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झारखंड वेतन घोटाले में बड़ा खुलासा अब रांची, रामगढ़ और देवघर तक पहुंची CID जांच | Jharkhand News | Bhaiyajii News

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Jharkhand Salary Scam : झारखंड में सामने आए बहुचर्चित वेतन घोटाले की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने रांची, रामगढ़ और देवघर में हुए अवैध वेतन निकासी के तीन और मामलों की जांच अपने हाथ में लेने का फैसला किया है। राज्य सरकार और जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह मामला केवल कुछ जिलों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार कई जिलों और विभागों तक जुड़े हो सकते हैं।

जानकारी के अनुसार, इन मामलों में पशुपालन विभाग और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े करोड़ों रुपये की अवैध निकासी की शिकायतें सामने आई हैं। प्रारंभिक जांच में वित्तीय अनियमितताओं के ऐसे संकेत मिले हैं, जिनके आधार पर CID ने विस्तृत जांच शुरू करने का निर्णय लिया है। इससे पहले बोकारो और हजारीबाग में सामने आए मामलों की जांच भी CID की विशेष जांच टीम (SIT) कर रही है।

कैसे सामने आया घोटाला?

झारखंड में वेतन भुगतान से जुड़े दस्तावेजों और बैंक खातों की जांच के दौरान कई संदिग्ध लेन-देन का पता चला था। जांच एजेंसियों को जानकारी मिली कि कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों के नाम पर नियमों के विपरीत वेतन निकाला गया। कई मामलों में ऐसे खातों में भी राशि ट्रांसफर हुई, जिनका संबंधित विभागों से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं था।

जांच में यह भी सामने आया कि अलग-अलग जिलों में लगभग एक जैसी कार्यप्रणाली अपनाकर सरकारी धन की निकासी की गई। इससे यह आशंका मजबूत हुई कि पूरे घोटाले के पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था, जिसने सरकारी वित्तीय प्रणाली की खामियों का फायदा उठाया।

रांची, रामगढ़ और देवघर क्यों आए जांच के दायरे में?

उच्चस्तरीय जांच समिति की समीक्षा के दौरान इन तीन जिलों में भी संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और वेतन भुगतान से संबंधित अनियमितताओं के संकेत मिले। इसके बाद CID को इन मामलों की विस्तृत जांच का निर्देश दिया गया। अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते इन मामलों की गहराई से जांच नहीं की गई तो घोटाले की वास्तविक राशि और इसमें शामिल लोगों की संख्या का पता लगाना मुश्किल हो सकता है।

देवघर और रामगढ़ में कुछ खातों की गतिविधियां पहले से जांच एजेंसियों के रडार पर थीं। वहीं रांची में विभागीय दस्तावेजों और भुगतान प्रक्रिया की जांच के दौरान कई नई जानकारियां सामने आईं, जिसने CID को सक्रिय कर दिया।

पहले से चल रही है बड़े स्तर पर जांच

इससे पहले बोकारो और हजारीबाग में करोड़ों रुपये की अवैध वेतन निकासी के मामलों की जांच शुरू हुई थी। CID की SIT ने सैकड़ों बैंक खातों की जांच की है और कई खातों को फ्रीज भी किया गया है। जांच के दौरान कुछ गिरफ्तारियां भी हुई हैं और कई अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ की जा चुकी है।

जांच एजेंसियों को संदेह है कि विभिन्न जिलों में एक ही प्रकार की प्रक्रिया अपनाकर सरकारी धन की हेराफेरी की गई। इसी वजह से अब पूरे मामले को अलग-अलग घटनाओं के बजाय एक व्यापक वित्तीय घोटाले के रूप में देखा जा रहा है।

उच्चस्तरीय समिति भी कर रही निगरानी

राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है। यह समिति विभिन्न जिलों से दस्तावेज, बैंक विवरण, ऑडिट रिपोर्ट और विभागीय अभिलेख जुटाकर उनकी समीक्षा कर रही है। समिति ने संबंधित जिलों को पिछले कई वर्षों के वेतन भुगतान रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया है।

सूत्रों के अनुसार, समिति यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह घोटाला केवल कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत का परिणाम था या फिर इसमें विभागीय स्तर पर भी लापरवाही अथवा सांठगांठ हुई थी।

