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झारखंड में BP और शुगर जांच अभियान को मिली रफ्तार, एक साल में 40 लाख से अधिक लोगों की हुई स्क्रीनिंग | Jharkhand News | Bhaiyajii News |

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झारखंड BP और शुगर जांच अभियान : झारखंड में गैर-संचारी रोगों (Non-Communicable Diseases – NCDs) की पहचान और रोकथाम के लिए चलाया जा रहा रक्तचाप (BP) और मधुमेह (शुगर) जांच अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग की पहल से पिछले एक वर्ष के दौरान 40 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। यह अभियान न केवल बीमारियों की शुरुआती पहचान में मदद कर रहा है, बल्कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज आज भारत में तेजी से बढ़ रही स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल हैं। इन बीमारियों का समय पर पता नहीं चलने पर हृदय रोग, किडनी की बीमारी, स्ट्रोक और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में झारखंड सरकार का यह अभियान सार्वजनिक स्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अभियान का उद्देश्य क्या है?

BP और शुगर जांच अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य के लोगों में उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी बीमारियों की शुरुआती पहचान करना है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यदि इन बीमारियों का समय रहते पता चल जाए तो उनका उपचार आसान और अधिक प्रभावी हो सकता है।

अभियान के तहत—

  • लोगों का मुफ्त BP परीक्षण किया जा रहा है,
  • रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) की जांच की जा रही है,
  • जोखिम वाले मरीजों की पहचान की जा रही है,
  • जरूरत पड़ने पर आगे की चिकित्सा सलाह दी जा रही है,
  • लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

एक वर्ष में 40 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले एक वर्ष में राज्यभर में 40 लाख से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है। यह आंकड़ा बताता है कि अभियान को ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर चलाया गया है।

स्क्रीनिंग के दौरान—

  • बड़ी संख्या में लोगों का BP जांचा गया,
  • मधुमेह के संभावित मरीजों की पहचान हुई,
  • कई लोगों में शुरुआती लक्षण पाए गए,
  • स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से फॉलोअप की व्यवस्था की गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचना सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

क्यों बढ़ रही हैं BP और शुगर की समस्याएं?

भारत सहित झारखंड में भी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। बदलती जीवनशैली, खानपान की आदतें और शारीरिक गतिविधियों में कमी इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं।

BP और डायबिटीज बढ़ने के प्रमुख कारण—

  • अनियमित खानपान,
  • अत्यधिक नमक और चीनी का सेवन,
  • मोटापा,
  • तनाव,
  • धूम्रपान और शराब का सेवन,
  • शारीरिक गतिविधियों की कमी,
  • आनुवंशिक कारण।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच ही इन बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचा स्वास्थ्य अभियान

झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए अभियान को विशेष रूप से गांवों तक ले जाया गया। आशा कार्यकर्ताओं, सहिया, एएनएम और स्वास्थ्यकर्मियों ने घर-घर जाकर लोगों को जांच के लिए प्रेरित किया।

अभियान के दौरान—

  • स्वास्थ्य शिविर लगाए गए,
  • पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम हुए,
  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को सक्रिय किया गया,
  • मोबाइल हेल्थ यूनिट का उपयोग किया गया।

इससे दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी लाभ मिला।

गैर-संचारी रोगों पर फोकस

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार गैर-संचारी रोग दुनिया भर में मौतों का एक बड़ा कारण हैं। झारखंड सरकार ने भी NCD नियंत्रण कार्यक्रम के तहत BP और शुगर जांच को प्राथमिकता दी है।

इन रोगों में शामिल हैं—

  • उच्च रक्तचाप,
  • मधुमेह,
  • हृदय रोग,
  • कैंसर,
  • स्ट्रोक,
  • किडनी रोग।

इन बीमारियों की समय पर पहचान से गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों को कम किया जा सकता है।

स्वास्थ्य विभाग की रणनीति

स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को सफल बनाने के लिए बहुस्तरीय रणनीति अपनाई है।

मुख्य पहलें—

  • नियमित स्क्रीनिंग,
  • डिजिटल डेटा संग्रह,
  • स्वास्थ्य केंद्रों में फॉलोअप,
  • प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी,
  • जागरूकता अभियान,
  • जोखिम वाले मरीजों की निगरानी।

