D-Core Mall Ranchi : राजधानी रांची के लालपुर थाना क्षेत्र स्थित डी-कोर मॉल में देर रात हुई फायरिंग की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। मॉल परिसर में अचानक गोली चलने की आवाज सुनते ही वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान संतोष कुमार के रूप में हुई है, जो रांची के पुंदाग इलाके में रहता है। आरोपी के पास से लाइसेंसी ऑटोमेटिक पिस्टल, मैगजीन और जिंदा गोलियां भी बरामद की गई हैं। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
देर रात मॉल परिसर में चली गोली
जानकारी के अनुसार घटना 20 मई 2026 की रात करीब 10:50 बजे की है। पुलिस को सूचना मिली कि लालपुर थाना क्षेत्र के डी-कोर मॉल परिसर में फायरिंग हुई है। सूचना मिलते ही थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे।
जांच के दौरान मॉल की पार्किंग से एक फायर किया हुआ कारतूस का खोखा बरामद किया गया। पुलिस ने बताया कि खोखे के पैंदे पर HPM 25.32 अंकित था, जिससे स्पष्ट हुआ कि फायरिंग पिस्टल से की गई थी।घटना के बाद मॉल में मौजूद लोगों में डर और दहशत का माहौल बन गया। कई लोग अचानक हुई फायरिंग से घबरा गए और इधर-उधर भागने लगे।
लोगों ने बताया आरोपी का नाम
पुलिस जब मौके पर पहुंची तो आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि संतोष कुमार नामक व्यक्ति ने अपने लाइसेंसी हथियार से फायरिंग की थी। लोगों के अनुसार आरोपी ने इलाके में अशांति फैलाने और लोगों में डर का माहौल बनाने के उद्देश्य से गोली चलाई।सूचना मिलते ही पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
घटना के बाद लालपुर थाना में कांड संख्या 100/26 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 292 और आर्म्स एक्ट की धारा 27/30 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर फायरिंग करना गंभीर अपराध है और इससे आम लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है। इसलिए मामले में सख्त कार्रवाई की जा रही है।
SSP के निर्देश पर बनी विशेष टीम
रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पूरे मामले की जांच के लिए विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व नगर पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में किया गया।
टीम ने घटना के तुरंत बाद विभिन्न इलाकों में छापेमारी शुरू की। पुलिस ने तकनीकी और स्थानीय सूचना के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की और कुछ ही घंटों में उसे गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी संतोष कुमार गिरफ्तार
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी संतोष कुमार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की उम्र करीब 50 वर्ष बताई जा रही है।पुलिस के अनुसार आरोपी मूल रूप से पलामू जिले के डाल्टनगंज क्षेत्र का रहने वाला है, जबकि वर्तमान में वह रांची के पुंदाग इलाके में रह रहा था।गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर उसने मॉल परिसर में फायरिंग क्यों की।
आरोपी के पास से बरामद हुआ हथियार
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से एक काले रंग का ऑटोमेटिक पिस्टल बरामद किया। पुलिस के अनुसार पिस्टल पर “MALHOTRASONS DEFENCE MSD SUPER CALIBER .32” लिखा हुआ है।
इसके अलावा पिस्टल के साथ मैगजीन और चार जिंदा गोलियां भी बरामद की गई हैं। सभी गोलियों पर HPM 25.32 अंकित पाया गया।पुलिस ने घटना स्थल से मिले कारतूस के खोखे को भी जब्त कर लिया है। अब फॉरेंसिक जांच के जरिए हथियार और कारतूस की तकनीकी जांच कराई जाएगी।
मॉल में फैली अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार फायरिंग की आवाज सुनते ही डी-कोर मॉल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। लोग अचानक दहशत में आ गए और कई लोग सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे।
घटना के समय मॉल परिसर में काफी संख्या में लोग मौजूद थे। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि गोली किसी व्यक्ति को लग जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
लाइसेंसी हथियार के दुरुपयोग पर सवाल
इस घटना के बाद लाइसेंसी हथियारों के दुरुपयोग को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लाइसेंसी हथियार केवल सुरक्षा और कानूनी उद्देश्य के लिए दिए जाते हैं, लेकिन यदि उनका इस्तेमाल सार्वजनिक स्थान पर डर फैलाने के लिए हो, तो यह बेहद गंभीर मामला है।पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले की जांच के बाद आरोपी के हथियार लाइसेंस पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना
घटना के बाद पुलिस ने जिस तेजी से कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार किया, उसकी स्थानीय लोगों ने सराहना की है।लोगों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई नहीं करती, तो इलाके में भय और बढ़ सकता था। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से लोगों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत हुआ है।
जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने शराब या किसी अन्य नशे की हालत में तो फायरिंग नहीं की थी।इसके अलावा पुलिस मॉल परिसर के CCTV फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि घटना के पूरे क्रम को स्पष्ट किया जा सके।
छापामारी टीम में शामिल रहे कई अधिकारी
इस कार्रवाई में पुलिस के कई अधिकारी शामिल रहे। छापामारी टीम में पुलिस अवर निरीक्षक उत्तम कुमार, ऋषिकांत, सुनील पासवान, आशीष कुमार, दीपक कुमार सिन्हा, सहायक अवर निरीक्षक संजय केरकेट्टा, अमृत खलखो और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि टीम ने समन्वित कार्रवाई करते हुए आरोपी को कम समय में गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
घटना के बाद लोगों में सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। खासकर मॉल, बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों में इस तरह की घटनाएं लोगों को डरा सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर हथियारों के इस्तेमाल के मामलों में कड़ी कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
निष्कर्ष
रांची के डी-कोर मॉल में हुई फायरिंग की घटना ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन घटना ने यह साफ कर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर हथियारों का गलत इस्तेमाल कितना खतरनाक हो सकता है।
अब पुलिस जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि आरोपी का मकसद केवल दहशत फैलाना था या इसके पीछे कोई और कारण था। आने वाले दिनों में जांच में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।







