चतरा हत्याकांड : झारखंड के चतरा जिले में राजपुर थाना क्षेत्र के गड़िया गांव से अपहृत युवक प्रमोद कुमार हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री को लेकर हुए विवाद के कारण युवक की हत्या की गई थी। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग को निरुद्ध किया गया है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हथियार और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए हैं।
गड़िया गांव से युवक के अपहरण की हुई थी शिकायत
जानकारी के अनुसार 7 जून 2026 को गड़िया गांव निवासी चेवलाल यादव ने राजपुर थाना में लिखित आवेदन देकर अपने पुत्र प्रमोद कुमार के अपहरण की सूचना दी थी। आवेदन में बताया गया था कि अज्ञात लोगों द्वारा उनके पुत्र का अपहरण कर लिया गया है।
शिकायत के आधार पर राजपुर थाना कांड संख्या 37/26 दर्ज करते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए चतरा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) के नेतृत्व में विशेष छापामारी दल का गठन किया गया।
जांच के दौरान नदी के बालू में दबा मिला शव
पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गहन अनुसंधान शुरू किया। जांच के क्रम में 7 जून को ही गड़िया गांव के निकट पुल से लगभग 200 मीटर उत्तर दिशा में नदी के बालू के अंदर दबाया गया प्रमोद कुमार का शव बरामद किया गया।
शव मिलने के बाद मामला अपहरण से हत्या में बदल गया और पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मानव संसाधन (Human Intelligence) तथा स्थानीय सूचनाओं के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। पुलिस अधिकारियों ने हत्या के पीछे के वास्तविक कारणों की पड़ताल के लिए हर पहलू पर बारीकी से जांच की।
तकनीकी जांच से खुला हत्या का राज
पुलिस के अनुसार तकनीकी शाखा की मदद से मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। साथ ही विभिन्न लोगों से पूछताछ और साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन के बाद यह स्पष्ट हुआ कि प्रमोद कुमार की हत्या उसके ही परिचितों द्वारा की गई थी।
जांच में सामने आया कि मृतक का अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री को लेकर कुछ लोगों के साथ विवाद चल रहा था। इसी विवाद के कारण आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को नदी किनारे बालू में दबा दिया गया था, ताकि पुलिस और परिजनों को घटना की जानकारी न मिल सके।
दो आरोपी गिरफ्तार, एक नाबालिग निरुद्ध
मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—
1. सुनील कुमार
- उम्र: लगभग 19 वर्ष
- पिता: बैजनाथ सिंह
- पता: पेथोल गांव, थाना राजपुर, जिला चतरा
2. सुनील कुमार
- उम्र: लगभग 21 वर्ष
- पिता: विकास सिंह भोक्ता
- पता: पेथोल गांव, थाना राजपुर, जिला चतरा
इसके अलावा हत्या की घटना में संलिप्त एक नाबालिग को भी पुलिस ने निरुद्ध किया है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।
हत्या में प्रयुक्त सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए हैं। बरामद वस्तुओं में शामिल हैं—
- हत्या में प्रयुक्त एक गमछा
- एक रस्सी का टुकड़ा
- मृतक का एक आईफोन मोबाइल
- हत्या के कारण से जुड़े सात जिंदा राउंड
- तीन अन्य मोबाइल फोन
पुलिस का मानना है कि बरामद किए गए साक्ष्य मामले के न्यायिक निष्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
विशेष छापामारी दल ने निभाई अहम भूमिका
इस हत्याकांड के खुलासे में गठित विशेष छापामारी दल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चतरा, पुलिस निरीक्षक सदर अंचल, राजपुर थाना प्रभारी, तकनीकी शाखा के कर्मी तथा राजपुर थाना के सशस्त्र बल शामिल थे।
पुलिस अधिकारियों ने आधुनिक तकनीक, डिजिटल साक्ष्य और मानवीय सूचनाओं के समन्वय से मामले का सफलतापूर्वक खुलासा किया। अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हत्याकांड
प्रमोद कुमार की हत्या और उसके बाद शव को नदी के बालू में दबाकर छिपाने की घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों ने मामले के शीघ्र खुलासे के लिए पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है। वहीं मृतक के परिजनों ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।
निष्कर्ष
चतरा जिले के राजपुर थाना क्षेत्र में हुए प्रमोद कुमार हत्याकांड का खुलासा पुलिस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री से जुड़े विवाद ने एक युवक की जान ले ली। तकनीकी जांच और सटीक पुलिस कार्रवाई के कारण मामले का खुलासा संभव हो सका। फिलहाल पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश और मामले के सभी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।







