Homeरांची न्यूज़पाकुड़ में 50 लाख की रंगदारी का खेल बेनकाब , नक्सली नाम...

पाकुड़ में 50 लाख की रंगदारी का खेल बेनकाब , नक्सली नाम पर कंपनी को धमकी देने वाले दो आरोपी गिरफ्तार | Jharkhand News | Bhaiyajii News

- Advertisement -spot_img

पाकुड़ रंगदारी मामला : झारखंड के पाकुड़ जिले में सड़क और पुल निर्माण कार्य के दौरान रंगदारी मांगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिले के अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र में कार्य कर रही निर्माण कंपनी को कथित तौर पर नक्सली संगठन के नाम पर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने की धमकी दी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया और त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया।

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने निर्माण कार्य में लगे गार्ड को लाल रंग से लिखा पर्चा देकर धमकी दी थी। इस पर्चे में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और टीपीसी के नाम का इस्तेमाल करते हुए 50 लाख रुपये की मांग की गई थी। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।

सड़क और पुल निर्माण के दौरान दी गई धमकी

जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला बीजीआर कोल माइंस कंपनी द्वारा बनाए जा रहे सड़क और पुल निर्माण कार्य से जुड़ा है। 14 मई 2026 की रात निर्माण स्थल पर तैनात गार्ड को दो अज्ञात लोगों ने एक पर्चा सौंपा। पर्चे में निर्माण कंपनी से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी।

पर्चे में कथित नक्सली संगठनों का नाम लिखे जाने के बाद कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों में भय का माहौल पैदा हो गया। इसके बाद कंपनी के अधिकारी मृण्मय मित्रा ने अमड़ापाड़ा थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

शिकायत मिलने के बाद अमड़ापाड़ा थाना में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और सीएलए एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पाकुड़ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच टीम बनाई गई।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कंपनियों से रंगदारी मांगने की घटनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है, क्योंकि इससे विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं और इलाके में भय का वातावरण बनता है।

SIT ने शुरू की ताबड़तोड़ कार्रवाई

मामले के खुलासे के लिए पुलिस ने तकनीकी और मानवीय सूचना का सहारा लिया। जांच टीम ने कई संदिग्धों से पूछताछ की और इलाके में लगातार छापेमारी अभियान चलाया।

आखिरकार पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चांद हांसदा उर्फ चुटरोय और चानुस सोरेन के रूप में हुई है। दोनों अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं।पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है।

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी

पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपियों का किसी बड़े गिरोह या नक्सली नेटवर्क से संबंध है। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि रंगदारी मांगने के पीछे केवल डर फैलाना उद्देश्य था या इसके पीछे संगठित अपराध का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।सूत्रों के अनुसार पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्कों और गतिविधियों की भी जांच कर रही है। संभावना जताई जा रही है कि इस मामले में और भी लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है।

निर्माण कंपनियों में बढ़ी चिंता

इस घटना के बाद इलाके में कार्य कर रही अन्य निर्माण कंपनियों में भी चिंता बढ़ गई है। सड़क, पुल और खनन परियोजनाओं से जुड़े लोग सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि जब विकास कार्यों से जुड़ी कंपनियों को धमकी मिलती है, तो इसका असर सीधे क्षेत्रीय विकास पर पड़ता है। कई बार कंपनियां सुरक्षा कारणों से काम की गति धीमी कर देती हैं, जिससे परियोजनाएं प्रभावित होती हैं।

नक्सल नाम का इस्तेमाल कर फैलाया जा रहा डर

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई बार अपराधी नक्सली संगठनों का नाम लेकर रंगदारी मांगते हैं, ताकि लोगों में भय पैदा किया जा सके। इस मामले में भी पुलिस इसी एंगल से जांच कर रही है कि क्या वास्तव में किसी संगठन का हाथ है या केवल नाम का इस्तेमाल किया गया।विशेषज्ञों के अनुसार झारखंड के कुछ इलाकों में अब भी नक्सलवाद और रंगदारी की घटनाएं विकास कार्यों के लिए चुनौती बनी हुई हैं।

