रांची जिला प्रशासन ने नशे और अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आयोजित District NCORD Committee (Narcotics Control Coordination) की महत्वपूर्ण बैठक में जिले में ड्रग्स, अफीम की खेती, अवैध नशा तस्करी और गैरकानूनी नशा मुक्ति केंद्रों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि रांची युवा बहुल जिला है और आने वाली पीढ़ी को नशे के खतरे से बचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए समन्वित रणनीति लागू की जाएगी।
अफीम की खेती रोकने के लिए पंचायत स्तर पर अभियान
बैठक में अफीम की अवैध खेती को लेकर गंभीर चिंता जताई गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले के सभी पंचायतों के मुखिया, प्रधान, समाजसेवी और स्थानीय संगठनों के साथ मिलकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। प्रशासन चाहता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को अफीम की खेती के कानूनी और सामाजिक नुकसान के बारे में जानकारी दी जाए ताकि इस पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
उपायुक्त ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जिन लोगों का पहले अफीम की खेती से संबंध रहा है, उनकी निगरानी की जाए ताकि वे दोबारा इस अवैध गतिविधि से न जुड़ें। प्रशासन ने पंचायत स्तर पर JSLPS के सहयोग से नशा मुक्ति अभियान चलाने का भी निर्णय लिया है।
ड्रग्स तस्करों पर होगी कड़ी कार्रवाई
बैठक में जिले के सभी थाना क्षेत्रों में ड्रग हॉटस्पॉट्स की पहचान कर विशेष निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया गया। प्रशासन ने कहा कि ड्रग्स बेचने वालों और तस्करी नेटवर्क पर लगातार नजर रखी जाएगी। NDPS Act के अंतर्गत लंबित मामलों की जांच और अभियोजन प्रक्रिया को तेज करने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने का आदेश दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि ड्रग तस्करों की संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य केवल छोटे अपराधियों पर कार्रवाई करना नहीं बल्कि पूरे नेटवर्क को खत्म करना है।
गैरकानूनी नशा मुक्ति केंद्रों पर कार्रवाई
बैठक में जिले में गैर कानूनी तरीके से चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को ऐसे केंद्रों की जांच कर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। प्रशासन का मानना है कि कई जगहों पर बिना मान्यता और आवश्यक सुविधाओं के नशा मुक्ति केंद्र चलाए जा रहे हैं, जिससे लोगों की सुरक्षा पर खतरा पैदा हो सकता है।
स्कूल और कॉलेजों में चलेगा जागरूकता अभियान
प्रशासन ने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि नशे की लत से प्रभावित युवाओं की पहचान कर उन्हें डी-एडिक्शन सेंटर से जोड़ा जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति समाज के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। ऐसे में जागरूकता अभियान और समय पर हस्तक्षेप बेहद जरूरी है।
मेडिकल दुकानों की होगी सघन जांच
बैठक में मेडिकल दुकानों, फार्मेसी और केमिकल दुकानों की सघन जांच करने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन ने कहा कि प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
कई मामलों में पाया गया है कि नशीली दवाओं का दुरुपयोग मेडिकल दुकानों के जरिए भी हो रहा है। इसी कारण अब ड्रग इंस्पेक्टर और पुलिस संयुक्त रूप से जांच अभियान चलाएंगे।
सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ेगी निगरानी
रांची जिला प्रशासन ने सीमावर्ती क्षेत्रों और प्रमुख परिवहन मार्गों पर चेक पोस्ट मजबूत करने का फैसला लिया है। पड़ोसी जिलों और राज्यों के साथ समन्वय स्थापित कर इंटर-स्टेट ड्रग तस्करी पर रोक लगाने की रणनीति बनाई जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि ड्रग्स तस्करी का नेटवर्क कई जिलों और राज्यों तक फैला होता है। इसलिए संयुक्त कार्रवाई बेहद जरूरी है।
जनता से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से भी नशे के खिलाफ अभियान में सहयोग की अपील की है। प्रशासन ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को ड्रग तस्करी, अवैध ड्रग्स की बिक्री, गांजा या अफीम की खेती से जुड़ी कोई जानकारी मिले तो वह बिना अपनी पहचान बताए “मादक पदार्थ निषेध सूचना केंद्र” के टोल फ्री नंबर 1933 पर सूचना दे सकता है।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
“नशा मुक्त रांची” बनाने का लक्ष्य
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि प्रशासन, पुलिस और सभी विभाग मिलकर “नशा मुक्त रांची” बनाने के लक्ष्य की दिशा में काम करेंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के दलदल से बाहर निकालना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बैठक में NCORD पोर्टल पर नियमित अपडेट, मासिक समीक्षा और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
जनगणना को लेकर भी अहम जानकारी
बैठक के दौरान प्रशासन ने नागरिकों को आगामी जनगणना प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी। प्रशासन ने बताया कि नागरिकों की सुविधा के लिए 15 मई 2026 तक स्वगणना की व्यवस्था की गई है। लोग ऑनलाइन पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर स्वयं अपना विवरण दर्ज कर सकते हैं।
इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 1855 भी जारी किया गया है ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी होने पर सहायता मिल सके।
निष्कर्ष
रांची जिला प्रशासन द्वारा ड्रग्स, अफीम की खेती और नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ शुरू किया गया अभियान राज्य में नशा नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। प्रशासन अब पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक समन्वित कार्रवाई की तैयारी में है। आने वाले दिनों में ड्रग तस्करों, अवैध नशा कारोबारियों और गैरकानूनी नशा मुक्ति केंद्रों पर बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।