विशेषज्ञों का कहना है कि केवल जांच ही नहीं बल्कि उपचार और निगरानी भी उतनी ही जरूरी है।

जागरूकता बढ़ाना भी बड़ी उपलब्धि

इस अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना है। कई लोग तब तक BP और शुगर की जांच नहीं कराते जब तक बीमारी गंभीर रूप नहीं ले लेती।

अभियान के माध्यम से लोगों को बताया जा रहा है कि—

  • नियमित स्वास्थ्य जांच जरूरी है,
  • संतुलित आहार अपनाएं,
  • व्यायाम करें,
  • धूम्रपान और नशे से बचें,
  • तनाव कम करें,
  • डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार लें।

भविष्य की योजनाएं

स्वास्थ्य विभाग आने वाले समय में स्क्रीनिंग अभियान को और व्यापक बनाने की तैयारी कर रहा है।

संभावित योजनाएं—

  • अधिक लोगों तक पहुंच,
  • डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड,
  • गांव स्तर पर नियमित जांच,
  • स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम,
  • उच्च जोखिम वाले मरीजों की विशेष निगरानी।

इससे राज्य में गैर-संचारी रोगों के नियंत्रण को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों की राय

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि BP और शुगर जैसी बीमारियों का समय पर पता चलना हजारों लोगों को गंभीर बीमारियों से बचा सकता है।

उनके अनुसार—

  • शुरुआती जांच से उपचार आसान होता है,
  • स्वास्थ्य खर्च कम होता है,
  • जटिलताओं की संभावना घटती है,
  • लोगों की जीवन गुणवत्ता बेहतर होती है।

निष्कर्ष

झारखंड में BP और शुगर जांच अभियान के तहत एक वर्ष में 40 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह अभियान न केवल बीमारियों की शुरुआती पहचान कर रहा है, बल्कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी बना रहा है।

यदि इसी तरह अभियान को आगे बढ़ाया जाता है और नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जाता है, तो झारखंड गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के क्षेत्र में एक प्रभावी मॉडल बन सकता है। राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग की यह पहल लाखों लोगों के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

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Manish Singh Chandel
Manish Singh Chandelhttps://bhaiyajiinews.in
Manish Singh Chandel रांची और झारखंड से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग करने वाले एक अनुभवी पत्रकार हैं। वे Bhaiyajii News में मुख्य संवाददाता (Chief Reporter) के रूप में कार्यरत हैं और राज्य से जुड़े प्रशासनिक, सामाजिक, शैक्षणिक, रोजगार, कानून व्यवस्था और जनहित के मुद्दों पर नियमित रूप से तथ्यात्मक और ज़मीनी रिपोर्टिंग करते हैं। स्थानीय खबरों की गहरी समझ और तेज़ रिपोर्टिंग के लिए जाने जाने वाले मनीष सिंह चंदेल रांची एवं झारखंड के विभिन्न इलाकों से सामने आने वाली घटनाओं, सरकारी फैसलों और नागरिक समस्याओं को प्राथमिकता के साथ कवर करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य आम जनता तक सटीक, निष्पक्ष और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है। बतौर मुख्य संवाददाता, वे ब्रेकिंग न्यूज़, फॉलो-अप रिपोर्ट, व्याख्यात्मक लेख (Explainables) और जनहित से जुड़ी विशेष रिपोर्ट्स पर काम करते हैं। प्रशासनिक सूत्रों, स्थानीय अधिकारियों और ज़मीनी स्तर की जानकारी के आधार पर तैयार की गई उनकी खबरें पाठकों के बीच विश्वसनीयता के लिए जानी जाती हैं। Manish Singh Chandel मानते हैं कि स्थानीय पत्रकारिता लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी होती है। इसी सोच के साथ वे रांची और झारखंड के नागरिक मुद्दों, विकास कार्यों, शिक्षा एवं रोजगार से जुड़ी सूचनाओं को सरल भाषा में प्रस्तुत करते हैं, ताकि हर वर्ग तक खबर की सही जानकारी पहुँच सके। Bhaiyajii News के साथ उनकी भूमिका सिर्फ खबरें प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे संपादकीय मानकों, तथ्य-जांच और समयबद्ध रिपोर्टिंग को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी निभाते हैं।
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