Jharkhand Yoga Day : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर झारखंड सरकार ने इस बार बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालय 21 जून को खुले रहेंगे और विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा अभिभावकों की भागीदारी के साथ सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शिक्षा विभाग का लक्ष्य राज्यभर में लगभग 50 लाख छात्रों को योग गतिविधियों से जोड़ना है। इस उद्देश्य से 12 जून से विशेष जागरूकता अभियान भी शुरू किया जाएगा।
राज्य सरकार का मानना है कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली का आधार है। इसी सोच के साथ विद्यालय स्तर पर व्यापक कार्यक्रम तैयार किए गए हैं ताकि बच्चों में कम उम्र से ही योग के प्रति रुचि विकसित हो सके।
21 जून को खुलेंगे सभी सरकारी स्कूल
आमतौर पर जून महीने में कई विद्यालयों में अवकाश या सीमित गतिविधियां रहती हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूल विशेष रूप से खोले जाएंगे। इस दिन विद्यार्थियों को योग के महत्व से अवगत कराया जाएगा और सामूहिक योगाभ्यास कराया जाएगा।
शिक्षा विभाग द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। स्कूलों में योग प्रशिक्षकों और शिक्षकों की मदद से विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया जाएगा।
‘योगमय झारखंड’ अभियान की शुरुआत
राज्य सरकार ने इस वर्ष योग दिवस को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के लिए ‘योगमय झारखंड’ अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत विद्यालयों में योग प्रतियोगिताएं, जागरूकता कार्यक्रम, पोस्टर निर्माण, निबंध लेखन और सामूहिक अभ्यास सत्र आयोजित किए जाएंगे।
अभियान का उद्देश्य केवल एक दिन का आयोजन करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को नियमित रूप से योग अपनाने के लिए प्रेरित करना है। अधिकारियों का मानना है कि यदि बच्चे बचपन से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाते हैं तो भविष्य में कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है।
50 लाख विद्यार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य
इस बार राज्य सरकार ने योग दिवस को लेकर महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। शिक्षा विभाग के अनुसार, राज्यभर के लगभग 50 लाख विद्यार्थियों को इस अभियान से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इसके लिए स्कूल स्तर से लेकर जिला स्तर तक विशेष कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों और अभिभावकों से भी सहयोग लिया जाएगा। कई स्थानों पर सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से बड़े योग शिविर आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।
बच्चों को बताए जाएंगे योग के फायदे
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को योग के शारीरिक और मानसिक लाभों की जानकारी भी दी जाएगी। विशेषज्ञ बताएंगे कि नियमित योगाभ्यास से शरीर की लचक बढ़ती है, तनाव कम होता है और एकाग्रता में सुधार आता है।
शिक्षकों का कहना है कि आज के डिजिटल युग में बच्चे लंबे समय तक मोबाइल और कंप्यूटर का उपयोग करते हैं, जिससे उनकी शारीरिक गतिविधियां कम हो गई हैं। ऐसे में योग उन्हें सक्रिय और स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
प्रतियोगिताओं से बढ़ेगी रुचि
योग दिवस को रोचक बनाने के लिए विद्यालयों में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इनमें योग प्रदर्शन, पोस्टर मेकिंग, स्लोगन लेखन, निबंध प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हो सकते हैं।
इन गतिविधियों के माध्यम से छात्रों को योग के महत्व को समझने और उसे अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। कई स्कूलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित करने की भी योजना है।
शिक्षकों को भी दिया जाएगा प्रशिक्षण
योग दिवस के सफल आयोजन के लिए शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसलिए कई जिलों में शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में उन्हें योगाभ्यास की सही तकनीक और बच्चों को योग सिखाने के तरीके बताए जाएंगे।
शिक्षा विभाग का मानना है कि प्रशिक्षित शिक्षक विद्यालयों में योग संस्कृति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
स्वास्थ्य के प्रति बढ़ेगी जागरूकता
विशेषज्ञों का कहना है कि योग केवल बीमारी से बचाव का माध्यम नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का तरीका है। नियमित योग से शारीरिक क्षमता, मानसिक संतुलन और भावनात्मक स्थिरता में सुधार होता है।
कोविड महामारी के बाद लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है। ऐसे में योग दिवस जैसे कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य संबंधी सकारात्मक संदेश पहुंचाने का कार्य करते हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विशेष महत्व
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हर वर्ष 21 जून को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने 2014 में भारत के प्रस्ताव पर इसे आधिकारिक मान्यता दी थी। इसके बाद से दुनिया के अनेक देशों में योग दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।
भारत में यह दिवस केवल सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। इसी कारण केंद्र और राज्य सरकारें हर वर्ष इसे व्यापक स्तर पर आयोजित करती हैं।
निष्कर्ष
झारखंड में इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर अभूतपूर्व तैयारियां की जा रही हैं। 21 जून को सभी सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे और लगभग 50 लाख विद्यार्थियों को योग से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। ‘योगमय झारखंड’ अभियान के जरिए राज्य सरकार बच्चों और युवाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ योग को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। यदि यह अभियान सफल रहता है तो झारखंड योग के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम कर सकता है।







