बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए अतिरिक्त उड़ान : झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए देवघर एयरपोर्ट से अतिरिक्त हवाई उड़ानें शुरू करने की मांग उठाई है। इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री को पत्र लिखकर देवघर के लिए अधिक उड़ानों का संचालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि सीमित उड़ानों के कारण देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
क्यों उठी अतिरिक्त उड़ानों की मांग?
देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और इसे हिंदू धर्म का अत्यंत पवित्र तीर्थ माना जाता है। विशेष रूप से श्रावणी मेला के दौरान लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज से जल लेकर पैदल यात्रा करते हुए बाबा धाम पहुंचते हैं। इसके अलावा पूरे वर्ष धार्मिक पर्यटन के कारण यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होता है।
हालांकि, वर्तमान में देवघर एयरपोर्ट से सीमित संख्या में उड़ानों का संचालन होने के कारण यात्रियों को रांची, पटना, कोलकाता या अन्य शहरों के माध्यम से यात्रा करनी पड़ती है। इससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं।
इरफान अंसारी ने पत्र में क्या कहा?
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने अपने पत्र में कहा कि देवघर धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से राष्ट्रीय महत्व का केंद्र बन चुका है। यहां देशभर से श्रद्धालु आते हैं, लेकिन सीमित हवाई सेवाओं के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि—
- देवघर एयरपोर्ट से प्रमुख महानगरों के लिए अतिरिक्त उड़ानें शुरू की जाएं।
- श्रावणी मेला और अन्य प्रमुख धार्मिक अवसरों पर विशेष फ्लाइट चलाई जाए।
- यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उड़ानों की संख्या बढ़ाई जाए।
- धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एयर कनेक्टिविटी मजबूत की जाए।
श्रद्धालुओं को मिलेगा सीधा लाभ
यदि अतिरिक्त उड़ानें शुरू होती हैं तो इसका सबसे बड़ा लाभ देशभर से बाबा धाम आने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगा। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद और चेन्नई जैसे शहरों से आने वाले यात्रियों का सफर आसान होगा।
इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांग श्रद्धालुओं को भी राहत मिलेगी क्योंकि लंबी सड़क या रेल यात्रा की तुलना में हवाई यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि देवघर के लिए अतिरिक्त उड़ानों का संचालन केवल धार्मिक पर्यटन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ होगा।
होटल, धर्मशाला, टैक्सी, स्थानीय बाजार, हस्तशिल्प, मिठाई व्यवसाय और छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होगी। इसके साथ ही नए निवेश और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
देवघर एयरपोर्ट का बढ़ता महत्व
देवघर एयरपोर्ट शुरू होने के बाद झारखंड को हवाई संपर्क के क्षेत्र में नई पहचान मिली है। एयरपोर्ट के संचालन से धार्मिक पर्यटन को नई गति मिली है। हालांकि यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ने के बावजूद उड़ानों की संख्या अपेक्षाकृत कम है।
यही कारण है कि समय-समय पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और व्यापारिक संस्थाएं अतिरिक्त उड़ानों की मांग उठाते रहे हैं।
श्रावणी मेले में बढ़ जाती है यात्रियों की संख्या
श्रावणी मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। इस दौरान रेल और सड़क मार्ग पर भारी दबाव देखने को मिलता है। यदि अतिरिक्त हवाई सेवाएं उपलब्ध हों तो बड़ी संख्या में श्रद्धालु कम समय में देवघर पहुंच सकेंगे।
इससे परिवहन व्यवस्था पर दबाव कम होगा और श्रद्धालुओं को बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा।
केंद्र सरकार के फैसले पर नजर
अब सभी की निगाहें केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के निर्णय पर टिकी हैं। यदि मंत्रालय इस मांग को स्वीकार करता है तो देवघर एयरपोर्ट से कई नई उड़ानों की शुरुआत संभव हो सकती है। इससे न केवल झारखंड बल्कि पड़ोसी राज्यों बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के श्रद्धालुओं को भी लाभ मिलेगा।
निष्कर्ष
बाबा बैद्यनाथ धाम देश के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बेहतर हवाई संपर्क समय की आवश्यकता बन चुका है। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी द्वारा अतिरिक्त उड़ानों की मांग इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। यदि इस पर सकारात्मक निर्णय लिया जाता है तो धार्मिक पर्यटन, स्थानीय व्यापार और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।







