रातू में अवैध मोरम खनन : झारखंड की राजधानी रांची में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी क्रम में शुक्रवार को रातू थाना क्षेत्र में अवैध मोरम खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मोरम लोड कर रहे एक हाईवा ट्रक और एक जेसीबी मशीन को जब्त किया गया। इस मामले में चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। यह कार्रवाई अवैध खनन पर रोक लगाने और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
क्षेत्र भ्रमण के दौरान सामने आया मामला
जानकारी के अनुसार, रातू के अंचल अधिकारी रवि कुमार नियमित क्षेत्र भ्रमण पर थे। इसी दौरान सिमलिया (तिलता) मौजा में उन्होंने बिना वैध अनुमति के मोरम की खुदाई और उसकी ढुलाई होते देखी। मामला संज्ञान में आते ही उन्होंने तत्काल रातू थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस की गश्ती टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू कर दी।
हाईवा और जेसीबी मौके से जब्त
पुलिस ने मौके से मोरम लोड कर रहे एक हाईवा ट्रक और एक जेसीबी मशीन को जब्त कर लिया। कार्रवाई के दौरान हाईवा चालक अजय हेम्ब्रम और जेसीबी चालक शंकर प्रजापति को हिरासत में लिया गया। दोनों वाहनों को रातू थाना लाया गया, जहां आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
चार लोगों पर दर्ज हुई प्राथमिकी
पुलिस ने इस मामले में हाईवा चालक, हाईवा मालिक, जेसीबी चालक और जेसीबी मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपियों पर अवैध खनन और अवैध परिवहन से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम (MMDR Act) तथा झारखंड माइनर मिनरल्स कंसेशन रूल्स के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
जांच का दायरा बढ़ा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती कार्रवाई के बाद अब पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि अवैध मोरम खनन में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। यदि जांच में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
अवैध मोरम खनन क्यों है गंभीर समस्या?
मोरम का उपयोग सड़क निर्माण, भवन निर्माण और अन्य विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर किया जाता है। बढ़ती मांग के कारण कई स्थानों पर बिना अनुमति के खनन किया जाता है। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान होता है और पर्यावरण पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है। अनियंत्रित खुदाई से खेतों, जल स्रोतों और आसपास के प्राकृतिक संतुलन पर नकारात्मक असर पड़ता है। यही कारण है कि प्रशासन समय-समय पर ऐसे मामलों में कार्रवाई करता रहता है।
प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी
रांची जिला प्रशासन ने कहा है कि बिना वैध लीज या अनुमति के किसी भी प्रकार का खनन या खनिज परिवहन पूरी तरह गैरकानूनी है। यदि कोई व्यक्ति अवैध खनन या परिवहन में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं अवैध खनन की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों या पुलिस को दें।
पहले भी हो चुकी हैं कई कार्रवाई
रांची जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पिछले कुछ महीनों के दौरान अवैध बालू, पत्थर और मोरम खनन के खिलाफ लगातार अभियान चलाए गए हैं। कई बार भारी वाहनों, मशीनों और अवैध खनिजों को जब्त किया गया है। प्रशासन का मानना है कि नियमित छापेमारी और निगरानी से अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है।
स्थानीय लोगों ने की कार्रवाई की सराहना
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खनन के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें खराब होती हैं और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। भारी वाहनों की आवाजाही से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन की यह कार्रवाई सकारात्मक पहल है और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहनी चाहिए।
निष्कर्ष
रातू थाना क्षेत्र में अवैध मोरम खनन के खिलाफ की गई यह कार्रवाई प्रशासन के सख्त रुख को दर्शाती है। हाईवा और जेसीबी की जब्ती तथा चार लोगों पर प्राथमिकी दर्ज होने से स्पष्ट संदेश गया है कि अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। पुलिस और खनन विभाग अब पूरे मामले की गहन जांच कर रहे हैं और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।







