एसपी अनुदीप सिंह के निर्देश पर जिलेभर में चला विशेष पुलिस अभियान
Koderma Police Security Audit| 17 जनवरी 2026
जिले में बढ़ती सतर्कता और अपराध नियंत्रण को और मजबूत करने के उद्देश्य से अनुदीप सिंह, पुलिस अधीक्षक, कोडरमा के निर्देश पर आभूषण दुकानों, बैंकों, एटीएम और अन्य वित्तीय संस्थानों का विशेष सुरक्षा ऑडिट अभियान तेज कर दिया गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना, लूट, चोरी और डकैती जैसी घटनाओं की रोकथाम करना तथा नागरिकों और व्यापारियों में सुरक्षा की भावना को और मजबूत करना है।
पुलिस प्रशासन द्वारा यह अभियान जिले के सभी थाना एवं ओपी क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है। इसके तहत आभूषण दुकानें, राष्ट्रीयकृत और निजी बैंक, एटीएम, माइक्रो फाइनेंस संस्थान, बीमा कार्यालय और अन्य वित्तीय प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था का गहन और तकनीकी निरीक्षण किया जा रहा है।
क्यों जरूरी है सुरक्षा ऑडिट अभियान
पिछले कुछ वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों में आभूषण दुकानों और बैंकों को निशाना बनाकर आपराधिक घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में कोडरमा पुलिस द्वारा समय रहते सुरक्षा ऑडिट कर संभावित खतरों को पहचानना और उन्हें दूर करना एक एहतियाती और दूरदर्शी कदम माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों की समीक्षा कर ली जाए, तो किसी भी बड़ी आपराधिक घटना को होने से पहले ही रोका जा सकता है।
जिलेभर में चला गहन निरीक्षण अभियान
इस विशेष अभियान के दौरान सभी थाना और ओपी प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में स्थित वित्तीय संस्थानों का भौतिक और तकनीकी दोनों स्तरों पर निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा से जुड़े हर छोटे-बड़े पहलू को बारीकी से जांचा जा रहा है।
सुरक्षा ऑडिट के प्रमुख बिंदु
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सुरक्षा ऑडिट के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष फोकस किया जा रहा है—
1. सीसीटीवी कैमरा व्यवस्था
- प्रतिष्ठान में लगे सीसीटीवी कैमरों की कुल संख्या
- कैमरों का कवरेज एरिया, ताकि कोई भी कोना बिना निगरानी के न रहे
- कैमरों की रिजॉल्यूशन क्वालिटी और नाइट विजन क्षमता
- रिकॉर्डिंग की न्यूनतम अवधि और बैकअप सिस्टम
- डीवीआर और एनवीआर सिस्टम की सुरक्षा एवं सुचारू संचालन
2. अलार्म और पैनिक बटन सिस्टम
- लूट या आपात स्थिति में अलार्म सिस्टम की उपलब्धता
- पैनिक बटन की स्थिति और उसकी कार्यक्षमता
- अलार्म के सीधे पुलिस कंट्रोल रूम से कनेक्ट होने की व्यवस्था
3. भौतिक सुरक्षा इंतजाम
- प्रवेश और निकास द्वार की संख्या और उन पर नियंत्रण
- मजबूत शटर, ग्रिल, ताले और बायोमेट्रिक लॉक की स्थिति
- प्रशिक्षित सुरक्षा गार्ड की तैनाती और उनकी ड्यूटी व्यवस्था
- प्रतिष्ठान के भीतर और बाहर स्पष्ट दृश्यता
4. पुलिस संपर्क जानकारी का प्रदर्शन
सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों में सुलभ और स्पष्ट स्थान पर संबंधित थाना प्रभारी, पुलिस निरीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के मोबाइल नंबर प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि आपात स्थिति में तुरंत संपर्क किया जा सके।
5. रात्रि सुरक्षा और प्रकाश व्यवस्था
- रात्रि गश्ती की आवश्यकता वाले संवेदनशील क्षेत्र
- प्रतिष्ठानों के बाहर और अंदर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था
- आसपास के अंधेरे स्थानों की पहचान और सुधार
कमियां मिलने पर तत्काल निर्देश
सुरक्षा ऑडिट के दौरान जिन प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों की कमी पाई जा रही है, उन्हें मौके पर ही मौखिक और लिखित दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।
पुलिस द्वारा प्रतिष्ठान संचालकों को एक निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी जरूरी सुधार करने को कहा जा रहा है। वहीं, यदि किसी प्रतिष्ठान में गंभीर लापरवाही पाई जाती है, तो उसके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी जा रही है।
पुलिस अधीक्षक का स्पष्ट संदेश
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह ने कहा कि आभूषण दुकानों और वित्तीय संस्थानों में होने वाली आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए सुरक्षा ऑडिट एक अत्यंत प्रभावी उपाय है।
उन्होंने कहा कि पुलिस अकेले सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकती, इसके लिए प्रतिष्ठान प्रबंधन और कर्मचारियों का सहयोग भी उतना ही जरूरी है। सभी संचालकों से अपेक्षा की जाती है कि वे पुलिस द्वारा सुझाए गए सुरक्षा मानकों का पूर्ण रूप से पालन करें।
आम नागरिकों और व्यापारियों से अपील
कोडरमा पुलिस ने आम जनता, व्यवसायियों और बैंक कर्मियों से अपील की है कि—
- किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या डायल 112 पर दें
- सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें और अनजान व्यक्तियों पर नजर बनाए रखें
- पुलिस के साथ सहयोग कर सुरक्षित माहौल बनाने में भागीदार बनें
लगातार और चरणबद्ध रूप से जारी रहेगा अभियान
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह सुरक्षा ऑडिट अभियान किसी एक दिन या एक चरण तक सीमित नहीं रहेगा। कोडरमा पुलिस इसे निरंतर और चरणबद्ध तरीके से आगे भी जारी रखेगी।
इससे न केवल अपराध नियंत्रण को मजबूती मिलेगी, बल्कि जिले के नागरिकों, व्यापारियों और बैंक कर्मचारियों में सुरक्षा को लेकर भरोसा भी और मजबूत होगा।
– पुलिस अधीक्षक, कोडरमा




