Ranchi Student Protest : झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन रविवार, 16 अगस्त 2026 को और तेज हो गया। आंदोलन के 23वें दिन Ranchi समेत राज्य के कई जिलों में प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले फूंककर विरोध जताया। छात्रों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में उनकी मांगों पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रदर्शनकारियों ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित परीक्षा अनियमितताओं की जांच और विवादित परीक्षाओं को लेकर ठोस निर्णय की मांग दोहराई। आंदोलनकारियों ने सरकार को आगे की कार्रवाई के लिए समयसीमा भी दी है और 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया है।
Ranchi में क्यों फूंके गए हेमंत सोरेन और राहुल गांधी के पुतले?
JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन पिछले कई दिनों से भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पारदर्शिता के मुद्दे को लेकर चल रहा है। छात्रों का कहना है कि उन्हें परीक्षा और चयन प्रक्रिया को लेकर कई सवालों के जवाब चाहिए और विवादित परीक्षाओं पर स्पष्ट कार्रवाई होनी चाहिए।
16 अगस्त को Ranchi में प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राहुल गांधी के पुतले जलाकर सरकार और सत्तारूढ़ गठबंधन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। रिपोर्टों के अनुसार, राज्य के 24 जिला मुख्यालयों में भी पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कुछ स्थानों पर तेजस्वी यादव का पुतला भी जलाया गया।
Ranchi में प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नारेबाजी की और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाई। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि उन्हें नेताओं से आश्वासन के बजाय ठोस कार्रवाई चाहिए।
23वें दिन भी जारी है JPSC-JSSC आंदोलन
JPSC-JSSC विवाद को लेकर छात्रों का आंदोलन अब 23वें दिन में पहुंच गया है। प्रदर्शनकारी लगातार अपनी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
छात्र संगठनों की ओर से आरोप लगाया जा रहा है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं ने अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित किया है। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में विवादित परीक्षाओं पर कार्रवाई और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच शामिल है।
इस आंदोलन के दौरान Ranchi में पहले भी प्रदर्शन, मार्च और प्रशासन के साथ टकराव की स्थिति सामने आ चुकी है। कुछ दिन पहले विधानसभा की ओर मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया था।
छात्रों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की मांगों में मुख्य रूप से भर्ती परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग शामिल है।
आंदोलन से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार छात्र:
- कथित अनियमितताओं वाली परीक्षाओं पर कार्रवाई चाहते हैं।
- JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
- संबंधित मामलों की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।
- परीक्षा प्रक्रिया में जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं।
- भविष्य में भर्ती परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने की मांग कर रहे हैं।
हालांकि, अलग-अलग छात्र समूहों की मांगों में कुछ अंतर भी हो सकते हैं। इसलिए किसी भी मांग को अंतिम सूची के रूप में प्रकाशित करने से पहले आंदोलनकारी संगठनों के आधिकारिक बयान को देखना जरूरी है।
20 अगस्त को CM आवास घेराव का ऐलान
पुतला दहन के बाद आंदोलनकारियों ने अब अगला बड़ा कार्यक्रम 20 अगस्त 2026 को करने की घोषणा की है। छात्र नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के घेराव का ऐलान किया है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि वे अपनी मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करेंगे। आंदोलनकारियों की ओर से मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई है।
इस घोषणा के बाद Ranchi प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती बढ़ सकती है। हालांकि 20 अगस्त को वास्तविक स्थिति क्या होगी, यह प्रशासन की अनुमति, सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों के कार्यक्रम पर निर्भर करेगा।
सरकार की ओर से क्या कहा गया?
