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पूर्वी सिंहभूम में अवैध खनन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 906 टन खनिज जब्त, 24 वाहन सीज | Jharkhand News | Bhaiyajii News |

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पूर्वी सिंहभूम अवैध खनन : पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक में उपायुक्त राजीव रंजन ने सभी संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से अभियान चलाकर अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए। प्रशासन की हालिया कार्रवाई में 906 टन अवैध खनिज जब्त किए गए हैं, जबकि 24 वाहनों को सीज किया गया है।

समाहरणालय सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त राजीव रंजन ने की। बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पाण्डेय, डीएफओ सबा आलम अंसारी, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर सहित वन, खनन, परिवहन, पुलिस एवं राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। विभिन्न अंचलों के अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

20 मामलों में कार्रवाई, 906 टन खनिज जब्त

बैठक में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार 18 मई 2026 से 14 जून 2026 के बीच जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स द्वारा अवैध खनन के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाया गया। इस दौरान कुल 20 मामलों में कार्रवाई की गई।

कार्रवाई के दौरान कुल 906 टन अवैध खनिज जब्त किए गए। इनमें 812 टन बालू, 74 टन स्टोन चिप्स तथा 20 टन लौह अयस्क शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा तथा सरकारी राजस्व की रक्षा के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

जिला प्रशासन के अनुसार अवैध खनन केवल आर्थिक नुकसान का कारण नहीं बनता, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन को भी प्रभावित करता है। यही कारण है कि अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

24 वाहन जब्त, लाखों रुपये का जुर्माना

खनन टास्क फोर्स द्वारा चलाए गए अभियान में कुल 24 वाहनों को जब्त किया गया। इनमें 16 हाइवा, 5 ट्रैक्टर और 3 अन्य मालवाहक वाहन शामिल हैं। जांच के दौरान अवैध खनिज परिवहन में संलिप्त पाए गए वाहनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।

इसके अलावा दो प्राथमिकी दर्ज की गईं तथा कुल 4.13 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

बालू घाटों और परिवहन मार्गों पर बढ़ेगी निगरानी

समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के सभी बालू घाटों, खनन प्रभावित क्षेत्रों तथा प्रमुख परिवहन मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि अवैध खनन रोकने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी क्षेत्र से अवैध खनन या अवैध परिवहन की शिकायत प्राप्त होती है तो तत्काल जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही ओवरलोडिंग के खिलाफ भी नियमित अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

प्रशासन का मानना है कि कई बार अवैध खनिज परिवहन के दौरान ओवरलोडिंग के कारण सड़क दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में परिवहन नियमों का पालन सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।

प्रदूषण नियंत्रण मानकों पर विशेष जोर

बैठक में झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, आदित्यपुर क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने जानकारी दी कि हाल के दिनों में दो क्रशर इकाइयों तथा दो ईंट भट्टों का निरीक्षण किया गया है।

निरीक्षण के दौरान प्रदूषण नियंत्रण मानकों के अनुपालन की स्थिति का आकलन किया गया। जहां आवश्यक पाया गया, वहां सुधारात्मक कदम उठाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि यदि किसी उद्योग, क्रशर या ईंट भट्ठे में पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। प्रशासन पर्यावरण संरक्षण को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतेगा।

मानसून में बालू खनन पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

बैठक में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेशों का भी उल्लेख किया गया। अधिकारियों ने बताया कि मानसून अवधि के दौरान जिले के सभी बालू घाटों से बालू का उठाव पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

यह प्रतिबंध 10 जून 2026 से 15 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि में किसी भी प्रकार का बालू उत्खनन या परिवहन अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार मानसून के दौरान बालू खनन से नदियों की प्राकृतिक संरचना प्रभावित होती है। इससे नदी कटाव, जैव विविधता पर प्रभाव तथा पर्यावरणीय असंतुलन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए एनजीटी द्वारा हर वर्ष मानसून अवधि में बालू खनन पर प्रतिबंध लगाया जाता है।

अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस नीति

पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन, अवैध परिवहन और अवैध भंडारण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और कानून व्यवस्था बनाए रखना है।

906 टन अवैध खनिज की जब्ती, 24 वाहनों की सीजिंग और लाखों रुपये के जुर्माने की कार्रवाई यह दर्शाती है कि जिला प्रशासन अवैध खनन के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। आने वाले दिनों में भी संयुक्त छापेमारी अभियान जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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