तंबाकू उत्पाद : झारखंड में तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में प्रशासन ने एक बार फिर सख्त कदम उठाया है। जिले में चलाए गए विशेष तंबाकू नियंत्रण अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले 13 दुकानदारों पर कार्रवाई करते हुए उनसे जुर्माना वसूला गया। यह कार्रवाई सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA) के तहत की गई। अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों, शैक्षणिक संस्थानों और बाजार क्षेत्रों में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर नियंत्रण स्थापित करना तथा लोगों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है।
तंबाकू नियंत्रण अभियान में कई दुकानों की जांच
स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की संयुक्त टीम ने जिले के विभिन्न बाजारों, बस स्टैंड, चौक-चौराहों तथा स्कूल-कॉलेजों के आसपास स्थित दुकानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई दुकानदारों द्वारा तंबाकू उत्पादों की बिक्री से जुड़े नियमों का उल्लंघन पाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि कई दुकानों में चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए थे, जबकि कुछ स्थानों पर शैक्षणिक संस्थानों के निकट तंबाकू उत्पाद बेचे जा रहे थे। ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
13 दुकानदारों से वसूला गया जुर्माना
निरीक्षण अभियान के दौरान नियमों के उल्लंघन के कुल 13 मामले सामने आए। इन सभी दुकानदारों पर कोटपा अधिनियम के तहत जुर्माना लगाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल दंड देने के लिए नहीं बल्कि नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से भी की गई है।
प्रशासन का कहना है कि यदि भविष्य में दोबारा उल्लंघन पाया गया तो और अधिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत लाइसेंस संबंधी कार्रवाई भी संभव है।
कोटपा अधिनियम क्या है?
सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA) वर्ष 2003 में लागू किया गया था। इस कानून का मुख्य उद्देश्य तंबाकू सेवन को नियंत्रित करना और लोगों को इससे होने वाले स्वास्थ्य नुकसान से बचाना है।
इस अधिनियम के तहत—
- सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंधित है।
- 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचना अपराध है।
- स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है।
- दुकानों में चेतावनी बोर्ड लगाना अनिवार्य है।
- नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
स्कूलों और कॉलेजों के आसपास विशेष निगरानी
अभियान के दौरान अधिकारियों ने विशेष रूप से शैक्षणिक संस्थानों के आसपास स्थित दुकानों की जांच की। कई बार देखा गया है कि छात्र-छात्राओं की पहुंच में आसानी से तंबाकू उत्पाद उपलब्ध हो जाते हैं, जिससे कम उम्र में नशे की लत लगने का खतरा बढ़ जाता है।
प्रशासन ने दुकानदारों को सख्त निर्देश दिए कि वे स्कूल और कॉलेजों के आसपास किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पाद की बिक्री न करें। इसके साथ ही नाबालिगों को तंबाकू उत्पाद बेचने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
तंबाकू सेवन से बढ़ रही स्वास्थ्य समस्याएं
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार तंबाकू सेवन आज भी कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी और कई अन्य गंभीर रोगों का प्रमुख कारण है। सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, खैनी और अन्य तंबाकू उत्पाद शरीर के लगभग हर अंग को प्रभावित करते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्टों के अनुसार हर वर्ष लाखों लोगों की मौत तंबाकू से संबंधित बीमारियों के कारण होती है। भारत में भी तंबाकू सेवन सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युवाओं को शुरुआती अवस्था में ही तंबाकू से दूर रखा जाए तो भविष्य में कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
जागरूकता और कानून दोनों जरूरी
अधिकारियों का कहना है कि केवल जुर्माना लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। इसके लिए समाज में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों को भी इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
अभियान के दौरान दुकानदारों को तंबाकू कानूनों की जानकारी दी गई और उन्हें नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही आम लोगों से भी अपील की गई कि वे सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान न करें और तंबाकू उत्पादों के सेवन से बचें।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तंबाकू नियंत्रण को लेकर ऐसे अभियान भविष्य में भी लगातार चलाए जाएंगे। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का मानना है कि सख्त निगरानी, नियमित जांच और जनजागरूकता के माध्यम से ही तंबाकू सेवन पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। तंबाकू मुक्त समाज का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षण संस्थान और आम नागरिक मिलकर इस दिशा में काम करें।
तंबाकू उत्पादों की अवैध बिक्री के खिलाफ हुई यह कार्रवाई न केवल कानून के पालन को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को नशे की गिरफ्त से बचाने का भी एक प्रभावी प्रयास है।







