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रामगढ़ में पुलिस पर हमला, नईसराय चौक हिंसा मामले में 6 नामजद समेत 25 अज्ञात पर FIR | Jharkhand News | Bhaiyajii News |

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रामगढ़ पुलिस हमला : रामगढ़ जिले के नईसराय चौक पर सड़क दुर्घटना के बाद हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर हमला करने के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने इस मामले में छह नामजद आरोपियों समेत 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है, जबकि पुलिस वीडियो फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।

यह घटना रामगढ़ जिले के नईसराय चौक की है, जहां सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो जाने के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। आक्रोशित लोगों ने मृतक के शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया, जिससे रामगढ़-बोकारो मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले हुई सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलने के बाद परिजन और स्थानीय लोग नाराज हो गए। न्याय और मुआवजे की मांग को लेकर लोगों ने नईसराय चौक पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया।

प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति धीरे-धीरे तनावपूर्ण होती चली गई। इसी दौरान भीड़ के कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी और देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया।

पुलिसकर्मियों पर पथराव, सरकारी कार्य में बाधा

प्राथमिकी में दर्ज शिकायत के अनुसार, भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया। इस दौरान कई पुलिसकर्मियों को चोटें भी आईं। बताया जा रहा है कि एक अधिकारी पर ईंट का टुकड़ा फेंका गया, जबकि एक अन्य जवान के पैर में गंभीर चोट लगी।

स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कुछ पुलिसकर्मियों को अपनी सुरक्षा के लिए पास की दुकानों में शरण लेनी पड़ी। पुलिस का आरोप है कि कुछ लोगों ने जानबूझकर भीड़ को उकसाया और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की।

छह नामजद और 25 अज्ञात पर FIR

रामगढ़ यातायात थाना में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार चंदन, पप्पू, सलमान, गौतम, काशिब और फरीद को नामजद आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा 20 से 25 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

वीडियो और CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। नईसराय चौक और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए मोबाइल वीडियो की भी जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। यदि जांच में और लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा।

घायल पुलिसकर्मियों का कराया गया इलाज

हमले में घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल रामगढ़ सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया गया। चिकित्सकों के अनुसार घायल जवानों की स्थिति फिलहाल स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।

पुलिस विभाग ने इस घटना को बेहद गंभीर माना है। अधिकारियों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

देर रात तक लगा रहा जाम

नईसराय चौक पर लगा सड़क जाम देर रात तक जारी रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं। यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

बाद में प्रशासनिक अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और वाहन मालिक के बीच बातचीत हुई। वार्ता के दौरान मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता देने और सरकारी मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया गया।

समझौते के बाद रात करीब 11:30 बजे जाम समाप्त हुआ और यातायात सामान्य हो सका।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती

रामगढ़ जिले में हाल के दिनों में सड़क दुर्घटनाओं और विरोध प्रदर्शनों की घटनाएं बढ़ी हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती बन जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि दुर्घटनाओं के बाद पीड़ित परिवारों को समय पर सहायता और उचित संवाद मिलने से ऐसी तनावपूर्ण स्थितियों को रोका जा सकता है। वहीं हिंसक प्रदर्शन और पुलिस पर हमला किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।

प्रशासन ने लोगों से की शांति बनाए रखने की अपील

रामगढ़ जिला प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि मृतक के परिवार को न्याय दिलाने की प्रक्रिया जारी है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन सरकारी कार्य में बाधा डालना, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और पुलिस पर हमला करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

निष्कर्ष

नईसराय चौक की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और जनता के बीच बेहतर संवाद कितना जरूरी है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

रामगढ़ पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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