अवैध अफीम की खेती नष्ट -झारखंड में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत हज़ारीबाग पुलिस ने एक बड़ी सफलता दर्ज की है। चौपारण थाना क्षेत्र में पुलिस एवं वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में करीब 70 एकड़ में फैली अवैध अफीम की खेती को चिन्हित कर मौके पर ही विनष्ट कर दिया गया। यह कार्रवाई 21 जनवरी 2026 को गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसने मादक पदार्थ तस्करों के मंसूबों पर करारा प्रहार किया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, चौपारण थाना अंतर्गत ग्राम सिकदा के विभिन्न इलाकों में बड़े पैमाने पर अफीम की अवैध खेती की जा रही थी। यह क्षेत्र बिहार से सटे फल्गु नदी के किनारे स्थित है, जहां भौगोलिक दुर्गमता का फायदा उठाकर लंबे समय से मादक पदार्थों की खेती और तस्करी की आशंका बनी रहती है। सूचना मिलते ही चौपारण पुलिस ने वन विभाग के सहयोग से सुनियोजित ढंग से संयुक्त अभियान शुरू किया।
ड्रोन तकनीक से हुई पहचान
अभियान की खास बात यह रही कि दुर्गम और घने इलाकों को ड्रोन कैमरों की मदद से पहले चिन्हित किया गया। ड्रोन सर्विलांस के माध्यम से खेती के फैलाव, सीमाओं और पहुंच मार्गों का आकलन कर जमीनी टीम को सटीक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके बाद टीम ने पैदल और वाहनों के जरिए क्षेत्र में प्रवेश कर अफीम की फसल को नष्ट किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीक के इस्तेमाल से कार्रवाई तेज, सुरक्षित और प्रभावी बनी।
मौके से बरामद सामग्री
अभियान के दौरान घटनास्थल से 15 डिलीवरी पाइप बरामद किए गए, जिन्हें वहीं नष्ट कर दिया गया। प्राथमिक जांच में संकेत मिले हैं कि इन पाइपों का इस्तेमाल सिंचाई के लिए किया जा रहा था, ताकि फसल को तेजी से विकसित किया जा सके। पुलिस का मानना है कि संगठित रूप से खेती कर आगे तस्करी की तैयारी थी।
दोषियों की पहचान और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध खेती में संलिप्त व्यक्तियों के नाम-पते का सत्यापन किया जा रहा है। दोषियों की पहचान होते ही उनके विरुद्ध कांड दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में आगे की कार्रवाई जारी है और संबंधित नेटवर्क की कड़ियों को भी खंगाला जा रहा है।
संयुक्त अभियान में शामिल अधिकारी/कर्मी
इस कार्रवाई में प्रशासन और पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी व जवान शामिल रहे, जिनमें—
- श्री अजित कुमार बिमल, एसडीपीओ, बरही
- श्री चंद्रशेखर, पुलिस निरीक्षक, बरही अंचल
- सरोज सिंह चौधरी, थाना प्रभारी, चौपारण
- एसआई सुबिन्दर राम
- एसआई रतन टुडू
- एएसआई बदल महतो एवं सशस्त्र बल
- बनपाल कुलदीप कुमार (वन विभाग)
अधिकारियों ने समन्वय के साथ कार्रवाई को अंजाम दिया, जिससे किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई और अभियान सफल रहा।
क्यों अहम है यह कार्रवाई
हज़ारीबाग और आसपास के सीमावर्ती इलाके लंबे समय से मादक पदार्थों की अवैध गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील माने जाते रहे हैं। अफीम की खेती न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि युवाओं के भविष्य, सामाजिक ताने-बाने और स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर डालती है। बड़े पैमाने पर फसल का विनष्टीकरण तस्करों के आर्थिक ढांचे को कमजोर करता है और ऐसे नेटवर्क के मनोबल को तोड़ता है।
आगे भी जारी रहेगी सख्ती
पुलिस अधीक्षक, हज़ारीबाग ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि अवैध मादक पदार्थों की खेती और तस्करी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। ड्रोन और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा, ताकि दुर्गम इलाकों में छिपी अवैध गतिविधियों को समय रहते उजागर किया जा सके। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
निष्कर्ष
चौपारण थाना क्षेत्र में की गई यह कार्रवाई राज्य में नशा मुक्त अभियान की दिशा में एक मजबूत कदम है। 70 एकड़ में फैली अफीम की खेती का विनाश यह दर्शाता है कि प्रशासन संगठित अपराध के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। आने वाले दिनों में इस तरह की कार्रवाइयों से न केवल तस्करी पर लगाम लगेगी, बल्कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा भी मजबूत होगी।




