मेदिनीनगर (पलामू)Palamu Police Action। पलामू पुलिस ने त्वरित और सटीक कार्रवाई करते हुए NHAI के फोरलेन निर्माण कार्यस्थल पर प्रस्तावित गोलीबारी की साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया। इस ऑपरेशन में पुलिस ने अवैध हथियारों, जिंदा गोलियों और अन्य आपत्तिजनक सामग्री के साथ कुल आठ अपराधकर्मियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी दहशत फैलाकर रंगदारी वसूलने की नीयत से गोलीबारी की योजना बना रहे थे, जिससे निर्माण कार्य में लगे मजदूरों और साइट को नुकसान पहुंचाने की तैयारी थी।
पुलिस अधीक्षक, पलामू को 22 जनवरी 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ आपराधिक तत्व चियांकी ओवरब्रिज के पास अथवा सिंगरा स्थित निर्माण कंपनी के अस्थायी आवासीय कैंप पर गोलीबारी कर भय का माहौल बनाने वाले हैं। सूचना मिलते ही सत्यापन और कार्रवाई के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर), मेदिनीनगर के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया।
तीन स्थानों पर एक साथ छापेमारी
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने अलग–अलग स्थानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान चियांकी निर्माणाधीन ओवरब्रिज से तीन युवक, सिंगरा फोरलेन अमानत नदी के पास से दो युवक और सिंगरा स्थित निर्माणाधीन ओवरब्रिज से तीन युवकों को पकड़ा गया। इस तरह कुल आठ आरोपियों को अवैध हथियार, गोलियां और अन्य सामग्री के साथ गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में सामने आई साजिश की पूरी परत
गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपी कुख्यात अपराधियों के नाम का इस्तेमाल कर NHAI के पलामू में चल रहे कार्यस्थलों पर गोलीबारी की योजना बना रहे थे, ताकि डर का माहौल बनाकर मोटी रकम की उगाही की जा सके। पूछताछ में यह भी पता चला कि एक गिरोह को ‘कुबेर’ नाम के छद्म नाम से संचालित किया जा रहा था, जो विभिन्न असामाजिक तत्वों को संगठित कर वारदातों की योजना बनाता था।
आरोपियों की योजना थी कि यदि घटना को अंजाम दिया जाता है तो उसकी जिम्मेदारी एक गिरोह पर डाली जाए और यदि पकड़े जाते हैं तो दूसरे गिरोह के नाम पर जिम्मेदारी डाल दी जाए। इतना ही नहीं, गोलीबारी के बाद घटनास्थल पर धमकी भरी पर्ची फेंकने की भी तैयारी थी, ताकि रंगदारी के लिए दबाव बनाया जा सके। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर ऐसी एक धमकी भरी पर्ची भी बरामद की है।
को-ऑर्डिनेशन की अहम कड़ी
जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार अभियुक्तों में से एक युवक पूरे नेटवर्क के समन्वयक की भूमिका निभा रहा था, जो लगातार निर्देश लेकर अन्य युवकों तक आदेश पहुंचाता था। घटना के बाद उसके विदेश भागने की योजना की जानकारी भी पुलिस को मिली है। इस खुलासे के बाद पुलिस ने नेटवर्क की आगे की कड़ियों को खंगालना शुरू कर दिया है।
कानूनी कार्रवाई और बरामदगी
इस मामले में सदर थाना में कांड संख्या 08/28, दिनांक 23.01.2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट और UAP एक्ट की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। सभी गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
पुलिस ने छापेमारी के दौरान जिन सामग्रियों को जब्त किया है, उनमें दो देशी पिस्टल, दो देशी कट्टा, चार मैगजीन, 14 जिंदा गोलियां, सात मोबाइल फोन, तीन मोटरसाइकिल और दहशत फैलाने के उद्देश्य से प्रयुक्त एक धमकी भरी पर्ची शामिल है।
छापेमारी दल की भूमिका
इस सफल ऑपरेशन में पुलिस उपाधीक्षक (प्रभारी एसडीपीओ), सदर मेदिनीनगर के नेतृत्व में सदर थाना, पाटन थाना, टीओपी-01 टाइगर पुलिस बल और तकनीकी शाखा की टीम शामिल रही। पुलिस अधिकारियों ने टीमवर्क और त्वरित निर्णय क्षमता की सराहना की है।
अपराधिक इतिहास भी खंगाला गया
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार कुछ अभियुक्तों के खिलाफ पहले से कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें लूट, रंगदारी, हथियार रखने और हिंसक वारदातों से जुड़े आरोप शामिल हैं। इन सभी बिंदुओं को केस डायरी में संलग्न कर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
पुलिस का संदेश
पुलिस अधीक्षक, पलामू ने स्पष्ट कहा है कि जिले में विकास कार्यों को बाधित करने, दहशत फैलाने और रंगदारी वसूलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आम जनता और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
समय रहते की गई इस कार्रवाई से न सिर्फ एक बड़ी वारदात टल गई, बल्कि जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस की तत्परता और प्रतिबद्धता भी एक बार फिर सामने आई है।




