झारखंड मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण : झारखंड में आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान को पूरी गंभीरता के साथ आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। राज्यभर में मतदाता सूची को त्रुटिरहित, पारदर्शी और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ अधिकारी लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से लेकर अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न जिलों के मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) तथा बूथ लेवल एजेंट (BLA-2) के साथ बैठकें कीं और अभियान की प्रगति की समीक्षा की।
निर्वाचन आयोग का स्पष्ट लक्ष्य है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न हो। इसी उद्देश्य से घर-घर सत्यापन, नए मतदाताओं का पंजीकरण, मृत एवं स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने और आवश्यक सुधार करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
खूंटी जिले में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने किया मतदान केंद्रों का निरीक्षण
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने मंगलवार को खूंटी जिले के तोरपा प्रखंड स्थित मतदान केंद्र संख्या 84, 87 और 89 का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बीएलओ और बीएलए-2 के साथ बैठक कर विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक घर तक पहुंचकर मतदाता सत्यापन सुनिश्चित करें। यदि कोई पात्र नागरिक अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं है तो उसका नाम नियमानुसार जोड़ा जाए। वहीं मृत, स्थानांतरित अथवा डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की प्राथमिकता निष्पक्ष और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना है।
सरायकेला-खरसावां में इन्यूमरेशन फॉर्म वितरण पर विशेष जोर
अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार ने सरायकेला-खरसावां जिले का दौरा किया। उन्होंने मतदान केंद्रों का निरीक्षण करते हुए इन्यूमरेशन फॉर्म के वितरण की स्थिति का जायजा लिया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी पात्र मतदाताओं तक समय पर फॉर्म पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। इसके बाद मतदान केंद्र संख्या 96 में आयोजित समीक्षा बैठक में बीएलओ और बीएलए-2 से अभियान की प्रगति की जानकारी ली गई। उन्होंने समय सीमा के भीतर सभी प्रक्रियाएं पूरी करने पर जोर दिया।
रांची में घर-घर सत्यापन अभियान की समीक्षा
राज्य प्रशिक्षण नोडल पदाधिकारी देवदास दत्ता ने रांची जिले के विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने बीएलओ और बीएलए-2 के साथ बैठक कर घर-घर चल रहे सत्यापन अभियान की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। किसी भी प्रकार की त्रुटि भविष्य में चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
हटिया विधानसभा क्षेत्र में भी अधिकारियों ने किया निरीक्षण
उप निर्वाचन पदाधिकारी (मुख्यालय) धीरज कुमार ठाकुर ने रांची के हटिया विधानसभा क्षेत्र के कई मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने बीएलओ द्वारा किए जा रहे सत्यापन कार्य की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में गुणवत्ता और समय-सीमा दोनों का विशेष ध्यान रखा जाए ताकि अंतिम सूची पूरी तरह प्रमाणिक और अद्यतन हो।
क्या है विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)?
विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) निर्वाचन आयोग द्वारा चलाया जाने वाला एक व्यापक अभियान है, जिसके तहत मतदाता सूची का घर-घर जाकर सत्यापन किया जाता है।
इस अभियान के दौरान—
- नए पात्र मतदाताओं का नाम जोड़ा जाता है।
- मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं।
- स्थान बदल चुके मतदाताओं का विवरण अपडेट किया जाता है।
- डुप्लीकेट और त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों को हटाया जाता है।
- सभी मतदाताओं का रिकॉर्ड अद्यतन किया जाता है।
इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय चुनाव सुनिश्चित करना है।
मतदाताओं को क्या करना चाहिए?
यदि आपके घर बीएलओ सत्यापन के लिए आते हैं तो आवश्यक दस्तावेज एवं जानकारी उपलब्ध कराएं। यदि किसी कारणवश आप उस समय घर पर नहीं हैं तो बाद में बीएलओ से संपर्क कर जानकारी दे सकते हैं। यदि मतदाता सूची में नाम, पता, उम्र या अन्य जानकारी में कोई त्रुटि है तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसका सुधार कराया जा सकता है।
निर्वाचन आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान में सहयोग करें ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक अपने मताधिकार का उपयोग कर सके।
क्यों महत्वपूर्ण है यह अभियान?
झारखंड में विधानसभा और अन्य चुनावों से पहले मतदाता सूची का अद्यतन होना बेहद आवश्यक माना जा रहा है। यदि मतदाता सूची में त्रुटियां रह जाती हैं तो पात्र मतदाता मतदान से वंचित हो सकते हैं। इसलिए निर्वाचन आयोग इस बार विशेष सतर्कता बरत रहा है और राज्य स्तर से लेकर बूथ स्तर तक लगातार निगरानी की जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों के लगातार जिला दौरे इस बात का संकेत हैं कि आयोग इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। आने वाले दिनों में पूरे राज्य में निरीक्षण और समीक्षा का सिलसिला जारी रहेगा।
निष्कर्ष
झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लेकर निर्वाचन आयोग पूरी तरह अलर्ट मोड में है। राज्य के विभिन्न जिलों में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मतदान केंद्रों का निरीक्षण, बीएलओ और बीएलए-2 के साथ समीक्षा बैठक तथा घर-घर सत्यापन अभियान की निगरानी इस बात का प्रमाण है कि आयोग आगामी चुनावों के लिए एक निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही यह अभियान सफल होगा और लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा।







