पलामू पुलिस हथियार बरामदगी (झारखंड): पलामू पुलिस ने अपराध नियंत्रण की दिशा में एक अहम कार्रवाई करते हुए सहदेवा जंगल के पास एंटी क्राइम चेकिंग अभियान के दौरान हथियार और जिंदा गोली के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 22 जनवरी 2026 को सहदेवा से लेस्लीगंज जाने वाली मुख्य सड़क पर की गई, जहां पुलिस बल संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर बनाए हुए था। पुलिस की इस तत्परता से इलाके में सक्रिय आपराधिक तत्वों के मंसूबों पर पानी फिर गया है।
नियमित जांच के दौरान संदिग्ध बाइक सवारों पर नजर
पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार चलाए जा रहे एंटी क्राइम अभियान के तहत दोपहर करीब 3:35 बजे सहदेवा जंगल के समीप वाहन जांच शुरू की गई थी। इसी क्रम में शाम लगभग 4:40 बजे एक काले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल (रजिस्ट्रेशन नंबर JH03AF0924) पर सवार दो युवक पुलिस चेकिंग प्वाइंट की ओर आते दिखाई दिए। पुलिस कर्मियों ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने बाइक रोकते ही दोनों युवक वाहन छोड़कर भागने लगे।
तत्परता से पीछा कर दबोचे गए आरोपी
पुलिस बल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों युवकों का पीछा किया और कुछ ही दूरी पर उन्हें पकड़ लिया। भागने के कारण के बारे में पूछे जाने पर दोनों कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं, जिसके बाद उनकी विधिवत तलाशी ली गई।
तलाशी में हथियार, गोली और मोबाइल बरामद
तलाशी के दौरान रौशन कुमार (उम्र करीब 19 वर्ष) के बाएं कमर से एक 315 बोर का देशी कट्टा बरामद किया गया। इसके अलावा उसके पास मौजूद एक पैकेट से एक टच मोबाइल फोन भी मिला। वहीं दूसरे आरोपी आदेश कुमार (उम्र करीब 25 वर्ष) के पैंट के दाहिने पॉकेट से एक 8MM का जिंदा कारतूस (गोली) तथा बाएं पॉकेट से एक टच मोबाइल फोन बरामद हुआ। जब दोनों से हथियार और गोली के संबंध में वैध कागजात मांगे गए तो वे कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
आरोपियों की पहचान और पृष्ठभूमि
पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम और पता बताया। गिरफ्तार युवकों में रौशन कुमार, पिता स्वर्गीय नन्द किशोर राम, साकिन ठकुराई दीदरी तथा आदेश कुमार, पिता सुदामा चन्द्रवंशी, साकिन दारुडीह हैं। दोनों ही लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये युवक हथियार कहां से लाए थे और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।
जब्ती और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने बरामद देशी कट्टा, जिंदा गोली, दोनों मोबाइल फोन और काले रंग की पल्सर 150 मोटरसाइकिल को विधिवत जप्त कर लिया। इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर थाना लाया गया। इस संबंध में पु०अ०नि० रंजीत कुमार सिंह के आवेदन के आधार पर पाटन थाना कांड संख्या 16/2026, दिनांक 22.01.2026 के तहत आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-B)a/26/35 में प्राथमिकी दर्ज की गई है। कांड के अनुसंधान का भार पु०अ०नि० जितेन्द्र कुमार यादव को सौंपा गया है।
जप्त सामग्री का विवरण
पुलिस द्वारा जप्त की गई सामग्री में एक लोहे का बना 315 बोर का देशी कट्टा, एक 8MM का जिंदा कारतूस, दो टच मोबाइल फोन तथा एक काले रंग की पल्सर 150 मोटरसाइकिल (चेसिस नंबर MD2A11CX3MRD01232) शामिल है। इन सभी साक्ष्यों को केस डायरी में संलग्न कर आगे की जांच की जा रही है।
छापामारी दल की भूमिका
इस सफल अभियान में किशुनपुर ओपी, थाना पाटन से जुड़े कई पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही। छापामारी दल में पु०अ०नि० रंजीत कुमार सिंह के अलावा आरक्षी शिवनाथ राम, उदीत राम, धनंजय राम तथा हेमन्त कुमार रवि शामिल थे। पुलिस अधिकारियों की सतर्कता और समन्वय से यह कार्रवाई संभव हो सकी।
इलाके में बढ़ा पुलिस का भरोसा
इस गिरफ्तारी के बाद स्थानीय लोगों में पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ा है। सहदेवा जंगल और आसपास का इलाका पहले भी आपराधिक गतिविधियों को लेकर चर्चा में रहा है। ऐसे में हथियार के साथ दो युवकों की गिरफ्तारी से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस अपराधियों पर लगातार नकेल कस रही है। पुलिस अधीक्षक ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि जिले में अपराध नियंत्रण के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
आगे की जांच जारी
फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि गिरफ्तार आरोपी किसी बड़े आपराधिक गिरोह से जुड़े हैं या नहीं। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि बरामद हथियार का इस्तेमाल पहले किसी वारदात में हुआ है या नहीं। मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है, ताकि नेटवर्क और संभावित सहयोगियों का खुलासा किया जा सके।
निष्कर्ष
सहदेवा जंगल के पास की गई यह कार्रवाई पलामू पुलिस की सतर्कता और प्रभावी रणनीति का उदाहरण है। समय रहते संदिग्धों को पकड़कर हथियार बरामद करना न केवल एक संभावित अपराध को रोकने में मददगार साबित हुआ, बल्कि इससे आम जनता में सुरक्षा की भावना भी मजबूत हुई है। पुलिस का कहना है कि जिले में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे सघन चेकिंग अभियान लगातार चलते रहेंगे।




