चतरा अफीम बरामदगी : झारखंड के चतरा जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लावालौंग थाना क्षेत्र के सिलदाग गांव में पुलिस ने छापेमारी कर करीब 2 किलोग्राम अफीम और 75 किलोग्राम डोडा बरामद किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने मनराज गंझू नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से अवैध मादक पदार्थों के कारोबार में संलिप्त बताया जा रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
चतरा पुलिस को 18 जून 2026 को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि लावालौंग थाना क्षेत्र के ग्राम सिलदाग निवासी मनराज गंझू अपने घर में अवैध रूप से अफीम और डोडा का भंडारण कर रखा है। सूचना में यह भी बताया गया था कि आरोपी किसी भी समय इन मादक पदार्थों को बाहरी व्यापारियों को ऊंचे दामों में बेच सकता है।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) सिमरिया नागरगोजे शुभम भाउसाहब के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के घर पर छापा मारा।
घर से मिला भारी मात्रा में नशीला पदार्थ
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मनराज गंझू को उसके घर से रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के क्रम में पुलिस को घर के भीतर बड़ी मात्रा में अफीम और डोडा मिला।
बरामद सामग्री
- करीब 2 किलोग्राम अफीम
- चार बोरियों में लगभग 75 किलोग्राम डोडा
- एक मोबाइल फोन
- आधार कार्ड
बरामद सामग्री को जब्त कर पुलिस ने आगे की जांच शुरू कर दी है। विशेषज्ञों के अनुसार बरामद मादक पदार्थों की बाजार कीमत लाखों रुपये में हो सकती है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला
इस मामले में लावालौंग थाना कांड संख्या 40/26 दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 15(सी), 17(बी), 18(बी) और 22(सी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामदगी की मात्रा को देखते हुए यह संगठित तस्करी का मामला प्रतीत होता है। इसलिए पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और इस अवैध नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं।
पहले भी जेल जा चुका है आरोपी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपी मनराज गंझू का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज हो चुका है।
लावालौंग थाना कांड संख्या 05/26, दिनांक 07 फरवरी 2026 में आरोपी पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 18, 27(A), 28, 29 एवं 30 तथा भारतीय वन अधिनियम की धारा 33 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
इससे स्पष्ट होता है कि आरोपी पहले से ही नशीले पदार्थों के कारोबार से जुड़ा हुआ था और पुलिस की निगरानी में था।
चतरा और लावालौंग क्षेत्र क्यों हैं संवेदनशील?
चतरा जिले का लावालौंग इलाका लंबे समय से अवैध अफीम खेती के लिए चर्चा में रहा है। घने जंगल, पहाड़ी क्षेत्र और दूरस्थ गांवों के कारण कई बार तस्कर यहां अफीम की खेती कर लेते हैं।
राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार अभियान चलाकर अवैध अफीम की खेती को नष्ट किया जा रहा है। इसके बावजूद कुछ लोग अवैध कमाई के लालच में इस कारोबार से जुड़े रहते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अफीम और डोडा की तस्करी न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है बल्कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने का भी बड़ा कारण है।
मोबाइल फोन से खुल सकते हैं कई राज
पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त किया है। जांच एजेंसियां मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल और संपर्क सूत्रों की जांच कर रही हैं।
संभावना जताई जा रही है कि मोबाइल से कई अन्य तस्करों और खरीददारों की जानकारी मिल सकती है। यदि ऐसा होता है तो आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
पुलिस की सख्त चेतावनी
चतरा पुलिस ने साफ कहा है कि जिले में नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा। अवैध अफीम खेती, मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध अफीम की खेती या नशे के कारोबार की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
छापामारी दल में शामिल रहे अधिकारी
इस सफल अभियान में निम्नलिखित पुलिस अधिकारी एवं जवान शामिल रहे—
- नागरगोजे शुभम भाउसाहब, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सिमरिया
- चंदन कुमार, थाना प्रभारी, लावालौंग थाना
- लावालौंग थाना के सशस्त्र बल
- स्थानीय चौकीदार
निष्कर्ष
चतरा पुलिस की यह कार्रवाई झारखंड में नशा तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान की बड़ी सफलता मानी जा रही है। 2 किलो अफीम और 75 किलो डोडा की बरामदगी यह दर्शाती है कि पुलिस लगातार सक्रिय है और अवैध कारोबारियों पर नजर रखे हुए है। आने वाले दिनों में जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई होने की संभावना है।







