रांची पुलिस जागरूकता अभियान : युवाओं को नशे, साइबर अपराध और सड़क दुर्घटनाओं जैसी बढ़ती सामाजिक चुनौतियों से बचाने के उद्देश्य से रांची पुलिस ने सोमवार को राजधानी के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), रांची में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में रांची पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने छात्रों को नशा मुक्ति, साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक (सिटी) परस राणा, पुलिस अधीक्षक (ट्रैफिक) राकेश सिंह, उपाधीक्षक (साइबर) प्रदीप कुमार सहित कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने छात्रों के साथ संवाद करते हुए उन्हें सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
नशे से दूर रहने का दिया संदेश
कार्यक्रम की शुरुआत नशा मुक्ति विषय पर चर्चा से हुई। पुलिस अधीक्षक (सिटी) परस राणा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में नशीले पदार्थों का बढ़ता प्रचलन समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। युवाओं को लक्ष्य से भटकाने और उनके भविष्य को नुकसान पहुंचाने में नशे की बड़ी भूमिका होती है।
उन्होंने कहा कि नशे की लत व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक संतुलन और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करती है। कई बार नशे की वजह से युवा अपराध की दुनिया में भी प्रवेश कर जाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहें और अपने जीवन में सकारात्मक सोच, खेल, शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों को प्राथमिकता दें।
परस राणा ने कहा कि स्वस्थ और जागरूक युवा ही देश और समाज के बेहतर भविष्य की नींव रख सकते हैं।
ट्रैफिक नियमों के पालन पर जोर
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक (ट्रैफिक) राकेश सिंह ने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत में हर साल हजारों लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवा देते हैं, जिनमें अधिकांश दुर्घटनाएं लापरवाही और नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं।
उन्होंने छात्रों को हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग की अनिवार्यता के बारे में बताया। साथ ही कहा कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और हमेशा निर्धारित गति सीमा का पालन करना चाहिए।
राकेश सिंह ने कहा कि ट्रैफिक नियम केवल कानूनी बाध्यता नहीं बल्कि जीवन की सुरक्षा का आधार हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपने माता-पिता और परिवार के सदस्यों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
साइबर अपराध से बचने के उपाय बताए
डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों को देखते हुए कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। उपाधीक्षक (साइबर) प्रदीप कुमार ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया फ्रॉड, फिशिंग, फर्जी लिंक, साइबर बुलिंग और बैंकिंग ठगी जैसे अपराधों के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि आज अपराधी तकनीक का उपयोग करके लोगों को ठगने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में हर व्यक्ति को डिजिटल रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है।
प्रदीप कुमार ने छात्रों को सलाह दी कि वे किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, संदिग्ध वेबसाइटों से दूर रहें और सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचें। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी, बैंक खाता विवरण, एटीएम पिन या पासवर्ड किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए।
महिला सुरक्षा और ऑनलाइन सुरक्षा पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा और ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इंटरनेट का उपयोग करते समय लड़कियों और महिलाओं को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।
छात्राओं को बताया गया कि यदि उन्हें सोशल मीडिया या किसी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसी प्रकार की धमकी, अभद्रता, ब्लैकमेलिंग या उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है तो वे तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराध के खिलाफ समय पर शिकायत दर्ज कराना बेहद जरूरी है ताकि अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा सके।
1930 हेल्पलाइन और साइबर पोर्टल की जानकारी
रांची पुलिस के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी या साइबर अपराध की घटना होती है तो वह तुरंत 1930 पर कॉल कर सकता है।
इसके अलावा छात्रों को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के बारे में भी बताया गया, जहां ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है। अधिकारियों ने कहा कि समय पर शिकायत करने से कई मामलों में वित्तीय नुकसान को रोका जा सकता है।
छात्रों ने दिखाई उत्साहपूर्ण भागीदारी
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे और अधिकारियों से समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों ने नशा मुक्ति, साइबर सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों को लेकर गहरी रुचि दिखाई।
छात्रों ने संकल्प लिया कि वे न केवल स्वयं इन नियमों का पालन करेंगे बल्कि अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी जागरूक करने का प्रयास करेंगे।
जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
रांची पुलिस द्वारा आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को सामाजिक, डिजिटल और व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि विद्यालय स्तर पर ऐसे कार्यक्रम युवाओं में सही सोच और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में मदद करते हैं।
रांची पुलिस का यह अभियान न केवल अपराध और दुर्घटनाओं की रोकथाम में सहायक होगा, बल्कि एक सुरक्षित, जागरूक और जिम्मेदार समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।







