जमशेदपुर आम महोत्सव : पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन की पहल पर समाहरणालय परिसर में आयोजित एक दिवसीय आम महोत्सव किसानों और आम उत्पादकों के लिए लाभकारी साबित हुआ। महोत्सव में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए किसानों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान कुल 1074 किलोग्राम आम की बिक्री हुई, जिससे किसानों को 53,700 रुपये की आय प्राप्त हुई। यह आयोजन किसानों को सीधे बाजार उपलब्ध कराने और उनकी आमदनी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त राजीव रंजन ने किया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, अपर उपायुक्त अनुराग तिवारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंचानन उरांव, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (जेएसएलपीएस) सुजीत बारी सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
किसानों और उपभोक्ताओं के बीच बना सीधा संपर्क
आम महोत्सव का मुख्य उद्देश्य किसानों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ना था ताकि बिचौलियों की भूमिका कम हो और उत्पादकों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके। मेले में बड़ी संख्या में शहरवासियों ने पहुंचकर किसानों से सीधे आम की खरीदारी की।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन किसानों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थानीय कृषि उत्पादों को पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिलता है और उपभोक्ताओं को ताजा एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पाद सीधे उपलब्ध हो पाते हैं।
उपायुक्त ने किया विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण
उद्घाटन के बाद उपायुक्त राजीव रंजन ने महोत्सव में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों और स्वयं सहायता समूहों द्वारा प्रदर्शित आम की विभिन्न किस्मों का अवलोकन किया और उत्पादकों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और सुझावों की जानकारी ली।
उपायुक्त ने किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले फल उत्पादन के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बदलते समय में बाजार की मांग के अनुसार उत्पादन करना आवश्यक है ताकि किसानों को अधिक लाभ मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन किसानों के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। मार्केट लिंकेज के माध्यम से जिले के आम को अन्य जिलों और बड़े बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि कृषि और बागवानी क्षेत्र में नई तकनीकों को अपनाकर किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखना चाहता बल्कि उन्हें विपणन और मूल्य संवर्धन की दिशा में भी आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।
उन्होंने कहा कि आम महोत्सव जैसे आयोजन किसानों को अपनी उपज प्रदर्शित करने, खरीदारों से सीधे संपर्क स्थापित करने और बेहतर आय अर्जित करने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।
वैज्ञानिक बागवानी को बढ़ावा देने पर जोर
उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले आम उत्पादन के लिए वैज्ञानिक बागवानी पद्धतियों को अपनाना बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि समय-समय पर पौध संरक्षण, रोग नियंत्रण और आधुनिक बागवानी तकनीकों से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसका उद्देश्य किसानों को नई तकनीकों से जोड़ना और उत्पादन क्षमता बढ़ाना है।
उन्होंने कहा कि जेएसएलपीएस, मनरेगा और बागवानी विभाग के सहयोग से किसानों, बागवानी सखियों और ग्रामीण कार्यकर्ताओं को नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे खेती और बागवानी को अधिक लाभकारी बनाया जा सकेगा।
सभी 11 प्रखंडों की रही भागीदारी
आम महोत्सव में पूर्वी सिंहभूम जिले के सभी 11 प्रखंडों के किसानों ने भाग लिया। इसके अलावा जेएसएलपीएस से जुड़े चार किसान उत्पादक संगठन (FPO) भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
किसानों ने आम की विभिन्न प्रजातियों का प्रदर्शन किया। स्थानीय स्तर पर उत्पादित आमों की गुणवत्ता और स्वाद ने उपभोक्ताओं को आकर्षित किया। मेले में पहुंचे लोगों ने विभिन्न किस्मों के आम खरीदकर किसानों का उत्साह बढ़ाया।
इस आयोजन ने यह साबित किया कि यदि किसानों को सही मंच और बाजार उपलब्ध कराया जाए तो वे बेहतर आय अर्जित कर सकते हैं।
मार्केट लिंकेज से बदल रही किसानों की तस्वीर
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि आज के समय में केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उत्पाद को उचित बाजार उपलब्ध कराना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा किसानों को मार्केट लिंकेज उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। किसान अब अपनी उपज को स्थानीय बाजारों के साथ-साथ बाहरी जिलों तक भी पहुंचा पा रहे हैं।
इससे किसानों की आय में वृद्धि हो रही है और कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिल रही है।
आम उत्पादन में पूर्वी सिंहभूम की बढ़ती पहचान
पूर्वी सिंहभूम जिला धीरे-धीरे आम उत्पादन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना रहा है। जिले के कई क्षेत्रों में आम की व्यावसायिक खेती की जा रही है। प्रशासन द्वारा बागवानी को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसानों को बेहतर प्रशिक्षण, सिंचाई सुविधा, तकनीकी सहायता और बाजार उपलब्ध कराया जाए तो आने वाले वर्षों में पूर्वी सिंहभूम झारखंड के प्रमुख आम उत्पादक जिलों में शामिल हो सकता है।
किसानों के लिए सफल पहल साबित हुआ महोत्सव
आम महोत्सव के दौरान हुई 1074 किलोग्राम आम की बिक्री और किसानों को प्राप्त 53,700 रुपये की आय इस आयोजन की सफलता को दर्शाती है। किसानों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की।
कई किसानों का कहना है कि सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ने के कारण उन्हें बेहतर मूल्य मिला और उनकी उपज की मांग भी बढ़ी।
निष्कर्ष
पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा आयोजित आम महोत्सव किसानों को बाजार उपलब्ध कराने और उनकी आय बढ़ाने की दिशा में एक सफल पहल साबित हुआ है। कार्यक्रम में 1074 किलोग्राम आम की बिक्री और 53,700 रुपये की आय ने यह दिखा दिया कि सही मंच मिलने पर किसान अपनी मेहनत का उचित लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
जिला प्रशासन की यह पहल न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मददगार साबित होगी, बल्कि झारखंड में बागवानी और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी।







