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हजारीबाग की चंद्रगुप्त कोल परियोजना में रंगदारी के लिए फायरिंग, अपराधियों ने फैलाया दहशत का माहौल | Jharkhand News | Bhaiyajii News |

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चंद्रगुप्त कोल परियोजना फायरिंग : झारखंड के हजारीबाग जिले में स्थित चंद्रगुप्त कोल परियोजना एक बार फिर अपराधियों की गतिविधियों को लेकर चर्चा में है। केरेडारी प्रखंड के पगार ओपी क्षेत्र अंतर्गत संचालित इस महत्वपूर्ण कोयला परियोजना में अपराधियों ने कथित रूप से रंगदारी की मांग को लेकर फायरिंग कर दहशत फैलाने का प्रयास किया। घटना के बाद परियोजना प्रबंधन, कर्मचारियों और स्थानीय ग्रामीणों में भय का माहौल है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आरोपियों की पहचान के लिए छापेमारी अभियान चला रही है।

देर रात हुई गोलीबारी से मचा हड़कंप

जानकारी के अनुसार, चंद्रगुप्त कोल परियोजना के जोरदाग स्थित कोल स्टॉक यार्ड के समीप देर रात बाइक सवार अपराधी पहुंचे और अचानक फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी की आवाज सुनते ही परियोजना क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अपराधियों ने कई राउंड फायरिंग की। इस दौरान एक गोली यार्ड में खड़े वाहन के गेट में जा लगी, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी या स्थानीय नागरिक को कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा।

रंगदारी की मांग से जुड़ा हो सकता है मामला

प्रारंभिक जांच में यह मामला रंगदारी से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, कोयला परियोजना क्षेत्र में सक्रिय कुछ आपराधिक गिरोह लंबे समय से रंगदारी वसूली के प्रयास करते रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि इसी दबाव को बनाने के लिए अपराधियों ने फायरिंग की घटना को अंजाम दिया।

हालांकि पुलिस ने अभी तक आधिकारिक रूप से किसी गिरोह या व्यक्ति का नाम सार्वजनिक नहीं किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।

पुलिस ने शुरू की जांच, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे

घटना की सूचना मिलते ही पगार ओपी पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। पुलिस टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। साथ ही परियोजना परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ स्थानीय खुफिया नेटवर्क की भी मदद ली जा रही है। क्षेत्र के कई संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

कर्मचारियों में बढ़ी असुरक्षा की भावना

फायरिंग की इस घटना के बाद चंद्रगुप्त कोल परियोजना में कार्यरत कर्मचारियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। कर्मचारियों का कहना है कि परियोजना क्षेत्र में पहले भी रंगदारी और आपराधिक गतिविधियों की घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन इस तरह खुलेआम फायरिंग होना बेहद चिंताजनक है।

कर्मचारियों ने परियोजना प्रबंधन और जिला प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि परियोजना में हजारों लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है, ऐसे में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

कोयला क्षेत्रों में अपराध बन रहा बड़ी चुनौती

झारखंड के कई कोयला उत्पादक क्षेत्रों में अपराध और रंगदारी की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। कोयला उद्योग से जुड़े बड़े आर्थिक हितों के कारण आपराधिक गिरोह इन क्षेत्रों को अपना निशाना बनाते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि कोयला परियोजनाओं में आधुनिक सुरक्षा तंत्र की आवश्यकता है। हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी, डिजिटल एक्सेस कंट्रोल सिस्टम और नियमित पुलिस गश्त जैसी व्यवस्थाएं ऐसी घटनाओं को रोकने में मददगार साबित हो सकती हैं।

स्थानीय ग्रामीणों ने भी जताई चिंता

घटना के बाद आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों ने भी चिंता व्यक्त की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अपराधियों के हौसले इसी तरह बढ़ते रहे तो क्षेत्र की शांति और विकास दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अपराधियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। ग्रामीणों ने क्षेत्र में स्थायी पुलिस गश्त बढ़ाने और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने की भी मांग की है।

चंद्रगुप्त कोल परियोजना का आर्थिक महत्व

चंद्रगुप्त कोल परियोजना उत्तर कर्णपुरा कोलफील्ड क्षेत्र की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक मानी जाती है। इस परियोजना से न केवल कोयला उत्पादन होता है, बल्कि हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार भी मिलता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस तरह की आपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ती हैं तो इसका असर उत्पादन, निवेश और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। इसलिए परियोजना क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन और प्रबंधन दोनों की जिम्मेदारी है।

जल्द गिरफ्तारी का भरोसा

पुलिस प्रशासन ने कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम बनाई गई है। अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जल्द ही आरोपियों तक पहुंचा जाएगा।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष

हजारीबाग के केरेडारी स्थित चंद्रगुप्त कोल परियोजना में रंगदारी को लेकर हुई फायरिंग की घटना ने एक बार फिर झारखंड के कोयला क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सौभाग्य से इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन अपराधियों का खुलेआम गोलीबारी करना गंभीर चिंता का विषय है। अब लोगों की निगाहें पुलिस जांच और अपराधियों की गिरफ्तारी पर टिकी हैं। यदि प्रशासन त्वरित कार्रवाई करता है तो क्षेत्र में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर जनता का विश्वास और मजबूत होगा।

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