रांची अदिति केस : झारखंड की राजधानी रांची में 18 महीने की मासूम अदिति पांडेय के लापता होने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। कई दिनों से बच्ची का कोई सुराग नहीं मिलने के बाद अब पुलिस ने जांच को और तेज कर दिया है। रांची पुलिस, तकनीकी टीम, फॉरेंसिक एक्सपर्ट और NDRF की मदद से बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चला रही है। पुलिस ने घटनास्थल का दोबारा री-क्रिएशन भी किया ताकि यह समझा जा सके कि आखिर बच्ची के साथ क्या हुआ।
यह मामला पूरे रांची शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक लोग मासूम अदिति को ढूंढने की अपील कर रहे हैं। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और हर गुजरते दिन के साथ चिंता बढ़ती जा रही है।
9 मई की शाम से लापता है अदिति
जानकारी के मुताबिक रांची के कोकर स्थित खोरहा टोली इलाके से 18 महीने की अदिति 9 मई की शाम अचानक लापता हो गई थी। परिवार के अनुसार बच्ची घर के बाहर खेल रही थी, तभी वह अचानक गायब हो गई। पहले परिजनों को लगा कि बच्ची आसपास कहीं चली गई होगी, लेकिन काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला।
इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। शुरुआत में आशंका जताई गई कि बच्ची पास के नाले में गिर गई होगी, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, मामला और रहस्यमय होता चला गया।
पुलिस ने किया ‘क्राइम सीन’ री-क्रिएशन
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल का दोबारा री-क्रिएशन किया। अधिकारियों ने यह समझने की कोशिश की कि बच्ची किस दिशा में गई होगी और किन परिस्थितियों में वह गायब हुई। पुलिस टीम ने घर के आसपास की गलियों, नालियों और आसपास के रास्तों की बारीकी से जांच की।
जांच के दौरान CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। आसपास के लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हर संभावित एंगल से मामले की जांच कर रही है।
नाली से नदी तक चल रहा सर्च ऑपरेशन
अदिति की तलाश में पुलिस ने बड़े पैमाने पर सर्च अभियान चलाया है। नालियों से लेकर नदी तक कई इलाकों में तलाशी ली जा रही है। NDRF और गोताखोरों की टीम भी इस अभियान में शामिल है। कई जगहों पर मशीनों और उपकरणों की मदद से तलाशी अभियान चलाया गया।
स्थानीय लोग भी इस खोज अभियान में पुलिस की मदद कर रहे हैं। पूरे इलाके में पोस्टर लगाए गए हैं और बच्ची की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
नाले में मिले अवशेष से बढ़ी चिंता
जांच के दौरान घर के पास एक नाले की झाड़ियों में कुछ मांस के टुकड़े मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने इन अवशेषों को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये मानव अवशेष हैं या नहीं।
पुलिस DNA टेस्ट कराने की तैयारी कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि मिले अवशेषों का संबंध बच्ची से है या नहीं। इस खबर के बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई है।
पिता ने जताई अपहरण की आशंका
मामले में नया मोड़ तब आया जब अदिति के पिता ने दावा किया कि उनकी बेटी नाले में नहीं गिरी बल्कि उसका अपहरण किया गया है। उन्होंने कहा कि बच्ची अचानक इस तरह गायब नहीं हो सकती। परिवार लगातार पुलिस से अपहरण के एंगल पर जांच करने की मांग कर रहा है।परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सच्चाई सामने आने में देर हो सकती है। परिवार लगातार प्रशासन और आम लोगों से मदद की अपील कर रहा है।
सूचना देने पर रखा गया इनाम
रांची पुलिस ने अदिति के बारे में सूचना देने वाले के लिए 50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा भी की है। पुलिस का कहना है कि बच्ची से जुड़ी कोई भी छोटी जानकारी जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को बच्ची के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
मुख्यमंत्री भी हुए सक्रिय
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री Hemant Soren ने भी अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों से मामले की जानकारी ली और जल्द से जल्द बच्ची को खोजने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने जांच और सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया है।
पूरे शहर में भावुक माहौल
अदिति की गुमशुदगी ने पूरे रांची को भावुक कर दिया है। सोशल मीडिया पर हजारों लोग बच्ची की सुरक्षित वापसी की दुआ कर रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय युवाओं ने भी खोज अभियान में हिस्सा लिया है।लोगों का कहना है कि इतने छोटे बच्चे का अचानक गायब हो जाना बेहद चिंताजनक है और इस मामले की सच्चाई जल्द सामने आनी चाहिए।
बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद शहर में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चों को अकेला छोड़ना खतरनाक साबित हो सकता है। शहरी इलाकों में खुले नाले, सुनसान जगहें और सुरक्षा की कमी बड़े हादसों का कारण बन सकती हैं। वहीं कुछ लोग इस मामले में मानव तस्करी और अपहरण जैसे एंगल की भी जांच की मांग कर रहे हैं।
पुलिस के सामने बड़ी चुनौती
रांची पुलिस के लिए यह मामला अब बड़ी चुनौती बन चुका है। एक तरफ परिवार का दबाव है तो दूसरी तरफ पूरे शहर की नजरें इस केस पर टिकी हैं। पुलिस हर तकनीकी और वैज्ञानिक तरीके का इस्तेमाल कर रही है ताकि जल्द से जल्द बच्ची का पता लगाया जा सके। हालांकि अभी तक कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी है।
विशेषज्ञों ने क्या कहा?
क्राइम एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे मामलों में शुरुआती 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन और आसपास के लोगों से पूछताछ जांच की दिशा तय कर सकती है। फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में बड़ा खुलासा हो सकता है।
निष्कर्ष
रांची की मासूम अदिति की गुमशुदगी अब पूरे राज्य की चिंता बन चुकी है। पुलिस नाली से लेकर नदी तक सर्च ऑपरेशन चला रही है और हर एंगल से जांच कर रही है। परिवार लगातार बच्ची की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है। अब सभी की नजरें DNA रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी हैं, जो इस रहस्यमयी मामले की सच्चाई सामने ला सकती है।