पुलिस की कार्रवाई से लोगों में भरोसा

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर इलाके में भरोसा कायम करने का काम किया है। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो अपराधियों का मनोबल और बढ़ सकता था।पुलिस अधिकारियों ने भी कहा है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

कई धाराओं में दर्ज हुआ केस

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। अधिकारियों के अनुसार यह केवल रंगदारी का मामला नहीं, बल्कि भय फैलाकर अवैध वसूली करने की साजिश का मामला भी है।पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि क्या वे पहले भी ऐसी घटनाओं में शामिल रहे हैं।

विकास कार्यों पर नहीं पड़ेगा असर

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क और पुल निर्माण कार्य को हर हाल में जारी रखा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है और निर्माण कार्य में किसी तरह की बाधा नहीं आने दी जाएगी।सरकार और प्रशासन का मानना है कि विकास कार्यों को रोकने या डराने की कोशिश करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।

इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा

घटना के बाद निर्माण स्थल और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। पुलिस लगातार इलाके की निगरानी कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि आम लोगों को डरने की जरूरत नहीं है।

SIT टीम ने निभाई अहम भूमिका

इस पूरे मामले के खुलासे में गठित SIT टीम की भूमिका अहम रही। टीम ने लगातार तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर कार्रवाई की और कम समय में आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।

जांच टीम में पुलिस पदाधिकारियों और तकनीकी शाखा के कर्मियों को शामिल किया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इसी समन्वित कार्रवाई के कारण मामले का तेजी से खुलासा हो सका।

निष्कर्ष

पाकुड़ में 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि विकास कार्यों को बाधित करने के लिए अपराधी किस हद तक जा सकते हैं। हालांकि पुलिस की तेज कार्रवाई से दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन जांच अभी जारी है।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस पूरे मामले के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है या यह केवल स्थानीय स्तर की आपराधिक साजिश थी। आने वाले दिनों में पुलिस जांच में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

- Advertisement -spot_img
Manish Singh Chandel
Manish Singh Chandelhttps://bhaiyajiinews.in
Manish Singh Chandel रांची और झारखंड से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग करने वाले एक अनुभवी पत्रकार हैं। वे Bhaiyajii News में मुख्य संवाददाता (Chief Reporter) के रूप में कार्यरत हैं और राज्य से जुड़े प्रशासनिक, सामाजिक, शैक्षणिक, रोजगार, कानून व्यवस्था और जनहित के मुद्दों पर नियमित रूप से तथ्यात्मक और ज़मीनी रिपोर्टिंग करते हैं। स्थानीय खबरों की गहरी समझ और तेज़ रिपोर्टिंग के लिए जाने जाने वाले मनीष सिंह चंदेल रांची एवं झारखंड के विभिन्न इलाकों से सामने आने वाली घटनाओं, सरकारी फैसलों और नागरिक समस्याओं को प्राथमिकता के साथ कवर करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य आम जनता तक सटीक, निष्पक्ष और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है। बतौर मुख्य संवाददाता, वे ब्रेकिंग न्यूज़, फॉलो-अप रिपोर्ट, व्याख्यात्मक लेख (Explainables) और जनहित से जुड़ी विशेष रिपोर्ट्स पर काम करते हैं। प्रशासनिक सूत्रों, स्थानीय अधिकारियों और ज़मीनी स्तर की जानकारी के आधार पर तैयार की गई उनकी खबरें पाठकों के बीच विश्वसनीयता के लिए जानी जाती हैं। Manish Singh Chandel मानते हैं कि स्थानीय पत्रकारिता लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी होती है। इसी सोच के साथ वे रांची और झारखंड के नागरिक मुद्दों, विकास कार्यों, शिक्षा एवं रोजगार से जुड़ी सूचनाओं को सरल भाषा में प्रस्तुत करते हैं, ताकि हर वर्ग तक खबर की सही जानकारी पहुँच सके। Bhaiyajii News के साथ उनकी भूमिका सिर्फ खबरें प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे संपादकीय मानकों, तथ्य-जांच और समयबद्ध रिपोर्टिंग को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी निभाते हैं।
- Advertisement -spot_img
Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
- Advertisement -spot_img
Related News
- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here