बैंक खातों और नकद लेन-देन की भी जांच

CID केवल ऑनलाइन ट्रांजैक्शन तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसी उन मामलों की भी पड़ताल कर रही है, जहां सरकारी राशि निकालने के बाद उसे नकद रूप में ट्रांसफर या उपयोग किया गया। इसके लिए बैंक रिकॉर्ड, खातों की गतिविधियां और संबंधित व्यक्तियों की वित्तीय जानकारी खंगाली जा रही है।

जांचकर्ताओं का मानना है कि यदि धन के अंतिम उपयोगकर्ताओं तक पहुंच बनाई गई तो पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। इसी कारण वित्तीय ट्रेल को सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।

सरकार ने दिखाई सख्ती

वेतन घोटाले के सामने आने के बाद राज्य सरकार ने वित्तीय नियंत्रण व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। विभागों को वेतन भुगतान प्रक्रिया में अतिरिक्त सतर्कता बरतने तथा डीडीओ स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा गया है। कई विभागों ने अपने आंतरिक ऑडिट तंत्र को भी सक्रिय किया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वित्तीय निगरानी प्रणाली समय पर मजबूत होती तो इस तरह की अनियमितताओं को शुरुआती चरण में ही रोका जा सकता था। अब सरकार भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नई व्यवस्थाओं पर भी विचार कर रही है।

आगे क्या?

CID की जांच रांची, रामगढ़ और देवघर तक पहुंचने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि झारखंड का वेतन घोटाला अभी और बड़े खुलासे कर सकता है। जांच एजेंसियां विभिन्न जिलों के रिकॉर्ड का मिलान कर रही हैं और संदिग्ध बैंक खातों की पड़ताल जारी है। आने वाले दिनों में कई अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ हो सकती है।

यदि जांच में संगठित नेटवर्क की पुष्टि होती है, तो यह झारखंड के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक साबित हो सकता है। फिलहाल पूरे राज्य की नजर CID की कार्रवाई और उसके अगले खुलासों पर टिकी हुई है

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Manish Singh Chandel
Manish Singh Chandelhttps://bhaiyajiinews.in
Manish Singh Chandel रांची और झारखंड से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग करने वाले एक अनुभवी पत्रकार हैं। वे Bhaiyajii News में मुख्य संवाददाता (Chief Reporter) के रूप में कार्यरत हैं और राज्य से जुड़े प्रशासनिक, सामाजिक, शैक्षणिक, रोजगार, कानून व्यवस्था और जनहित के मुद्दों पर नियमित रूप से तथ्यात्मक और ज़मीनी रिपोर्टिंग करते हैं। स्थानीय खबरों की गहरी समझ और तेज़ रिपोर्टिंग के लिए जाने जाने वाले मनीष सिंह चंदेल रांची एवं झारखंड के विभिन्न इलाकों से सामने आने वाली घटनाओं, सरकारी फैसलों और नागरिक समस्याओं को प्राथमिकता के साथ कवर करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य आम जनता तक सटीक, निष्पक्ष और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है। बतौर मुख्य संवाददाता, वे ब्रेकिंग न्यूज़, फॉलो-अप रिपोर्ट, व्याख्यात्मक लेख (Explainables) और जनहित से जुड़ी विशेष रिपोर्ट्स पर काम करते हैं। प्रशासनिक सूत्रों, स्थानीय अधिकारियों और ज़मीनी स्तर की जानकारी के आधार पर तैयार की गई उनकी खबरें पाठकों के बीच विश्वसनीयता के लिए जानी जाती हैं। Manish Singh Chandel मानते हैं कि स्थानीय पत्रकारिता लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी होती है। इसी सोच के साथ वे रांची और झारखंड के नागरिक मुद्दों, विकास कार्यों, शिक्षा एवं रोजगार से जुड़ी सूचनाओं को सरल भाषा में प्रस्तुत करते हैं, ताकि हर वर्ग तक खबर की सही जानकारी पहुँच सके। Bhaiyajii News के साथ उनकी भूमिका सिर्फ खबरें प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे संपादकीय मानकों, तथ्य-जांच और समयबद्ध रिपोर्टिंग को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी निभाते हैं।
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