छात्र आंदोलन के बीच राज्य सरकार की ओर से यह कहा गया है कि सरकार मामले को गंभीरता से ले रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाल में परीक्षा व्यवस्था में सुधार और अनियमितताओं पर कार्रवाई की बात कही है।
रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने विधानसभा में 14वीं JPSC Civil Services Examination को रद्द करने की घोषणा भी की है। साथ ही कुछ अन्य परीक्षाओं को लेकर भी कार्रवाई और जांच की बात सामने आई है।
यही वजह है कि छात्रों और सरकार के बीच अब यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि सरकार की ओर से घोषित कदमों के बावजूद आंदोलन क्यों जारी है।
छात्रों और सरकार के बीच गतिरोध क्यों नहीं टूट रहा?
आंदोलन के लंबे समय तक जारी रहने के पीछे सबसे बड़ा कारण छात्रों और सरकार के बीच मांगों को लेकर बनी असहमति बताई जा रही है।
सरकार की ओर से कुछ परीक्षाओं पर कार्रवाई की घोषणा किए जाने के बावजूद आंदोलनकारी सभी संबंधित मुद्दों पर स्पष्ट और व्यापक कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। छात्र संगठनों का कहना है कि केवल कुछ परीक्षाओं पर फैसला पर्याप्त नहीं है और वे कथित अनियमितताओं से जुड़े पूरे मामले में स्वतंत्र जांच चाहते हैं।
दूसरी ओर, सरकार का पक्ष है कि परीक्षा व्यवस्था को लेकर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच बातचीत और समाधान की संभावना आगे महत्वपूर्ण होगी।
Rahul Gandhi को लेकर छात्रों का क्या रुख है?
प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी को भी अपने विरोध का हिस्सा बनाया है। छात्रों का आरोप है कि कांग्रेस के समर्थन वाली सरकार में उनकी मांगों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई।
रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी से राज्य सरकार पर दबाव बनाने और जरूरत पड़ने पर JMM नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार से समर्थन वापस लेने की अपील भी की है।
हालांकि राहुल गांधी की ओर से इस विशेष पुतला दहन कार्यक्रम पर कोई व्यक्तिगत प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट के समय तक सामने नहीं आई है। इसलिए उनके रुख को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
Ranchi में बढ़ सकती है सुरक्षा व्यवस्था
छात्र आंदोलन के लगातार तेज होने और 20 अगस्त को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव के कारण Ranchi में सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण मुद्दा बन गई है।
पिछले प्रदर्शन के दौरान विधानसभा क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाई गई थी और निषेधात्मक आदेश भी लगाए गए थे।
20 अगस्त के कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन की ओर से संभावित भीड़, यातायात और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं। हालांकि प्रशासन की अंतिम व्यवस्था और आदेशों की जानकारी आधिकारिक तौर पर जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
आंदोलन का अगला चरण क्या होगा?
16 अगस्त के पुतला दहन के बाद छात्रों का अगला बड़ा कार्यक्रम 20 अगस्त बताया जा रहा है। आंदोलनकारी नेताओं ने मुख्यमंत्री आवास के घेराव की घोषणा की है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि:
- क्या सरकार और छात्रों के बीच बातचीत होती है?
- क्या विवादित परीक्षाओं पर और फैसले लिए जाते हैं?
- क्या जांच को लेकर छात्रों की मांग पर कोई नई घोषणा होती है?
- क्या 20 अगस्त का प्रस्तावित कार्यक्रम तय योजना के अनुसार होता है?
- प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात को लेकर क्या व्यवस्था की जाती है?
इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में आंदोलन की दिशा तय कर सकते हैं।
निष्कर्ष
Ranchi में हेमंत सोरेन और राहुल गांधी के पुतले जलाने की घटना JPSC-JSSC भर्ती परीक्षा विवाद को लेकर चल रहे आंदोलन के और उग्र होने का संकेत है। 23वें दिन भी जारी आंदोलन में छात्रों ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं पर ठोस कार्रवाई की मांग दोहराई है।
सरकार की ओर से कुछ परीक्षाओं पर कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के संकेत दिए गए हैं, लेकिन आंदोलनकारी छात्र अभी संतुष्ट नहीं हैं। अब 20 अगस्त को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव पर सबकी नजर रहेगी।
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