झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026 : झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026 के मतदान के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही ने दावा किया है कि भाजपा समर्थित उम्मीदवार को 35 वोट मिलेंगे और उनकी जीत सुनिश्चित है। उनके इस बयान ने राज्यसभा चुनाव के दूसरे सीट के मुकाबले को और अधिक रोचक बना दिया है। राज्य की राजनीतिक गलियारों में इस दावे को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए मतदान हो रहा है। इनमें से एक सीट पर मुकाबला अपेक्षाकृत आसान माना जा रहा है, जबकि दूसरी सीट पर सत्तारूढ़ गठबंधन और एनडीए के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिल रहा है। ऐसे में भानु प्रताप शाही का यह दावा राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई अटकलों को जन्म दे रहा है।
क्या कहा भानु प्रताप शाही ने?
मतदान के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए भानु प्रताप शाही ने कहा कि भाजपा समर्थित उम्मीदवार को कुल 35 वोट प्राप्त होंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि एनडीए पूरी तरह एकजुट है और सभी विधायक गठबंधन के पक्ष में मतदान करेंगे। शाही ने कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा समर्थित उम्मीदवार की जीत स्पष्ट रूप से दिखाई देगी।
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के कई दावे केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित हैं और वास्तविकता मतदान के परिणामों में सामने आ जाएगी। उनके अनुसार एनडीए के पास आवश्यक समर्थन मौजूद है।
दूसरी सीट पर टिका है सबका ध्यान
राज्यसभा चुनाव की दूसरी सीट इस बार सबसे अधिक चर्चा में है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस सीट पर जीत-हार का अंतर बेहद कम हो सकता है। यही वजह है कि सभी दल अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने और वोटों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटे रहे।
राज्यसभा चुनाव में संख्या बल सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए हर एक वोट का महत्व बढ़ जाता है। झारखंड विधानसभा में मौजूदा राजनीतिक स्थिति को देखते हुए दूसरी सीट का परिणाम काफी दिलचस्प माना जा रहा है।
भाजपा समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में माहौल
एनडीए नेताओं का दावा है कि भाजपा समर्थित उम्मीदवार को अपेक्षा से अधिक समर्थन मिल सकता है। चुनाव से पहले कई दौर की बैठकों में गठबंधन के नेताओं ने रणनीति तैयार की थी। भाजपा नेताओं का कहना है कि सभी विधायक एकजुट हैं और मतदान के दौरान किसी प्रकार की क्रॉस वोटिंग की संभावना नहीं है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि भाजपा समर्थित उम्मीदवार को 35 वोट मिलते हैं तो यह एनडीए के लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि मानी जाएगी। इससे राज्य की राजनीति में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच नए समीकरण भी बन सकते हैं।
इंडिया गठबंधन भी कर रहा जीत का दावा
दूसरी ओर झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम), कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों वाला इंडिया गठबंधन भी अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रहा है। गठबंधन नेताओं का कहना है कि उनके सभी विधायक एकजुट हैं और कोई भी सदस्य पार्टी लाइन से अलग मतदान नहीं करेगा।
इंडिया गठबंधन का दावा है कि उनके पास पर्याप्त संख्या बल है और चुनाव परिणाम उनके पक्ष में आएगा। यही कारण है कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं और राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है।
क्रॉस वोटिंग पर बनी हुई है नजर
राज्यसभा चुनाव में अक्सर क्रॉस वोटिंग चर्चा का विषय बनती है। कई बार विधायकों द्वारा पार्टी लाइन से हटकर मतदान करने की घटनाएं सामने आती रही हैं। इस बार भी राजनीतिक दलों की नजर अपने-अपने विधायकों पर बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कहीं भी क्रॉस वोटिंग होती है तो इसका सीधा असर चुनाव परिणाम पर पड़ सकता है। हालांकि सभी दल सार्वजनिक रूप से यह दावा कर रहे हैं कि उनके विधायक पूरी तरह एकजुट हैं।
झारखंड की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण चुनाव
राज्यसभा चुनाव केवल सांसद चुनने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह राज्य की राजनीतिक ताकत और गठबंधन की मजबूती का भी परीक्षण माना जाता है। चुनाव के नतीजे आने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि किस गठबंधन की रणनीति अधिक सफल रही।
झारखंड में आगामी राजनीतिक गतिविधियों और विधानसभा चुनावों के लिहाज से भी इस चुनाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक दल इसे अपनी ताकत दिखाने के अवसर के रूप में देख रहे हैं।
परिणाम पर टिकी सबकी नजर
मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सभी की नजर मतगणना और परिणाम पर टिकी हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अंतिम परिणाम कई चौंकाने वाले संकेत दे सकता है। यदि भानु प्रताप शाही का दावा सही साबित होता है तो यह एनडीए के लिए बड़ी सफलता होगी।
वहीं यदि इंडिया गठबंधन अपनी रणनीति में सफल रहता है तो यह सत्ता पक्ष के लिए एक बड़ी राजनीतिक जीत मानी जाएगी। फिलहाल दोनों खेमों में उत्साह और उम्मीद का माहौल बना हुआ है।
निष्कर्ष
झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026 की दूसरी सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही द्वारा भाजपा समर्थित उम्मीदवार को 35 वोट मिलने का दावा राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है। अब चुनाव परिणाम ही तय करेंगे कि किस गठबंधन का गणित सही साबित होता है। पूरे राज्य की नजर इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले पर टिकी हुई है और राजनीतिक दलों के दावे जल्द ही मतगणना के साथ परखे जाएंगे।







