Jharkhand Krishi Vyapar Mela 2026 : झारखंड की कृषि अर्थव्यवस्था को नई गति देने और किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने के उद्देश्य से राजधानी रांची के मोराबादी मैदान में 16 से 18 जून तक झारखंड कृषि व्यापार मेला 2026 का आयोजन किया जाएगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस मेगा आयोजन में राज्य और देशभर से किसान, कृषि वैज्ञानिक, एग्री-स्टार्टअप, मशीनरी निर्माता, उद्यमी और नीति निर्माता एक मंच पर जुटेंगे। मेले का मुख्य उद्देश्य किसानों को नई तकनीकों, आधुनिक उपकरणों और कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचारों से परिचित कराना है।
राज्य सरकार और कृषि विभाग इस आयोजन को झारखंड के सबसे बड़े कृषि व्यापार मंच के रूप में विकसित करने की तैयारी में हैं। अधिकारियों के अनुसार मेले में कृषि उत्पादन बढ़ाने, लागत कम करने और किसानों की आय बढ़ाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।
मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन
कृषि विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस मेले का उद्घाटन करेंगे। आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं और मोराबादी मैदान में बड़े-बड़े प्रदर्शनी मंडप, अस्थायी ढांचे और आवश्यक सुविधाएं तैयार की जा रही हैं। निर्माण कार्य मई के अंतिम सप्ताह से शुरू हुआ था और 13 जून तक सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी।
अधिकारियों का कहना है कि यह आयोजन केवल प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि किसानों के लिए सीखने, समझने और व्यापारिक अवसरों को तलाशने का भी मंच बनेगा।
200 स्टॉल में दिखेगी आधुनिक कृषि की तस्वीर
मेले में लगभग 200 स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां कृषि क्षेत्र से जुड़ी नई तकनीकों और उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा। कृषि निदेशक बिद्यानंद शर्मा पंकज के अनुसार मेले का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि विकास और नई तकनीकों से अवगत कराना है, ताकि वे बेहतर उत्पादन और अधिक लाभ प्राप्त कर सकें।
इन स्टॉलों में आधुनिक कृषि मशीनरी, उन्नत बीज, सिंचाई तकनीक, ड्रिप इरिगेशन सिस्टम, जैविक खेती के उत्पाद, कृषि उपकरण और डिजिटल एग्रीकल्चर से जुड़े समाधान प्रदर्शित किए जाएंगे।
किसानों को मिलेगी विशेषज्ञों से सीधे बातचीत की सुविधा
मेले की एक बड़ी विशेषता यह होगी कि किसानों को कृषि विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने का अवसर मिलेगा। विभिन्न विषयों पर तकनीकी सत्र और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें मिट्टी की उर्वरता, जल संरक्षण, जलवायु अनुकूल खेती, फसल प्रबंधन और कृषि विपणन जैसे विषय शामिल होंगे।
विशेषज्ञ किसानों को यह भी बताएंगे कि कम लागत में अधिक उत्पादन कैसे प्राप्त किया जा सकता है और बदलती जलवायु परिस्थितियों में कौन-सी खेती अधिक लाभदायक साबित हो सकती है।
कृषि के साथ पशुपालन और डेयरी पर भी फोकस
मेले में केवल खेती ही नहीं बल्कि पशुपालन, डेयरी, बागवानी और अन्य कृषि आधारित व्यवसायों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। विभाग का मानना है कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ सहायक गतिविधियों को बढ़ावा देना आवश्यक है।
इसी कारण डेयरी उद्योग, पशुपालन तकनीक, मत्स्य पालन और बागवानी से जुड़े स्टॉल भी लगाए जाएंगे। किसान इन क्षेत्रों में निवेश और रोजगार के अवसरों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
स्टार्टअप और नई तकनीकों को मिलेगा मंच
आज कृषि क्षेत्र में तकनीक की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। ड्रोन आधारित खेती, स्मार्ट सिंचाई प्रणाली, मोबाइल ऐप आधारित सलाह और एआई आधारित कृषि समाधान किसानों तक पहुंच रहे हैं।
मेले में कई एग्री-स्टार्टअप अपने उत्पाद और सेवाएं प्रदर्शित करेंगे। इससे किसानों को नई तकनीकों को समझने और अपनाने का अवसर मिलेगा। साथ ही स्टार्टअप कंपनियों को भी अपने नवाचारों को किसानों तक पहुंचाने का मंच मिलेगा।
व्यापार और नेटवर्किंग का मिलेगा अवसर
कृषि व्यापार मेला केवल ज्ञान का मंच नहीं होगा, बल्कि व्यापारिक अवसरों का केंद्र भी बनेगा। यहां किसान, व्यापारी, खरीदार, कृषि कंपनियां और वित्तीय संस्थान आपस में जुड़ सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से किसानों को बाजार की नई संभावनाओं की जानकारी मिलती है और उन्हें अपने उत्पादों के लिए बेहतर खरीदार खोजने में मदद मिलती है।
झारखंड की कृषि अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
झारखंड की बड़ी आबादी आज भी कृषि पर निर्भर है। राज्य सरकार कृषि को अधिक लाभकारी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। ऐसे में कृषि व्यापार मेला किसानों को नई जानकारी और अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाते हैं तो उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ लागत भी कम कर सकते हैं, जिससे उनकी आय में सुधार होगा।
50 हजार से अधिक लोगों के पहुंचने की उम्मीद
आयोजकों के अनुसार तीन दिनों के दौरान 50 हजार से अधिक लोगों के मेले में पहुंचने की संभावना है। 150 से अधिक प्रदर्शक और विभिन्न सरकारी संस्थाएं भी इसमें भाग लेंगी। मेले में लाइव डेमो, कृषि उपकरणों का प्रदर्शन, बिजनेस नेटवर्किंग और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
ग्रामीण उद्यमिता को मिलेगा प्रोत्साहन
मेले का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना भी है। कृषि आधारित उद्योग, प्रसंस्करण इकाइयां, मूल्य संवर्धन और ग्रामीण स्टार्टअप्स को मंच देकर सरकार युवाओं को कृषि क्षेत्र में नए अवसर तलाशने के लिए प्रेरित करना चाहती है।
निष्कर्ष
16 से 18 जून तक मोराबादी मैदान में आयोजित होने वाला झारखंड कृषि व्यापार मेला 2026 राज्य के किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन साबित हो सकता है। आधुनिक तकनीकों, विशेषज्ञ सलाह, व्यापारिक अवसरों और कृषि नवाचारों से भरपूर यह मेला किसानों को भविष्य की खेती के लिए तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यदि किसान यहां से मिली जानकारी और तकनीकों को अपने खेतों तक ले जाते हैं, तो झारखंड की कृषि अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल सकती है।







