नामकुम अवैध हथियार गिरफ्तारी : राजधानी रांची के नामकुम थाना क्षेत्र में पुलिस ने अपराध नियंत्रण अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए मो. खालिद उर्फ खालिद बंगाली उर्फ चुजा (26 वर्ष) को एक लोडेड देशी कट्टा, दो जिंदा गोलियां और एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी 10 जून 2026 को सामलौंग में हुई गोलीबारी की घटना का मुख्य आरोपी है और लंबे समय से गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहा था।
गुप्त सूचना पर बनी विशेष छापेमारी टीम
रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक को रविवार को सूचना मिली कि नामकुम थाना क्षेत्र के कुटियातु स्थित 89 आर्मी ग्राउंड के पास कुछ अपराधी इकट्ठा होकर किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) प्रथम के नेतृत्व में नामकुम थाना प्रभारी, पुलिस पदाधिकारी, सशस्त्र बल और गश्ती दल की संयुक्त टीम का गठन किया गया।
पुलिस को देखते ही भागने लगे अपराधी
जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो वहां मौजूद दो संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर अलग-अलग दिशाओं में भागने लगे। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर पीछा किया, जिसमें मो. खालिद को पकड़ लिया गया जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
तलाशी में मिला लोडेड देशी कट्टा
गिरफ्तार आरोपी की विधिवत तलाशी लेने पर उसकी कमर से एक लोडेड देशी कट्टा बरामद हुआ। इसके अलावा उसकी जेब से दो जिंदा गोलियां और एक वीवो कंपनी का एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी मिला। पुलिस ने सभी सामान को मौके पर ही जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
शमशेर गोलीकांड का मुख्य आरोपी निकला
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने 10 जून 2026 को नामकुम थाना क्षेत्र के सामलौंग स्थित अराफात अपार्टमेंट के पास मो. शमशेर आलम पर गोली चलाई थी। पुलिस के अनुसार यह हमला पुराने जमीन विवाद और आपसी रंजिश का बदला लेने के उद्देश्य से किया गया था। इस मामले में नामकुम थाना में पहले से ही मामला दर्ज है।
पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं दो आरोपी
पुलिस ने बताया कि इसी गोलीकांड में शामिल दो अन्य आरोपी सद्दाम उर्फ टीपू और मो. ईरशाद आलम को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। अब मुख्य आरोपी मो. खालिद की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को मामले में कई अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है।
आदतन अपराधी है मो. खालिद
पुलिस जांच में सामने आया है कि मो. खालिद पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ अवैध हथियार रखने और अन्य आपराधिक मामलों में पहले से केस दर्ज हैं।
मो. खालिद का आपराधिक इतिहास
- वर्ष 2022 में लोअर बाजार थाना में आर्म्स एक्ट का मामला।
- वर्ष 2024 में डेली मार्केट थाना में आर्म्स एक्ट का मामला।
- वर्ष 2026 में नामकुम थाना में शमशेर गोलीकांड और आर्म्स एक्ट का मामला।
पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय था और कई मामलों में आरोप पत्र भी दाखिल किया जा चुका है।
बरामद सामान
पुलिस ने आरोपी के पास से निम्नलिखित सामान जब्त किया है—
- एक देशी कट्टा
- दो जिंदा कारतूस
- एक वीवो एंड्रॉयड मोबाइल फोन
इन सभी सामानों को जब्त कर विधिसम्मत कार्रवाई की गई है।
फरार साथी की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी के बयान के आधार पर फरार अपराधी की तलाश तेज कर दी गई है। संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
रांची पुलिस का अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी
रांची पुलिस लगातार अवैध हथियार रखने वाले अपराधियों के खिलाफ अभियान चला रही है। हाल के दिनों में कई मामलों में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
निष्कर्ष
नामकुम थाना क्षेत्र में मो. खालिद की गिरफ्तारी को रांची पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। इस कार्रवाई से न केवल शमशेर गोलीकांड की जांच को नई दिशा मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई का भी स्पष्ट संदेश गया है। पुलिस का कहना है कि अपराध और अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।







