों में ऐसे और अभियान देखने को मिल सकते हैं, जिससे राजधानी में नशे के नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिलेगी।





