गिरिडीह अवैध बालू खनन : झारखंड के गिरिडीह जिले में अवैध बालू खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। बेंगाबाद प्रखंड के मोतीलेदा बालू घाट पर गुरुवार को अंचल प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर अवैध रूप से बालू ले जा रहे एक ट्रैक्टर को जब्त किया। हालांकि, जब्त ट्रैक्टर को थाना ले जाने के दौरान चालक वाहन लेकर भागने लगा, लेकिन कुछ ही दूरी पर ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में चालक और ट्रैक्टर पर मौजूद चौकीदार बाल-बाल बच गए। घटना के बाद पुलिस ने ट्रैक्टर को दोबारा अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मोतीलेदा बालू घाट पर चला छापेमारी अभियान
जानकारी के अनुसार, प्रशासन को लंबे समय से मोतीलेदा बालू घाट से अवैध बालू खनन और परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बेंगाबाद अंचल अधिकारी सफी आलम के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने विशेष अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान बालू लदे एक ट्रैक्टर को पकड़ा गया और उसे जब्त कर थाना भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।
प्रशासन का कहना है कि जिले में अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
थाना ले जाते समय चालक ने किया भागने का प्रयास
जब्त ट्रैक्टर को थाना ले जाने के लिए प्रशासन ने वाहन पर एक चौकीदार को भी बैठाया था। इसी दौरान चालक ने अचानक ट्रैक्टर स्टार्ट किया और तेज गति से भागने लगा। चालक के इस कदम से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस और प्रशासन की टीम ने तुरंत पीछा शुरू किया, लेकिन तेलोनारी गांव के समीप तेज रफ्तार के कारण चालक ट्रैक्टर पर नियंत्रण नहीं रख सका। ट्रैक्टर सड़क किनारे गड्ढे में पलट गया।
बड़ा हादसा टला, दोनों सुरक्षित
ट्रैक्टर पलटने के बावजूद चालक और चौकीदार दोनों सुरक्षित बच गए। घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं मिली है। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और पलटे हुए ट्रैक्टर को अपने कब्जे में लेकर जब्ती की प्रक्रिया पूरी की।
प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की बात बताते हुए कहा कि समय रहते स्थिति नियंत्रण में आ गई, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
अवैध बालू कारोबारियों में मचा हड़कंप
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अवैध बालू कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मोतीलेदा बालू घाट और आसपास के क्षेत्रों से लंबे समय से नियमों की अनदेखी कर बालू का अवैध उठाव किया जा रहा था।
ग्रामीणों के अनुसार, रात और सुबह के समय बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों के जरिए बालू की ढुलाई की जाती है, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान होता है और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि ट्रैक्टर किसका था और अवैध बालू खनन के नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका है।
इसके अलावा सरकारी कार्रवाई में बाधा डालने और जब्त वाहन लेकर फरार होने की कोशिश के मामले में भी चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
झारखंड में क्यों गंभीर है अवैध बालू खनन?
झारखंड के कई जिलों में अवैध बालू खनन प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। बिना वैध अनुमति के नदियों से बालू निकालने के कारण नदी के प्राकृतिक प्रवाह पर असर पड़ता है, भूजल स्तर प्रभावित होता है और पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अनियंत्रित बालू खनन से नदी किनारों का कटाव बढ़ता है, पुलों और सड़कों की सुरक्षा पर भी खतरा उत्पन्न होता है। यही कारण है कि प्रशासन समय-समय पर विशेष अभियान चलाकर अवैध खनन पर रोक लगाने का प्रयास करता है।
प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध बालू खनन और परिवहन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध बालू खनन या परिवहन की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।
निष्कर्ष
गिरिडीह के बेंगाबाद स्थित मोतीलेदा बालू घाट पर हुई यह कार्रवाई प्रशासन की सख्ती को दर्शाती है। जब्त ट्रैक्टर लेकर भागने की कोशिश चालक को भारी पड़ गई और वाहन पलट गया। हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अवैध बालू खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। आने वाले दिनों में जिले के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी इसी तरह की कार्रवाई किए जाने की संभावना है।







