रांची फाइलेरिया अभियान: फाइलेरिया जैसी गंभीर और आजीवन विकलांगता का कारण बनने वाली बीमारी को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से रांची जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां और तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) 2026 की द्वितीय समीक्षा बैठक आज उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त रांची, श्री सौरभ कुमार भुवानिया ने की।
यह महत्वपूर्ण बैठक उप विकास आयुक्त के कार्यालय कक्ष में संपन्न हुई, जिसमें स्वास्थ्य विभाग, विभिन्न प्रखंडों के प्रशासनिक अधिकारी तथा संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य फाइलेरिया रोधी दवा वितरण की प्रगति की समीक्षा करना और शत-प्रतिशत लक्षित आबादी को आच्छादित करने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करना था।
शत-प्रतिशत लक्षित जनसंख्या तक दवा पहुंचाने का निर्देश
बैठक में उप विकास आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन हर हाल में 100 प्रतिशत लक्षित जनसंख्या तक सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़ा एक बड़ा अभियान है, जिसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, चिकित्सा पदाधिकारियों और दवा प्रशासकों को निर्देशित किया कि वे माइक्रो प्लान के अनुसार कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति दवा सेवन से वंचित न रह जाए।
लापरवाही पर शो कॉज नोटिस का निर्देश
बैठक के दौरान यह भी निर्देश दिया गया कि जो दवा प्रशासक समय पर फाइलेरिया रोधी दवा वितरण नहीं कर पाए हैं, उन्हें शो कॉज नोटिस जारी किया जाए। उप विकास आयुक्त ने दो टूक कहा कि जनस्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की जाए और जिन क्षेत्रों में दवा वितरण का प्रतिशत कम है, वहां विशेष अभियान चलाया जाए।
कांके, सोनाहातु और तमाड़ की प्रगति की समीक्षा
बैठक में विभिन्न प्रखंडों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कांके प्रखंड में अब तक 84 प्रतिशत, सोनाहातु में 90 प्रतिशत तथा तमाड़ में 93 प्रतिशत लक्षित आबादी को फाइलेरिया रोधी दवा दी जा चुकी है।
जिले के समग्र आंकड़ों के अनुसार अब तक कुल 88 प्रतिशत लोगों ने फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन किया है। हालांकि प्रशासन का लक्ष्य 100 प्रतिशत कवरेज प्राप्त करना है, जिसके लिए विशेष रणनीति बनाई गई है।
उप विकास आयुक्त ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कांके के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी कांके को निर्देश दिया कि 15 मार्च 2026 तक छूटे हुए लोगों को दवा खिलाना सुनिश्चित करें।
घर-घर जाकर दवा वितरण की रणनीति
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जो छात्र स्कूल में अनुपस्थित रहे हैं या जो लोग पर्व-त्योहार के दौरान बाहर से अपने गांव-घर आए हैं और दवा सेवन से वंचित रह गए हैं, उन्हें घर-घर जाकर दवा दी जाएगी।
इसके लिए आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका और स्वास्थ्य कर्मियों की टीमों को सक्रिय किया जाएगा। प्रत्येक प्रखंड में विशेष निगरानी दल गठित कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी व्यक्ति दवा लेने से न चूके।
फाइलेरिया: एक गंभीर लेकिन रोकथाम योग्य बीमारी
फाइलेरिया एक परजीवी संक्रमण है जो मच्छरों के माध्यम से फैलता है। यह बीमारी हाथ-पैरों और अन्य अंगों में असामान्य सूजन पैदा कर सकती है, जिससे व्यक्ति को जीवनभर शारीरिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अभियान के तहत एक साथ बड़ी आबादी को दवा देकर संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ा जा सकता है। नियमित रूप से दवा सेवन करने से इस बीमारी की रोकथाम संभव है।
प्रशासन की प्रतिबद्धता और जनभागीदारी का महत्व
उप विकास आयुक्त ने बैठक में कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों से अपील की कि वे इसे मिशन मोड में लेकर कार्य करें।
उन्होंने कहा कि जब तक 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त नहीं हो जाता, तब तक अभियान जारी रहेगा। जनसहभागिता इस अभियान की सफलता की कुंजी है। यदि प्रत्येक नागरिक स्वयं दवा ले और दूसरों को भी प्रेरित करे, तो फाइलेरिया मुक्त रांची का सपना जल्द साकार हो सकता है।
नागरिकों से अपील
जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्होंने अभी तक फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन नहीं किया है, तो वे निकटतम स्वास्थ्य केंद्र, आशा कार्यकर्ता या निर्धारित बूथ पर जाकर दवा अवश्य लें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है। किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रांति पर ध्यान न दें और अपने परिवार व पड़ोसियों को भी दवा सेवन के लिए प्रेरित करें।
बैठक में उपस्थित पदाधिकारी
बैठक में सिविल सर्जन सदर रांची, डॉ. प्रभात कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी कांके श्री विजय कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सोनाहातु, JSLPS के पदाधिकारी, जिला भी.वी.डी. पदाधिकारी, एफ.एल.ए. एवं पिरामल संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
सभी ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि रांची जिला को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
जन शिकायत हेतु आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर
रांची जिला प्रशासन ने जन शिकायत और सुझाव के लिए आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर “अबुआ साथी – 9430328080” जारी किया है। नागरिक इस नंबर पर अपनी समस्याएं, सुझाव या शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
निष्कर्ष
मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन 2026 की यह द्वितीय बैठक रांची जिला प्रशासन की गंभीरता और सक्रियता को दर्शाती है। समयबद्ध योजना, सख्त मॉनिटरिंग और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से रांची जिला फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
यदि सभी नागरिक इस अभियान में सहयोग करें, तो निकट भविष्य में रांची ही नहीं, बल्कि पूरा झारखंड फाइलेरिया मुक्त राज्य बनने की दिशा में मजबूत कदम रखेगा।


