डीपीएस जगन्नाथपुर रांची जागरूकता कार्यक्रम : राजधानी रांची के प्रतिष्ठित विद्यालय डीपीएस जगन्नाथपुर में शुक्रवार को एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को मादक पदार्थों के अवैध कारोबार एवं सेवन के दुष्प्रभाव, साइबर अपराध, महिला एवं बालकों से संबंधित अपराधों तथा सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक बनाना था।
इस विशेष कार्यक्रम में ट्रैफिक एसपी, ग्रामीण एसपी, ट्रैफिक डीएसपी और हटिया डीएसपी सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को विभिन्न सामाजिक और कानूनी विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी दी तथा उन्हें जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
नशे के दुष्प्रभावों पर छात्रों को किया गया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने मादक पदार्थों के बढ़ते प्रचलन और इसके दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि उसके परिवार और समाज पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।
पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहें और यदि आसपास किसी तरह की नशीले पदार्थों की अवैध गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। अधिकारियों ने कहा कि युवाओं की जागरूकता ही समाज को नशामुक्त बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभा सकती है।
साइबर क्राइम से बचाव के बताए उपाय
डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। छात्रों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, फिशिंग लिंक, सोशल मीडिया फ्रॉड, नकली वेबसाइट और साइबर बुलिंग जैसे अपराधों के बारे में जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने, ओटीपी साझा करने या बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा करने से बचना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने और सोशल मीडिया पर निजी जानकारी सीमित रखने की सलाह दी।
साथ ही यह भी बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो उसे तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या संबंधित पुलिस अधिकारियों से संपर्क करना चाहिए।
महिला एवं बाल सुरक्षा को लेकर दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम में महिला एवं बालकों से जुड़े अपराधों और सुरक्षा उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा संबंधी प्रावधानों की जानकारी दी।
छात्रों को बताया गया कि यदि उनके साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार, उत्पीड़न या धमकी जैसी घटना होती है तो वे बिना डर के अपने माता-पिता, शिक्षकों या पुलिस से संपर्क करें। अधिकारियों ने कहा कि अपराध के खिलाफ आवाज उठाना ही सबसे बड़ा बचाव है।
महिला सुरक्षा के संबंध में भी जागरूकता फैलाते हुए अधिकारियों ने कहा कि समाज में सुरक्षित वातावरण बनाने के लिए सभी नागरिकों की भागीदारी आवश्यक है।
ट्रैफिक नियमों का पालन करने का दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर भी छात्रों को जागरूक किया गया। ट्रैफिक अधिकारियों ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण यातायात नियमों की अनदेखी है।
विद्यार्थियों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, सड़क पार करते समय सावधानी बरतने तथा ट्रैफिक संकेतों का पालन करने की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
छात्रों को यह भी समझाया गया कि वे अपने परिवार के सदस्यों और मित्रों को भी यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करें। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।
छात्रों ने पूछे सवाल, अधिकारियों ने दिए जवाब
कार्यक्रम को संवादात्मक बनाने के लिए प्रश्नोत्तर सत्र का भी आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने साइबर अपराध, ट्रैफिक नियम, महिला सुरक्षा और नशे से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे।
पुलिस अधिकारियों ने सभी प्रश्नों का सरल और व्यावहारिक तरीके से उत्तर दिया। इससे छात्रों को कानून, सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों के बारे में बेहतर समझ प्राप्त हुई।
जागरूकता ही अपराध रोकने का सबसे प्रभावी माध्यम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने कहा कि अपराधों की रोकथाम केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। जागरूक नागरिक ही सुरक्षित समाज की नींव रख सकते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने आसपास होने वाली गलत गतिविधियों के प्रति सजग रहें और जरूरत पड़ने पर प्रशासन की सहायता करें। साथ ही डिजिटल दुनिया में जिम्मेदारी से व्यवहार करने और सामाजिक मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया गया।
विद्यालय प्रबंधन ने जताया आभार
विद्यालय प्रबंधन ने कार्यक्रम में शामिल हुए पुलिस अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। स्कूल प्रशासन ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और सामाजिक जिम्मेदारियों की समझ को मजबूत करते हैं।
प्रबंधन ने उम्मीद जताई कि कार्यक्रम से प्राप्त जानकारी छात्रों को जीवनभर सुरक्षित, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने में मदद करेगी।
निष्कर्ष
डीपीएस जगन्नाथपुर, रांची में आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी साबित हुआ। साइबर अपराध, मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा ट्रैफिक नियमों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मिली जानकारी से छात्रों में जागरूकता बढ़ी। ऐसे कार्यक्रम न केवल युवाओं को सही दिशा प्रदान करते हैं, बल्कि सुरक्षित और जिम्मेदार समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।







