Dhanbad Coal Mafia News : झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र धनबाद में एक बार फिर अवैध कोयला कारोबार को लेकर हिंसा भड़क उठी। कतरास इलाके में दो गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई इतनी बढ़ गई कि खुलेआम गोलीबारी होने लगी। इस घटना में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें एक की हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई और पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया।
कतरास में अचानक गूंजने लगी गोलियों की आवाज
जानकारी के अनुसार, धनबाद के कतरास क्षेत्र में अवैध कोयला कारोबार को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ था। रविवार देर शाम दो गुट आमने-सामने आ गए। पहले कहासुनी हुई, फिर मामला मारपीट तक पहुंचा और देखते ही देखते फायरिंग शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कई राउंड गोलियां चलीं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घटना के दौरान आसपास मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। स्थानीय दुकानदारों ने तुरंत दुकानें बंद कर दीं। गोली लगने से घायल दोनों युवकों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने एक की हालत गंभीर बताई है।
अवैध कोयला कारोबार बना हिंसा की जड़
धनबाद और खासकर कतरास क्षेत्र लंबे समय से अवैध कोयला खनन और तस्करी के लिए बदनाम रहा है। यहां कोयले के अवैध धंधे में कई छोटे-बड़े गिरोह सक्रिय हैं। कोयले की चोरी, लोडिंग पॉइंट पर कब्जा और ट्रांसपोर्टिंग नेटवर्क को लेकर अक्सर गुटों के बीच संघर्ष होता रहता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क में करोड़ों रुपये का खेल चलता है। यही कारण है कि वर्चस्व स्थापित करने के लिए अपराधी खुलेआम हथियारों का इस्तेमाल करते हैं। पिछले कुछ वर्षों में धनबाद के कई इलाकों में इसी तरह की फायरिंग और हिंसक घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
पुलिस पर उठ रहे सवाल
घटना के बाद लोगों ने पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से अवैध कारोबार चल रहा है, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। कई बार पुलिस पर संरक्षण देने के आरोप भी लगते रहे हैं।
हालांकि घटना के बाद पुलिस ने पूरे इलाके में छापेमारी शुरू कर दी है। कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गोलीबारी में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारी होगी।
कोयलांचल में पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
धनबाद का कोयलांचल क्षेत्र लंबे समय से गैंगवार और माफिया गतिविधियों के कारण चर्चा में रहा है। इससे पहले भी कई बार अवैध वसूली, कोयला चोरी और ट्रांसपोर्टिंग विवाद को लेकर हिंसक झड़पें हो चुकी हैं।
कुछ वर्ष पहले बेनीडीह साइडिंग इलाके में कोयला चोरी को लेकर सीआईएसएफ और कोयला चोरों के बीच मुठभेड़ हुई थी, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई थी। वहीं कतरास क्षेत्र में अपराधियों के बीच गोलीबारी की घटनाएं भी सामने आती रही हैं।
स्थानीय लोगों में दहशत
ताजा गोलीबारी के बाद कतरास इलाके में डर का माहौल है। लोग शाम होते ही घरों में रहने लगे हैं। अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। व्यापारियों का कहना है कि लगातार हो रही हिंसा से कारोबार प्रभावित हो रहा है।
एक स्थानीय निवासी ने बताया कि रात में अचानक गोलियों की आवाज सुनाई दी। लोग समझ ही नहीं पाए कि क्या हो रहा है। कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
राजनीति और अपराध का पुराना संबंध
धनबाद में कोयला कारोबार और राजनीति का संबंध कोई नया नहीं है। कई बार राजनीतिक संरक्षण के आरोप लगते रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अवैध कोयला कारोबार पर पूरी तरह रोक नहीं लगेगी, तब तक इस तरह की घटनाएं रुकना मुश्किल है।
कोयलांचल क्षेत्र में अपराधी गिरोहों का नेटवर्क इतना मजबूत हो चुका है कि वे स्थानीय स्तर पर दबदबा बनाने के लिए हिंसा का सहारा लेने से नहीं हिचकते।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार हो रही फायरिंग और गैंगवार से साफ है कि अपराधियों के मन से कानून का डर खत्म होता जा रहा है। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करती है और क्या अवैध कोयला कारोबार पर लगाम लग पाती है या नहीं।
फिलहाल घायल युवकों का इलाज जारी है और पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन स्थानीय लोगों में अब भी डर और आक्रोश बना हुआ है।







