रांची रंगदारी मामला : झारखंड की राजधानी रांची में एक बार फिर रंगदारी का मामला सामने आया है। कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के नाम पर शहर के दो बड़े कारोबारियों से 5-5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला प्रकाश में आया है। बताया जा रहा है कि एक प्रतिष्ठित ज्वेलरी व्यवसायी और एक बिल्डर को व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए धमकी दी गई है। रंगदारी नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी गई है।
घटना के सामने आने के बाद रांची पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। कारोबारी वर्ग में इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है, क्योंकि हाल के वर्षों में झारखंड के विभिन्न शहरों में व्यवसायियों से रंगदारी मांगने के कई मामले सामने आ चुके हैं।
दो बड़े कारोबारियों को बनाया निशाना
जानकारी के अनुसार, रांची के चर्चित ज्वेलरी व्यवसायी और एक बिल्डर को अलग-अलग माध्यमों से धमकी भरे संदेश भेजे गए। संदेश में प्रत्येक कारोबारी से 5 करोड़ रुपये की मांग की गई। आरोप है कि रकम नहीं देने पर जान-माल के नुकसान की धमकी दी गई।
दोनों कारोबारियों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस मोबाइल नंबर, कॉल डिटेल और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
प्रिंस खान के नाम का इस्तेमाल
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक धमकी देने वाले लोगों ने खुद को गैंगस्टर प्रिंस खान के नेटवर्क से जुड़ा बताया। प्रिंस खान का नाम झारखंड में पहले भी कई रंगदारी और धमकी के मामलों में सामने आता रहा है। पुलिस को संदेह है कि अपराधी कारोबारी वर्ग में भय पैदा करने के लिए उसके नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं।
हालांकि जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि धमकी देने वाले वास्तव में किसी संगठित गिरोह से जुड़े हैं या केवल प्रिंस खान का नाम लेकर वसूली की कोशिश कर रहे हैं।
कारोबारियों में बढ़ी चिंता
रांची, धनबाद, बोकारो और हजारीबाग जैसे शहरों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान व्यवसायियों को रंगदारी मांगने की घटनाएं लगातार सामने आई हैं। कई मामलों में व्हाट्सएप कॉल, इंटरनेट कॉलिंग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग किया गया है।
व्यापारिक संगठनों का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों से कारोबारी वर्ग में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की जांच
रांची पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल और तकनीकी टीम को भी जांच में लगाया गया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कॉल और मैसेज किस नंबर से भेजे गए और उनका वास्तविक स्रोत क्या है।
अधिकारियों के अनुसार धमकी देने वालों की पहचान के लिए डिजिटल ट्रैकिंग, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
झारखंड में कई बार कारोबारियों, बिल्डरों और होटल संचालकों को रंगदारी की धमकी मिलने के मामले सामने आए हैं। हाल के वर्षों में कई व्यवसायियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनसे करोड़ों रुपये की मांग की गई थी। कुछ मामलों में अपराधियों ने भुगतान नहीं करने पर गोलीबारी और हमले तक की घटनाओं को अंजाम दिया था।
यही कारण है कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है।
संगठित अपराध पर प्रशासन की नजर
राज्य पुलिस लगातार संगठित अपराध और रंगदारी नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही है। विभिन्न जिलों में अपराधियों की संपत्तियों की जांच, गिरफ्तारी अभियान और तकनीकी निगरानी बढ़ाई गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रंगदारी मांगने वाले किसी भी गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डिजिटल माध्यम बन रहे अपराध का जरिया
विशेषज्ञों का कहना है कि आजकल अपराधी व्हाट्सएप कॉल, इंटरनेट कॉलिंग और सोशल मीडिया का उपयोग कर रहे हैं। इससे उनकी पहचान छिपी रहती है और जांच एजेंसियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी होती हैं।
हालांकि साइबर तकनीक और डिजिटल फॉरेंसिक की मदद से ऐसे मामलों का खुलासा तेजी से किया जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था पर जोर
मामले के बाद पुलिस ने संवेदनशील कारोबारियों और प्रमुख व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध कराने पर भी विचार किया जा सकता है।
व्यापारिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि रंगदारी और धमकी के मामलों में विशेष निगरानी तंत्र विकसित किया जाए।
निष्कर्ष
रांची में ज्वेलर्स और बिल्डर से 5-5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला राजधानी में संगठित अपराध की चुनौती को फिर सामने लाया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और धमकी देने वालों की पहचान के प्रयास जारी हैं। कारोबारी वर्ग को उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जाएगा। फिलहाल पूरे मामले पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नजर बनी हुई है।







