पलामू में अवैध अफीम–पोस्ता खेती पर बड़ा एक्शन, 4 एकड़ फसल नष्ट | Jharkhand News | Bhaiyajii News

पलामू में अवैध अफीम–पोस्ता खेती पर बड़ा एक्शन, पांकी क्षेत्र में 4 एकड़ फसल नष्ट | Jharkhand News | Bhaiyajii News

पांकी थाना क्षेत्र में पुलिस–वन विभाग का संयुक्त विनष्टीकरण अभियान

पलामू में अवैध अफीम–पोस्ता17 जनवरी 2026
पलामू जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पलामू पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत आज 17 जनवरी 2026 को पांकी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम आबून के जंगली इलाके में वन भूमि पर अवैध रूप से की जा रही अफीम/पोस्ता की खेती को नष्ट किया गया। इस कार्रवाई में करीब 04 एकड़ क्षेत्रफल में लगी फसल को पूरी तरह विनष्ट किया गया।

यह विनष्टीकरण अभियान पांकी थाना और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा संचालित किया गया, जिसमें पुलिस पदाधिकारियों, सशस्त्र बल और वन विभाग के कर्मियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

जंगलों में चल रही थी अवैध खेती

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पांकी थाना क्षेत्र के ग्राम आबून के आसपास के जंगली और दुर्गम क्षेत्रों में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा वन भूमि का दुरुपयोग कर अवैध अफीम और पोस्ता की खेती की जा रही है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने रणनीति बनाकर मौके पर छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान देखा गया कि जंगल के अंदर सुनियोजित तरीके से अफीम/पोस्ता की खेती की गई थी, ताकि प्रशासन की नजर से बचा जा सके। इसके बाद टीम ने मौके पर ही पूरी फसल को नष्ट करने की कार्रवाई की।

इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका

इस संयुक्त अभियान में पांकी थाना के कई वरिष्ठ और कनिष्ठ पदाधिकारी शामिल रहे, जिनमें—

  • पु०अ०नि० रविन्द्र राहुल साय
  • स०अ०नि० मो० जावेद
  • स०अ०नि० रविन्द्र कुमार
  • ताल पिकेट के पदाधिकारी स०अ०नि० मुरारी दास
  • स०अ०नि० सुनील सुभाष भेंगरा

के साथ सशस्त्र बल एवं वन विभाग की टीम ने अभियान को सफल बनाया।

दोषियों की पहचान की प्रक्रिया शुरू

पुलिस और वन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से अवैध अफीम/पोस्ता की खेती में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों के अनुसार—

  • खेती करने वालों के नाम–पता का सत्यापन किया जा रहा है
  • सत्यापन पूर्ण होने के बाद वन विभाग द्वारा वन अधिनियम के अंतर्गत संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ वन वाद दर्ज किया जाएगा
  • दोषियों पर विधिसम्मत और सख्त कार्रवाई की जाएगी

पुलिस का कहना है कि अवैध मादक पदार्थों की खेती न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे समाज, युवाओं और पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचता है।

लगातार जारी रहेगा अभियान

पलामू पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई किसी एक दिन तक सीमित नहीं है। जिले में अवैध अफीम, पोस्ता और अन्य मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ निरंतर और चरणबद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार,

“अवैध मादक पदार्थों की खेती को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में पुलिस और वन विभाग मिलकर सख्त कार्रवाई करेंगे।”

क्यों है यह कार्रवाई अहम

पलामू और आसपास के कुछ इलाकों में पिछले वर्षों में जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में अवैध अफीम/पोस्ता की खेती की शिकायतें सामने आती रही हैं। इससे—

  • युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ती है
  • संगठित अपराध और तस्करी को बढ़ावा मिलता है
  • वन भूमि और पर्यावरण को नुकसान होता है

इन्हीं कारणों से पुलिस प्रशासन द्वारा इस तरह के विनष्टीकरण अभियान को प्राथमिकता दी जा रही है।

आम लोगों से पुलिस की अपील

पलामू पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी—

  • जंगल या खेतों में संदिग्ध खेती
  • अफीम या पोस्ता की फसल
  • मादक पदार्थों से जुड़ी गतिविधियां

दिखाई दें, तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस प्रशासन को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

प्रशासन का सख्त संदेश

इस कार्रवाई के माध्यम से पलामू पुलिस और वन विभाग ने साफ संदेश दिया है कि अवैध मादक पदार्थों की खेती करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।
कानून का उल्लंघन करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

— पुलिस अधीक्षक, पलामू

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