Patratu Police News : झारखंड के रामगढ़ जिले में police ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संगठित अपराध से जुड़े छह अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पतरातू थाना क्षेत्र में की गई, जहां पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे हैं। पुलिस ने समय रहते छापेमारी कर न केवल अपराधियों को पकड़ा, बल्कि भारी मात्रा में हथियार, जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल भी बरामद किए।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि गिरफ्तार अपराधियों का संबंध राहुल दुबे गिरोह से बताया जा रहा है, जो पिछले कुछ महीनों से पतरातू और आसपास के इलाकों में दहशत फैलाने वाली कई घटनाओं में शामिल रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई को रामगढ़ पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
कैसे मिली पुलिस को सूचना?
पुलिस अधीक्षक, रामगढ़ के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पतरातू के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया था। 25 मई 2026 को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि पतरातू थाना क्षेत्र में कुछ अपराधी एकत्र होकर किसी बड़ी घटना की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और मानव सूचना के आधार पर कार्रवाई शुरू की।
इसके बाद पुलिस टीम ने तेजी से छापेमारी करते हुए कुल छह अपराधियों और एक विधि-विरुद्ध किशोर को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी सक्रिय अपराधी गिरोह से जुड़े हुए हैं और पहले भी कई आपराधिक घटनाओं में शामिल रह चुके हैं।
गिरफ्तार अपराधियों के नाम
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं:
- विकास साव
- विशाल कुमार
- बिट्टू कुमार रवि
- हीरालाल कुमार
- दिगंबर प्रजापति उर्फ डेगन
- एहतेशाम अंसारी उर्फ दुर्लभ
- एक विधि-विरुद्ध किशोर
इन सभी को पुलिस ने पतरातू थाना कांड संख्या 126/26 के तहत गिरफ्तार किया है।
भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से कई खतरनाक सामान बरामद किए। इनमें शामिल हैं:
- 7.62 एमएम देसी पिस्टल – 1
- पिस्टल मैगजीन – 2
- जिंदा कारतूस – 34
- मोटरसाइकिल – 3
- एंड्रॉयड मोबाइल – 6
पुलिस का कहना है कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी वारदात में किया जा सकता था। समय रहते कार्रवाई होने से संभावित आपराधिक घटना टल गई।
राहुल दुबे गिरोह से जुड़े हैं आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार सभी अपराधी राहुल दुबे गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई पुरानी घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। इनमें रेलवे फ्लाईओवर गेट पर गोलीबारी, ओसम डेयरी प्लांट के गेट पर फायरिंग और अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट में गोलीबारी जैसी घटनाएं शामिल हैं।
यह खुलासा पुलिस के लिए बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि लंबे समय से इन घटनाओं के पीछे सक्रिय गिरोह की तलाश की जा रही थी।
कौन-कौन सी धाराएं लगीं?
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। इनमें शामिल हैं:
- BNS की धारा 111(2)(b)
- 111(3)
- 111(4)
- 317(5)
- 308(3)
- 308(4)
- 61(2)(a)
- Arms Act की धारा 25(1-b)a, 25(6), 26 और 35
इन धाराओं के तहत आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
अपराधियों का पुराना आपराधिक इतिहास
पुलिस प्रेस विज्ञप्ति में कई आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड का भी खुलासा किया गया है। विकास साव के खिलाफ पहले से आर्म्स एक्ट और रंगदारी से जुड़े मामले दर्ज हैं। वहीं दिगंबर प्रजापति उर्फ डेगन पर हत्या के प्रयास, रंगदारी और आर्म्स एक्ट से जुड़े कई केस दर्ज हैं।
बिट्टू कुमार रवि पर भी पहले हत्या के प्रयास और मारपीट जैसे गंभीर आरोपों में केस दर्ज हो चुका है।
यह रिकॉर्ड दर्शाता है कि गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से अपराध जगत में सक्रिय थे।
पुलिस टीम की भूमिका
इस सफल कार्रवाई में कई पुलिस अधिकारियों और जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। छापेमारी दल में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पतरातू सहित कई थाना प्रभारी और तकनीकी शाखा के अधिकारी शामिल थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संगठित अपराध और रंगदारी गिरोहों के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
इलाके में बढ़ी थी दहशत
पिछले कुछ महीनों में पतरातू और रामगढ़ क्षेत्र में गोलीबारी और रंगदारी की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं। उद्योगों, प्लांटों और व्यवसायियों को निशाना बनाया जा रहा था। इससे स्थानीय लोगों और व्यापारियों में डर का माहौल बन गया था।
रेलवे फ्लाईओवर, डेयरी प्लांट और सीमेंट प्लांट पर हुई फायरिंग की घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी। ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई आम लोगों के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है।
झारखंड में संगठित अपराध पर पुलिस की सख्ती
हाल के वर्षों में झारखंड पुलिस संगठित अपराध, रंगदारी और गैंगवार के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। रामगढ़, रांची, धनबाद और बोकारो जैसे औद्योगिक इलाकों में अपराधी गिरोहों की गतिविधियां बढ़ी थीं। पुलिस अब तकनीकी निगरानी, मानव सूचना और विशेष छापेमारी दलों की मदद से ऐसे गिरोहों पर नकेल कस रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से अपराधियों में डर पैदा होगा और औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई को सराहा
पतरातू क्षेत्र के लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि अपराधियों की गिरफ्तारी से लोगों में भरोसा बढ़ेगा और व्यवसायिक गतिविधियां सुरक्षित माहौल में चल सकेंगी।कई लोगों ने सोशल Media पर भी रामगढ़ पुलिस की तारीफ करते हुए इसे बड़ी सफलता बताया है।
निष्कर्ष
रामगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई केवल छह अपराधियों की गिरफ्तारी भर नहीं है, बल्कि यह संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ा संदेश भी है। समय रहते कार्रवाई कर पुलिस ने संभावित बड़ी घटना को टाल दिया। हथियारों और कारतूस की बरामदगी यह साबित करती है कि आरोपी गंभीर वारदात की तैयारी में थे।अब पुलिस की आगे की जांच से यह पता लगाया जाएगा कि इस गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है और किन-किन लोगों का इससे संबंध है। फिलहाल इस कार्रवाई से पतरातू और आसपास के क्षेत्रों में राहत का माहौल जरूर बना है।







