Jharkhand Congress News : रांची में आयोजित एक महत्वपूर्ण संवाददाता सम्मेलन में झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने केंद्र सरकार, चुनाव आयोग, महंगाई, शिक्षा व्यवस्था और जातिगत जनगणना जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया में बड़ी संख्या में योग्य मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। कांग्रेस ने साफ कहा कि पार्टी चुनाव आयोग की प्रक्रिया का विरोध नहीं कर रही, लेकिन जिस तरीके से योग्य मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं, वह लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है।
“मतदाता चोरी हो रही है” : केशव महतो कमलेश
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि चुनाव आयोग का काम नए मतदाताओं को जोड़ना और मृत मतदाताओं के नाम हटाना है, लेकिन अब योग्य लोगों के नाम भी मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि “पहले प्रक्रिया में नाम कटते थे, अब सीधे नाम काटे जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरे राज्य में बूथ लेवल एजेंट (BLA) की नियुक्ति कर रही है। राज्य के 29 हजार बूथों में से अब तक 17,281 बीएलए नियुक्त किए जा चुके हैं। कांग्रेस का दावा है कि वह हर स्तर पर मतदाताओं के अधिकार की रक्षा करेगी।
70 लाख मतदाताओं की मैपिंग अब तक नहीं
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि झारखंड में लगभग 2 करोड़ 64 लाख मतदाताओं की मैपिंग की जानी है, लेकिन अभी तक करीब 70 लाख मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाई है।कांग्रेस ने आरोप लगाया कि एसआईआर (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया के दो चरणों में देशभर में लगभग छह करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जा चुके हैं और अगले चरण में चार करोड़ और नाम हटाए जाने की आशंका है।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पश्चिम बंगाल और बिहार में जो स्थिति बनी, उसे झारखंड में नहीं होने दिया जाएगा।
कांग्रेस का चुनाव आयोग पर बड़ा सवाल
कांग्रेस ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति पात्र और योग्य है तो उसका नाम मतदाता सूची से हटाना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह हर जिले और हर बूथ स्तर पर निगरानी करेगी ताकि कोई योग्य मतदाता सूची से बाहर न हो जाए।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले चुनावों को देखते हुए मतदाता सूची का मुद्दा राज्य की राजनीति में बड़ा विषय बन सकता है।
प्रदीप यादव ने केंद्र सरकार पर बोला हमला
कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देशभर में घूम-घूमकर “उपदेश” दे रहे हैं और अपनी असफलताओं को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि सिर्फ पांच दिनों में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें दो बार बढ़ाई गईं, जबकि महंगाई लगातार आम जनता की कमर तोड़ रही है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई को सही ठहराने की कोशिश कर रही है।
“रुपये का रिकॉर्ड स्तर पर अवमूल्यन”
प्रदीप यादव ने कहा कि भारतीय रुपये का रिकॉर्ड स्तर पर अवमूल्यन हुआ है और इसका असर आम लोगों की जिंदगी पर साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक दबाव के कारण छात्र और युवा बेहद परेशान हैं।उन्होंने यह भी दावा किया कि कई युवा मानसिक दबाव और बेरोजगारी के कारण आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं।
NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
कांग्रेस नेता ने NEET परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2024 में हुए पेपर लीक पर संसदीय समिति द्वारा दिए गए सुझावों को नजरअंदाज कर दिया गया।प्रदीप यादव ने आरोप लगाया कि शैक्षणिक संस्थानों में भाजपा और आरएसएस की विचारधारा लागू करने के लिए संगठन से जुड़े लोगों को बड़े पदों पर बैठाया जा रहा है।उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने के बजाय उनकी “पीठ थपथपाई” जा रही है।
जातिगत जनगणना और सरना धर्म कोड पर कांग्रेस का रुख
प्रेस वार्ता में कांग्रेस ने जातिगत जनगणना और सरना धर्म कोड के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया।प्रदीप यादव ने कहा कि जातिगत जनगणना समाज का “एक्सरे” है, जिससे पता चलता है कि कौन सा वर्ग किस स्थिति में है। उन्होंने कहा कि विकास योजनाएं वास्तविक सामाजिक स्थिति के आधार पर बननी चाहिए।उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि जातिगत जनगणना नहीं हो रही तो मकान गणना के दौरान 12वें कॉलम में मकान मालिक की जाति का उल्लेख क्यों किया जा रहा है।कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि पार्टी जातिगत जनगणना और सरना धर्म कोड के मुद्दे पर आंदोलन जारी रखेगी।
कांग्रेस ने क्या दी चेतावनी?
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि मतदाता सूची से योग्य लोगों के नाम हटाने की प्रक्रिया जारी रही तो पार्टी राज्यव्यापी आंदोलन करेगी।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदान का अधिकार सबसे बड़ा अधिकार है और किसी भी पात्र नागरिक को इससे वंचित नहीं किया जा सकता।
कई नेता रहे मौजूद
इस संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस के कई अन्य नेता और पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें राकेश सिन्हा, सोनाल शांति, सूर्यकांत शुक्ला, कमल ठाकुर और राजन वर्मा प्रमुख रूप से शामिल थे।प्रदेश कांग्रेस कमिटी की ओर से आयोजित यह प्रेस वार्ता राज्य की राजनीति में आने वाले दिनों में नए विवाद और बहस को जन्म दे सकती है।
निष्कर्ष
रांची में कांग्रेस द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में मतदाता सूची, महंगाई, शिक्षा व्यवस्था और जातिगत जनगणना जैसे कई बड़े मुद्दों को उठाया गया। कांग्रेस ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए योग्य मतदाताओं के नाम हटाने का विरोध किया है।वहीं केंद्र सरकार की आर्थिक और शिक्षा नीतियों पर भी कांग्रेस ने तीखा हमला बोला। आने वाले चुनावों और राजनीतिक माहौल को देखते हुए यह मुद्दे राज्य और देश की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकते हैं।







